बापूधाम में तीन और पॉजिटिव मिले, प्रशासक बोले- रिपोर्ट आने तक मरीज को अस्पताल में रखा जाए
- प्रशासक ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, कंटेनमेंट व बफर जोन में जांच पर जताई संतुष्टि
- कहा- कंटेनमेंट जोन में रोजाना कराएं सैनिटाइजेशन, स्वास्थ्य कर्मचारी सुरक्षा उपकरण जरूर पहनें
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बापूधाम में मंगलवार को तीन और मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। नए मरीजों में 60 वर्ष और 61 वर्ष के दो बुजुर्गों के अलावा 22 वर्ष का एक युवक शामिल है। यह तीनों मरीज जीएमएसएच-16 में भर्ती हैं। तीन और मरीजों के मिलने के बाद शहर में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 279 हो गई है। लगातार तीन दिनों से बापूधाम में तेजी से बढ़ते कोरोना के मरीजों की संख्या ने प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
वहीं, बापूधाम में बनाए गए सैंपल कलेक्शन सेंटर पर मंगलवार को भी कोरोना के 32 संदिग्ध मरीजों का नमूना लिया गया। पुराने 100 नमूनों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। शहर में अब तक 4207 संदिग्ध मरीजों की जांच हो चुकी है, जिनमें से 3828 रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं अब तक चार कोरोना पॉजिटव मरीजों की मौत भी हो चुकी है।
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सूद धर्मशाला से 29 मरीज गए घर
पीजीआई और धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज से सूद धर्मशाला में क्वारंटीन किए गए कोरोना के 122 मरीजों में से मंगलवार को 29 मरीजों को घर भेज दिया गया। इन मरीजों को 19 मई को यहां 7 दिनों के लिए क्वारंटीन किया गया था। इन मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखे।
सेक्टर-48 के हॉस्पिटल में भर्ती किए जाएंगे कोरोना के गंभीर मरीज
शहर में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सेक्टर-48 स्थित 100 बेड के नए अस्पताल को भी इमरजेंसी कोविड यूनिट के तौर पर तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। जीएमसीएच-32 के अस्पताल प्रशासन की देखरेख में इस अस्पताल में आईसीयू समेत अन्य यूनिटों को स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है।
इसी क्रम में सोमवार को हॉस्पिटल में पांच वेंटिलेटर लगाए गए। इसके साथ ही वहां नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी भी लगा दी गई है। जानकारी के अनुसार, पीजीआई और सेक्टर-48 के 100 बेड वाले हॉस्पिटल में कोरोना के गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। फिलहाल पीजीआई में भर्ती लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक होकर जा चुके हैं।
मौजूदा समय में वहां कोरोना के तीन मरीज भर्ती हैं। तीनों को आईसीयू में रखा गया है। मौजूद समय में मरीजों को डिस्चार्ज करने की नई गाइडलाइन के अनुसार पीजीआई से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों को सूद धर्मशाला और धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज में 7 से 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जा रहा है।
कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट आने तक मरीज को अस्पताल में ही रखा जाए: बदनौर
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंगलवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बापूधाम के कंटेनमेंट जोन और बफर जोन में कोरोना वायरस की हो रही जांच को लेकर संतुष्टि जाहिर की। साथ ही सलाह दी कि जिस व्यक्ति के कोरोना की जांच की जा रही है, उसका रिजल्ट आने तक उसे जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में ही रखा जाए।
प्रशासक ने सभी सरकारी कर्मचारियों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी देते वक्त सभी नियमों का पालन करें और सुरक्षा उपकरण जरूर पहनें। प्रशासक ने नगर निगम के कमिश्नर केके यादव को आदेश दिए कि वह कंटेनमेंट जोन में रोजाना सैनिटाइजेशन कराएं।
साथ ही बदनौर ने कहा कि शहर के कुछ कंटेनमेंट जोन और बफर जोन को खोलने को लेकर उनके पास कुछ प्रेजेंटेशन आईं हैं। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उस पर काम किया जा रहा है। प्रशासक ने कहा कि उन्हें बापूधाम के लोगों को हो रही है कठिनाई और असुविधाओं के बारे में पता है लेकिन संक्रमण को रोकने के लिए इन कदमों को भी उठाना अनिवार्य है।
विदेश से 83, घरेलू फ्लाइट से आए 70 लोग
स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि अब तक शहर में विदेश से 83 लोग आए हैं, जिनमें से 16 लोगों को सात दिन तक होटल में रखने के बाद उनकी जांच की गई। जांच में रिपोर्ट के निगेटिव आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। इसके अलावा घरेलू फ्लाइट से यात्रा कर शहर में करीब 70 लोग आए हैं, जिन्हें केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार घर पर सेल्फ-मॉनिटरिंग पर रखा गया है। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि शहर के विभिन्न हिस्सों से सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन और बफर जोन की बाउंड्री को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही तय किया जाएगा।
बापूधाम के लोगों को न गंवानी पड़े नौकरी, मालिकों से किया संपर्क
वित्त सचिव एके सिन्हा ने बताया कि अब तक 31000 लोगों को स्पेशल श्रमिक ट्रेनों व बसों के माध्यम से उनके घर तक भेजा जा चुका है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि बापूधाम के कंटेनमेंट जोन घोषित होने की वजह से वहां फंसे लोगों को नौकरी न गंवानी पड़े और पूरी तनख्वाह मिले। इसके लिए यहां के लोगों से जहां वह काम करते हैं, उनके संपर्क नंबर लिए गए हैं और उनसे संपर्क किया गया है और नौकरी से नहीं निकालने के लिए आग्रह किया गया है।