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एक पद, तीन गुट और सस्पेंस चरम पर, चंडीगढ़ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के लिए चहेतों की लॉबिंग तेज
Fri, 29 Nov 2019 12:13 PM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 29 Nov 2019 12:13 PM IST
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संजय टंडन, किरण खेर और सत्यपाल जैन
- फोटो : फाइल फोटो
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भाजपा चंडीगढ़ के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सस्पेंस चरम पर है। संभावना है कि अगले हफ्ते नए अध्यक्ष का चयन हो जाएगा। नेता गुटबाजी और लॉबिंग में जुटे हुए हैं। कई नेता संघ की शरण में तो कई दिल्ली में डेरा डाले बैठे हैं। अलग-अलग गुटों के बीच उन नेताओं को भी तरजीह मिल सकती है, जो अब तक लॉबिंग से दूर और निष्पक्ष दिख रहे हैं।
वर्तमान में चंडीगढ़ भाजपा में संजय टंडन, किरण खेर और सत्यपाल जैन गुट सक्रिय हैं। कुछ नेता ऐसे भी हैं, जो किसी गुटबाजी में न पड़कर खुद ही अपनी लॉबिंग में जुटे हैं। इसके लिए वह संघ और भाजपा के पुराने नेताओं का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में किसी निर्गुट नेता को ही अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल जाए तो आश्चर्य की बात नहीं होगी।
30 नवंबर आखिरी दिन, दो जिला अध्यक्ष के चुनाव अभी बाकी
30 नवंबर पर प्रदेश चुनाव अधिकारी प्रेम कौशिक को सभी बूथ, मंडल और जिला अध्यक्षों के चुनाव संपन्न कराने थे लेकिन पांच में से अभी सिर्फ तीन ही अध्यक्ष चुने गए हैं। प्रदेश चुनाव अधिकारी प्रेम कौशिक ने चुनावों के लेट होने पर कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से बाहर थे, इस वजह से चुनाव नहीं हो पाए। जिला नंबर-एक और जिला नंबर-दो के अध्यक्षों का चुनाव करना बाकी है। 30 नवंबर को ही या फिर दिसंबर के पहले हफ्ते के अंदर चुनाव करा लिया जाएगा।
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15 दिसंबर से पहले नया प्रदेश अध्यक्ष
चंडीगढ़ के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर 15 दिसंबर से पहले निर्णय हो जाएगा। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव है। इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले-पहले भाजपा को चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों में अपने नए अध्यक्ष पद का निर्णय अवश्य तौर पर कर लेना होगा। जनवरी 2020 में प्रदेश संगठन की नई टीम तैयार होगी।
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वर्तमान में चंडीगढ़ भाजपा में संजय टंडन, किरण खेर और सत्यपाल जैन गुट सक्रिय हैं। कुछ नेता ऐसे भी हैं, जो किसी गुटबाजी में न पड़कर खुद ही अपनी लॉबिंग में जुटे हैं। इसके लिए वह संघ और भाजपा के पुराने नेताओं का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में किसी निर्गुट नेता को ही अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल जाए तो आश्चर्य की बात नहीं होगी।
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30 नवंबर आखिरी दिन, दो जिला अध्यक्ष के चुनाव अभी बाकी
30 नवंबर पर प्रदेश चुनाव अधिकारी प्रेम कौशिक को सभी बूथ, मंडल और जिला अध्यक्षों के चुनाव संपन्न कराने थे लेकिन पांच में से अभी सिर्फ तीन ही अध्यक्ष चुने गए हैं। प्रदेश चुनाव अधिकारी प्रेम कौशिक ने चुनावों के लेट होने पर कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से बाहर थे, इस वजह से चुनाव नहीं हो पाए। जिला नंबर-एक और जिला नंबर-दो के अध्यक्षों का चुनाव करना बाकी है। 30 नवंबर को ही या फिर दिसंबर के पहले हफ्ते के अंदर चुनाव करा लिया जाएगा।
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15 दिसंबर से पहले नया प्रदेश अध्यक्ष
चंडीगढ़ के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर 15 दिसंबर से पहले निर्णय हो जाएगा। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव है। इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले-पहले भाजपा को चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों में अपने नए अध्यक्ष पद का निर्णय अवश्य तौर पर कर लेना होगा। जनवरी 2020 में प्रदेश संगठन की नई टीम तैयार होगी।
किस गुट से कौन दावेदार
संजय टंडन गुट: संजय टंडन वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह इस पद पर जनवरी 2010 से काबिज हैं। संजय टंडन शहर की सत्ता पर अपनी मजबूत पकड़ को बरकरार रखने के लिए अपने पसंदीदा को अध्यक्ष बनाने में जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार टंडन की ओर से अरुण सूद, आशा जसवाल, शक्ति प्रकाश देवशाली और चंद्रशेखर को लेकर लॉबिंग की जा रही है। इनमें अरुण सूद का नाम सबसे आगे है। हालांकि सूत्रों के अनुसार मेयर चुनाव के समय प्रभात झा व अन्य नेताओं से हुई अनबन का खामियाजा अरुण सूद व आशा जसवाल को भुगतना पड़ सकता है।
किरण खेर गुट: किरण खेर लगातार दूसरी बार शहर की सांसद चुनी गई हैं। दूसरे कार्यकाल की अभी शुरुआत ही है इसलिए सांसद खेर भी चाहती हैं कि नया प्रदेश अध्यक्ष उनकी पसंद का ही हो। जानकारी के अनुसार खेर की तरफ से सतिंदर सिंह, संजीव वशिष्ठ और प्रदीप शर्मा के नाम भेजे गए हैं। इनमें सतिंदर सिंह सबसे आगे हैं क्योंकि सतिंदर पार्टी और संघ में कई सालों से कार्यरत हैं। वह युवा मोर्चा में भी रह चुके हैं और अफसरशाही में भी अच्छी पकड़ है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने अहम जिम्मेदारी निभाई थी। सूत्रों के अनुसार सतिंदर सिंह के लिए किरण खेर दिल्ली में भी सिफारिश कर चुकी हैं।
सत्यपाल जैन गुट: शहर से दो बार सांसद और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन शहर की राजनीति में काफी दिलचस्पी रखते हैं। तमाम विरोध के बावजूद देवेश मोदगिल को शहर का मेयर बनाकर उन्होंने विरोधियों को आश्चर्य में डाल दिया था। जानकारी के अनुसार जैन देवेश मोदगिल के लिए एक बार फिर लॉबिंग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जैन की दिल्ली के नेताओं से भी इस संबंध में चर्चा हो चुकी है। हालांकि संघ के पदाधिकारी देवेश मोदगिल को लेकर थोड़े असंतुष्ट हैं। उधर, यह भी चर्चा है कि जिस भी गुट की तरफ से एक नाम को तवज्जो दी जा रही है, उसकी संभावनाएं भी ज्यादा बन रही हैं।
किरण खेर गुट: किरण खेर लगातार दूसरी बार शहर की सांसद चुनी गई हैं। दूसरे कार्यकाल की अभी शुरुआत ही है इसलिए सांसद खेर भी चाहती हैं कि नया प्रदेश अध्यक्ष उनकी पसंद का ही हो। जानकारी के अनुसार खेर की तरफ से सतिंदर सिंह, संजीव वशिष्ठ और प्रदीप शर्मा के नाम भेजे गए हैं। इनमें सतिंदर सिंह सबसे आगे हैं क्योंकि सतिंदर पार्टी और संघ में कई सालों से कार्यरत हैं। वह युवा मोर्चा में भी रह चुके हैं और अफसरशाही में भी अच्छी पकड़ है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने अहम जिम्मेदारी निभाई थी। सूत्रों के अनुसार सतिंदर सिंह के लिए किरण खेर दिल्ली में भी सिफारिश कर चुकी हैं।
सत्यपाल जैन गुट: शहर से दो बार सांसद और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन शहर की राजनीति में काफी दिलचस्पी रखते हैं। तमाम विरोध के बावजूद देवेश मोदगिल को शहर का मेयर बनाकर उन्होंने विरोधियों को आश्चर्य में डाल दिया था। जानकारी के अनुसार जैन देवेश मोदगिल के लिए एक बार फिर लॉबिंग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जैन की दिल्ली के नेताओं से भी इस संबंध में चर्चा हो चुकी है। हालांकि संघ के पदाधिकारी देवेश मोदगिल को लेकर थोड़े असंतुष्ट हैं। उधर, यह भी चर्चा है कि जिस भी गुट की तरफ से एक नाम को तवज्जो दी जा रही है, उसकी संभावनाएं भी ज्यादा बन रही हैं।