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Chandigarh News: गैंगस्टर भुप्पी राणा को मारने आई युवती समेत तीन दबोचे
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चंडीगढ़। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के इशारे पर वकील की ड्रेस में अदालत के अंदर घुसकर भुप्पी राणा की हत्या की फिराक में घूम रही युवती को भी क्राइम ब्रांच ने सेक्टर-43 बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।
युवती ने अपने हाथ में एके-47 का टैटू भी बनवा रखा है। पुलिस पूछताछ में युवती ने बताया कि उसे गैंगस्टर बनना था। उसकी पहचान राजस्थान के जिला झुंझनू के गांव नरहार निवासी माया उर्फ कशिश उर्फ पूजा शर्मा के रूप में हुई है। इसके अलावा पुलिस ने गोल्डी बराड़ के फाइनेंसर विक्की चौहान के जरिये पूजा तक पैसे पहुंचाने वाले दो और युवकों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान पंजाब के जिला फाजिल्का के गांव पक्कन निवासी परविंदर सिंह उर्फ पिंडू (27) और श्री मुक्तसर साहिब के गांव वड़िंग खेड़ा निवासी अमनप्रीत सिंह (20) के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। इन आरोपियों से पूछताछ जारी है।
एसपी केतन बंसल और डीएसपी (क्राइम) उदयपाल सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि पूजा शर्मा शादीशुदा है। घर में उसका झगड़ा हो गया था। इसके बाद वह हिस्ट्रीशीटर राकेश उर्फ हनी के जरिये गैंगस्टर रोहित गोदारा के संपर्क में आई। रोहित गोदारा ने उसे 25 हजार रुपये व एक मोबाइल देकर चंडीगढ़ जाने को कहा। वहीं, चंडीगढ़ में गोल्डी बराड़ के कहने पर रोहतक के सचिन, उमंग व फरीदाबाद के टाइगर इससे मिले और गोल्डी के कहने पर एलांते मॉल से वकीलों की दो ड्रेस खरीदी। ये सभी लोग 11 दिनों से चंडीगढ़ में घूम रहे थे। आरोपी मोहाली, चंडीगढ़ व पंचकूला कोर्ट में रेकी भी कर चुके थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि अदालत परिसर के अंदर वकील की ड्रेस में गैंगस्टर भुप्पी राणा की हत्या करनी थी। वकील की एक ड्रेस सचिन और दूसरी पूजा शर्मा को पहननी। वहीं, भुप्पी पर गोली पूजा शर्मा को चलानी थी। पूजा फिलहाल वह चंडीगढ़ के साथ लगते नयागांव में रह रही थी।
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न्यू लेक के पास पकड़े गए थे लॉरेंस के शूटर
क्राइम ब्रांच की टीम सोमवार को सेक्टर-42 की लेक पार्किंग के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक एक्टिवा पर दो संदिग्ध अदालत के पास घूम रहे हैं। जब पुलिस वहां पहुंची तो वहां पर दिल्ली स्पेशल सेल के पुलिस मुलाजिम चंडीगढ़ पुलिस को मिले, जिन्होंने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई व गोल्डी बराड़ की गैंग से जुड़े दो शख्स एक्टिवा पर घूम रहे हैं। वे अदालत में पेशी के दौरान किसी गैंगस्टर को मारने की फिराक में हैं। उनके पास असला भी मौजूद है। इसी के आधार पर क्राइम ब्रांच व दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के आसपास नाकाबंदी कर दी। इसके बाद बस स्टैंड की तरफ से कोर्ट की ओर सफेद रंग की एक एक्टिवा पर बिना हेल्मेट के आ रहे दो लोगों को रुकने का इशारा किया तो वह एक्टिवा पीछे कर फरार होने लगे। इसी बीच उनकी एक्टिवा बंद हो गई और पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना नाम व पता रोहतक निवासी सचिन व उमंग बताया। पुलिस ने जब तलाशी ली तो असला भी बरामद हो गया। इन दोनों की निशानदेही पर इनके तीसरे साथी टाइगर को भी पुलिस ने धर दबोचा।
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पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने एलांते मॉल से 50 हजार रुपये में एक मेल और एक फीमेल एडवोकेट ड्रेस खरीदी थी। इनकी साजिश थी कि एडवोकेट की एक ड्रेस सचिन पहनेगा, जबकि दूसरी ड्रेस पूजा को पहनना था। पूजा को ही भुप्पी राणा पर गोलियां चलाने की जिम्मेदारी मिली थी।
