चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का कमाल: जेई के साइन किए कागजों से बिजली दे दी, घर के तारों में करंट ही नहीं आया
मलोया में कुल 4960 फ्लैट हैं, जिनमें 15 हजार के करीब लोग रहते हैं, लेकिन यहां पर मार्केट नहीं है। यहां के पार्कों को कोई देखने वाला नहीं है। घास बड़ी-बड़ी हो गई है, जिसकी वजह से आए दिन सांप निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। घास की कटाई नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कागजों में तो बिजली कनेक्शन पूरा है, लेकिन उनकी ओर से हाल में तीन फ्लैट्स का जो पजेशन दिया गया है, उन घरों के तारों में करंट नहीं है। ये अधिकारियों की लापरवाही है, जिसकी वजह से मलोया में रहने वाले तीन परिवार पिछले 14 दिन से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। हद तो ये है कि पजेशन लेटर में बिजली के जेई के हस्ताक्षर भी हैं कि उन्होंने बिजली कनेक्शन दे दिया है।
यशपाल, जोगिंदर और टिंकू सिंह को हाल ही में सीएचबी की ओर से मलोया में स्मॉल फ्लैट्स आवंटित हुए हैं। ये सभी पिछले कई साल से कॉलोनी नंबर-4 में रहते थे। इन लोगों ने बताया कि कॉलोनी नंबर-4 में पानी और शौचालय की स्थिति बेहद खराब है। बारिश के दिनों में स्थिति बदतर हो जाती है। इसलिए 27 अगस्त को पजेशन लेटर मिला तो 28 से ही वह मकान में रहने लगे। शुरू में कहा गया कि जल्द ही उन्हें बिजली और पानी का मीटर लगाकर कनेक्शन दे दिया जाएगा। अब करीब दो हफ्ते हो चुके हैं। डायरेक्ट कनेक्शन के साथ बिना मीटर के पानी तो आ गया है, लेकिन अभी तक बिजली नहीं आई है। इनमें से यशपाल के तीन छोटे बच्चे हैं। सबसे छोटी बेटी एक साल की है। अनुमान लगाना मुश्किल है कि पिछले करीब दो हफ्तों से वह बिना बिजली के कैसे रह रहे होंगे। अन्य की भी कमोबेश यही स्थिति है।
पिछले 14 दिन से बिजली मीटर से घर तक तार नहीं जोड़ पा रहा विभाग
आवंटियों का कहना है कि बिजली के मीटर लगे हुए हैं लेकिन मीटर से घर तक का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। कई बार वह सेक्टर-40 शिकायत केंद्र के चक्कर लगा चुके हैं। सीएचबी की तरफ से उन्हें पजेशन लेटर दिया गया है, उसमें बिजली-पानी का पजेशन देने को लेकर जेई ने हस्ताक्षर भी किए हैं, लेकिन हकीकत में बिजली नहीं आई है।
इसके अलावा भी मलोया में रहने वाले कई समस्याएं झेल रहे हैं। यहां कुल 4960 फ्लैट हैं, जिनमें 15 हजार के करीब लोग रहते हैं, लेकिन यहां पर मार्केट नहीं है। यहां के पार्कों को कोई देखने वाला नहीं है। घास बड़ी-बड़ी हो गई है, जिसकी वजह से आए दिन सांप निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। घास की कटाई नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।
केस-1
केस-2
फ्लैट नंबर-2008/1 में रहने वाले जोगिंदर ने बताया कि किन्हीं कारणों से मकान मिलने में देरी हो गई, लेकिन 27 अगस्त को जब उन्हें पजेशन लेटर मिला तो लगा कि अब सभी दुख दूर हो जाएंगे। मकान मिले 14 दिन हो गए हैं, लेकिन बिजली नहीं है। गर्मी में गुजारा करना बहुत मुश्किल है। पड़ोसी के घर से तार लगाकर एक पंखा चलाकर किसी तरह रात गुजारनी पड़ती है।
केस-3
फ्लैट नंबर-2008/2 में रहने वाले टिंकू सिंह ने बताया कि कॉलोनी नंबर-4 में तो दुख काटे ही, अब जब मलोया में फ्लैट मिला तो भी परेशान होना पड़ रहा है। अब तक घर में बिजली नहीं आई है। मीटर तो लगा है, लेकिन मीटर से घर के अंदर तक की वायरिंग नहीं की गई है। पजेशन लेटर में सब कुछ देने का दावा कर दिया गया है, लेकिन हकीकत में बिजली आई ही नहीं है। गर्मी में दिन-रात गुजारनी मुश्किल हो रही है।
मेरी जानकारी में नहीं है कि पजेशन देने के बाद लोगों को अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है। उन्हें तत्काल बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा और मामले की जांच करेंगे। -यशपाल गर्ग, सीईओ, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड