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गुरदासपुरः सेंट्रल जेल में कैदियों से मिले मोबाइल, अफसरों के खिलाफ धरने पर बैठे
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
Updated Wed, 23 May 2018 10:40 AM IST
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गुरदासपुर सेंट्रल जेल
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केंद्रीय जेल में मंगलवार को सुबह अफरातफरी मच गई जब जेल प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने जेल में तलाशी अभियान छेड़ते हुए बैरक नंबर 8 से 3 मोबाइल बरामद किए। मोबाइल मिलने से जेल में बंद कैदी भड़क गए और बैरक की छत पर चढ़ गए और जेल प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। कैदियों की भीड़ को शांत करने के लिए दो जेल कर्मचारियों ने प्रयास किया लेकिन कैदी उनसे भिड़ गए।
इसके बाद जेल प्रशासन ने बाहर से जिला पुलिस की टुकड़ियां मंगाईं। लेकिन तब तक कैदियों की भीड़ ने जेल में अपनी विरासत कायम ली। उन्होंने टावर नंबर 7 के पास की दीवार और ग्रिल तोड़ी और पत्थरों से टावर के शीशे तथा लाइटें तोड़ डाली। कैदियों ने जेल के एक हिस्से में आग लगाकर जमकर उत्पात मचाया। जेल परिसर के आसपास बने घरों के लोगों ने बताया कि जेल में हो रही पत्थरबाजी के कारण उनके घरों तक पत्थर आ रहे थे।
जेल अधिकारी नशे में करते हैं पिटाई
कैदियों ने नारेबाजी के दौरान जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जेल अधिकारी शराब के नशे में उनकी पिटाई करते हैं। आए दिन चेकिंग के नाम पर उन्हें परेशान किया जाता है। तब तक जिला पुलिस की टुकड़ियों ने केंद्रीय जेल को किले में तबदील कर दिया और जल्द ही आग पर काबू पा लिया। जल्द ही सभी कैदियों हवालातियों को बैरकों के ऊपर से उतारकर अंदर बंद कर दिया गया। जिला पुलिस का हर बड़ा छोड़ा अफसर वहां मौजूद था, जिनमें एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर भी मौजूद थे। जिनके साथ सीजेएम भी थे।
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एसएसपी भुल्लर ने कहा- सभी प्रोटेस्ट कर रहे थे, किस पर करें केस
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसएसपी भुल्लर ने बताया कि जेल में अचानक छापेमारी की गई। जिसके चलते बैरक नंबर 8 से 3 मोबाइल बरामद हुए हैं। मोबाइल मिलने की जांच चल रही है कि यह किसके मोबाइल हैं। मोबाइल जब्त करने पर कुछ कैदियों ने जेल कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की की कोशिश की। लेकिन बाद में उन्होंने बैरक के अंदर ही हुड़दंग मचाया। लेकिन समय रहते मामले को शांत कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि जेल में किसी ने भी नारेबाजी नहीं की, न ही कोई ग्रिल तोड़ी और न ही आग लगाने का प्रयास किया है। इस संबंध में जब जेल सुपरिंटेंडेंट करणजीत सिंह संधू से बात की तो उन्होंने कहा कि कैदी केवल आठ नंबर बैरक जोकि डबल स्टोरी है पर चढे़ थे और प्रोटेस्ट कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी कैदी पर केस दर्ज किया गया है। तो उन्होंने कहा कि सारे कैदी हवालाती प्रोटेस्ट कर रहे थे, मामला किस पर दर्ज करें। उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है कि तीन मोबाइल किसके हैं, उनके खिलाफ करवाई की जाएगी।
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इसके बाद जेल प्रशासन ने बाहर से जिला पुलिस की टुकड़ियां मंगाईं। लेकिन तब तक कैदियों की भीड़ ने जेल में अपनी विरासत कायम ली। उन्होंने टावर नंबर 7 के पास की दीवार और ग्रिल तोड़ी और पत्थरों से टावर के शीशे तथा लाइटें तोड़ डाली। कैदियों ने जेल के एक हिस्से में आग लगाकर जमकर उत्पात मचाया। जेल परिसर के आसपास बने घरों के लोगों ने बताया कि जेल में हो रही पत्थरबाजी के कारण उनके घरों तक पत्थर आ रहे थे।
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जेल अधिकारी नशे में करते हैं पिटाई
कैदियों ने नारेबाजी के दौरान जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जेल अधिकारी शराब के नशे में उनकी पिटाई करते हैं। आए दिन चेकिंग के नाम पर उन्हें परेशान किया जाता है। तब तक जिला पुलिस की टुकड़ियों ने केंद्रीय जेल को किले में तबदील कर दिया और जल्द ही आग पर काबू पा लिया। जल्द ही सभी कैदियों हवालातियों को बैरकों के ऊपर से उतारकर अंदर बंद कर दिया गया। जिला पुलिस का हर बड़ा छोड़ा अफसर वहां मौजूद था, जिनमें एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर भी मौजूद थे। जिनके साथ सीजेएम भी थे।
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एसएसपी भुल्लर ने कहा- सभी प्रोटेस्ट कर रहे थे, किस पर करें केस
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसएसपी भुल्लर ने बताया कि जेल में अचानक छापेमारी की गई। जिसके चलते बैरक नंबर 8 से 3 मोबाइल बरामद हुए हैं। मोबाइल मिलने की जांच चल रही है कि यह किसके मोबाइल हैं। मोबाइल जब्त करने पर कुछ कैदियों ने जेल कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की की कोशिश की। लेकिन बाद में उन्होंने बैरक के अंदर ही हुड़दंग मचाया। लेकिन समय रहते मामले को शांत कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि जेल में किसी ने भी नारेबाजी नहीं की, न ही कोई ग्रिल तोड़ी और न ही आग लगाने का प्रयास किया है। इस संबंध में जब जेल सुपरिंटेंडेंट करणजीत सिंह संधू से बात की तो उन्होंने कहा कि कैदी केवल आठ नंबर बैरक जोकि डबल स्टोरी है पर चढे़ थे और प्रोटेस्ट कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी कैदी पर केस दर्ज किया गया है। तो उन्होंने कहा कि सारे कैदी हवालाती प्रोटेस्ट कर रहे थे, मामला किस पर दर्ज करें। उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है कि तीन मोबाइल किसके हैं, उनके खिलाफ करवाई की जाएगी।