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जांच में यह भी सामने आया कि महिला होने के चलते कोई उस पर शक न करे, इसलिए पूजा को आगे रखने की साजिश बनाई थी। आरोपियों से अभी तक कुल दो पिस्तौलें, छह जिंदा कारतूस व दो वकीलों की ड्रेस बरामद हुई है
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युवती ने अपने हाथ में एके-47 का टैटू भी बनवा रखा है। पुलिस पूछताछ में युवती ने बताया कि उसे गैंगस्टर बनना था। उसकी पहचान राजस्थान के जिला झुंझनू के गांव नरहार निवासी माया उर्फ कशिश उर्फ पूजा शर्मा के रूप में हुई है। इसके अलावा पुलिस ने गोल्डी बराड़ के फाइनेंसर विक्की चौहान के जरिये पूजा तक पैसे पहुंचाने वाले दो और युवकों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान पंजाब के जिला फाजिल्का के गांव पक्कन निवासी परविंदर सिंह उर्फ पिंडू (27) और श्री मुक्तसर साहिब के गांव वड़िंग खेड़ा निवासी अमनप्रीत सिंह (20) के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। इन आरोपियों से पूछताछ जारी है।
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एसपी केतन बंसल और डीएसपी (क्राइम) उदयपाल सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि पूजा शर्मा शादीशुदा है। घर में उसका झगड़ा हो गया था। इसके बाद वह हिस्ट्रीशीटर राकेश उर्फ हनी के जरिये गैंगस्टर रोहित गोदारा के संपर्क में आई। रोहित गोदारा ने उसे 25 हजार रुपये व एक मोबाइल देकर चंडीगढ़ जाने को कहा। वहीं, चंडीगढ़ में गोल्डी बराड़ के कहने पर रोहतक के सचिन, उमंग व फरीदाबाद के टाइगर इससे मिले और गोल्डी के कहने पर एलांते मॉल से वकीलों की दो ड्रेस खरीदी। ये सभी लोग 11 दिनों से चंडीगढ़ में घूम रहे थे। आरोपी मोहाली, चंडीगढ़ व पंचकूला कोर्ट में रेकी भी कर चुके थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि अदालत परिसर के अंदर वकील की ड्रेस में गैंगस्टर भुप्पी राणा की हत्या करनी थी। वकील की एक ड्रेस सचिन और दूसरी पूजा शर्मा को पहननी। वहीं, भुप्पी पर गोली पूजा शर्मा को चलानी थी। पूजा फिलहाल वह चंडीगढ़ के साथ लगते नयागांव में रह रही थी।
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न्यू लेक के पास पकड़े गए थे लॉरेंस के शूटर
क्राइम ब्रांच की टीम सोमवार को सेक्टर-42 की लेक पार्किंग के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक एक्टिवा पर दो संदिग्ध अदालत के पास घूम रहे हैं। जब पुलिस वहां पहुंची तो वहां पर दिल्ली स्पेशल सेल के पुलिस मुलाजिम चंडीगढ़ पुलिस को मिले, जिन्होंने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई व गोल्डी बराड़ की गैंग से जुड़े दो शख्स एक्टिवा पर घूम रहे हैं। वे अदालत में पेशी के दौरान किसी गैंगस्टर को मारने की फिराक में हैं। उनके पास असला भी मौजूद है। इसी के आधार पर क्राइम ब्रांच व दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के आसपास नाकाबंदी कर दी। इसके बाद बस स्टैंड की तरफ से कोर्ट की ओर सफेद रंग की एक एक्टिवा पर बिना हेल्मेट के आ रहे दो लोगों को रुकने का इशारा किया तो वह एक्टिवा पीछे कर फरार होने लगे। इसी बीच उनकी एक्टिवा बंद हो गई और पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना नाम व पता रोहतक निवासी सचिन व उमंग बताया। पुलिस ने जब तलाशी ली तो असला भी बरामद हो गया। इन दोनों की निशानदेही पर इनके तीसरे साथी टाइगर को भी पुलिस ने धर दबोचा।
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पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने एलांते मॉल से 50 हजार रुपये में एक मेल और एक फीमेल एडवोकेट ड्रेस खरीदी थी। इनकी साजिश थी कि एडवोकेट की एक ड्रेस सचिन पहनेगा, जबकि दूसरी ड्रेस पूजा को पहनना था। पूजा को ही भुप्पी राणा पर गोलियां चलाने की जिम्मेदारी मिली थी।
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जांच में यह भी सामने आया कि महिला होने के चलते कोई उस पर शक न करे, इसलिए पूजा को आगे रखने की साजिश बनाई थी। आरोपियों से अभी तक कुल दो पिस्तौलें, छह जिंदा कारतूस व दो वकीलों की ड्रेस बरामद हुई है