चंडीगढ़। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने विभाग में तैनात सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का योग्यता टेस्ट लेने का फैसला लिया था, जिसके चलते आउटसोर्स कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है। विभाग में इस टेस्ट को लेकर कई तरह की बातें फैलाई जा रही हैं, जिसको देखते हुए स्वास्थ्य सचिव ने सोमवार को एक स्पष्टीकरण जारी किया है।
स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने आदेश जारी करते हुए साफ किया है कि उन कर्मचारियों को चिंता करने की जरुरत नहीं है, जो समय पर ऑफिस आ रहे हैं और ईमानदारी व अनुशासन के साथ अपना काम कर रहे हैं। ऐसे सभी कर्मचारियों के योग्यता टेस्ट के प्रदर्शन में कमी भी सामने आती है तो भी उनकी नौकरी को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के काम को देखते हुए सभी पहलूओं को ध्यान में रखा जाएगा और उसी के मुताबिक कोई भी फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कर्मचारियों को गुमराह करने में लगे हुए हैं, इसलिए ऐसे लोगों की बातों में उन्हें नहीं आना चाहिए। गौरतलब है कि जीएमसीएच-32 में औचक निरीक्षण के दौरान मिली खामियों केबाद स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने सख्ती दिखाना शुरू किया है। बीते दिनों एक आदेश जारी कर उन्होंने कहा था कि वह स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों की योग्यता की जांच करेंगे कि एजेंसी विभाग को किस तरह के कर्मचारी मुहैया करा रही है। टेस्ट में इसमें सफल होने पर ही उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा। अगले कुछ दिनों में यह कंप्यूटराइज्ड टेस्ट होंगे। स्वास्थ्य विभाग का काम प्रभावित न हो, इसलिए अलग-अलग चरणों में यह टेस्ट लिया जाएगा।