इस मोबाइल ऐप से रुकेगी प्रापर्टी की धोखेबाजी, जानिए कैसे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जन-धन आधार मोबाइल (जैम) ऐप के जरिए अब प्रापर्टी की धोखाधड़ी नहीं हो सकेगी। चंडीगढ़ से बाहर किसी दूसरी जगह रहते हुए भी प्रापर्टी मालिक अपनी प्रापर्टी संबंधी सभी जानकारी प्राप्त कर लेगा।
पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंगलवार को यह ऐप यूटी सचिवालय में लांच किया। चंडीगढ़ ई-गवर्नेंस सोसायटी ने डीसी अजीत बालाजी जोशी के दिशानिर्देशों पर यह एप बनाया है।
इस एक ही ऐप से विभिन्न तरह की चीजों को लिंक किया जा सकेगा। जिसमें लैंड टाइटलिंग, प्रापर्टी रजिस्ट्रेशंस, बैंक खाते के साथ आधार लिंक, व्हीकल रजिस्ट्रेशन, सशस्त्र लाइसेंस ट्रैकिंग, विभिन्न सब्सिडी, जीपीएस जैसी चीजें लिंक होंगी।
ऐप लांच के मौके पर एडवाइजर परिमल राय, वित्त सचिव सर्वजीत सिंह, गृह सचिव अनुराग अग्रवाल और डीसी अजीत बालाजी जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ऐसे कर सकते हैं प्रापर्टी की जांच
इस मौके पर प्रशासक ने कहा कि इस ऐप से लोगों को अपने मोबाइल पर ही प्रापर्टी की जानकारी मिल जाएगी। डीसी ने बताया कि प्रापर्टी सेल के समय मौजूद अथॉरिटी उसके असली मालिक को ऐप के जरिए चेक कर सकेगी। प्रापर्टी संबंधी धोखेबाजी नहीं हो सकेगी।
ऐसे कर सकते हैं प्रापर्टी की जांच
ऐप में प्रापर्टी का फाइल नंबर डालने के बाद गेट ऑनर्स पर क्लिक करते ही मालिक की जानकारी मिल जाएगी। वहीं अगर डेमोग्राफिक मैच करना है तो आधार नंबर और जन्मतिथि डालना होगा।
इसके बाद स्कैनिंग विकल्प से आंखों की पुतलियों की फोटो लेंगे। पुतलियां का मिलान होने पर असली मालिक का नाम आ जाएगा और प्रमाणित होने की सफलता का मैसेज भी दिखाएगा।