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Chandigarh News: दीपावली पर मिलेगा जाम से आजादी का तोहफा, खुलेगा ग्रीनफील्ड हाईवे

Tue, 30 Sep 2025 02:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 02:31 AM IST
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This Diwali, a gift of freedom from traffic jams will be presented, with the opening of the Greenfield Highway
मोहाली। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राहत भरी खबर आई है, इसका लाखों यात्रियों को इंतजार था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (नाही) ने स्पष्ट कर दिया है कि मोहाली की बहुप्रतीक्षित ग्रीनफील्ड परियोजना का काम अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा और दीपावली तक यह राजमार्ग आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। 31 किलोमीटर लंबी सड़क चंडीगढ़ के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को वाया आईटी चौक (पीआर-7) से कुराली-चंडीगढ़ रोड को जोड़ेगी।
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इसे केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत तैयार किया जा रहा है। मौजूदा समय में झींगड़ा कल्हां के पास 100 मीटर की एचटी लाइन ग्रीन फील्ड परियोजना में आड़े आ रही है। इस पर तेजी से काम चल रहा है। इस बाधा के दूर होते ही प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो जाएगा। परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य दिल्ली से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले वाहनों को एक वैकल्पिक और तेज मार्ग उपलब्ध कराना है, ताकि एयरपोर्ट रोड पर लगातार बढ़ती ट्रैफिक की समस्या से राहत मिल सके। नाही के प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव ने कहा कि ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। केवल फिनिशिंग टच, रोड मार्किंग और सुरक्षा बैरियर लगाने का काम बाकी है। दीपावली पर लोग इस नई सड़क पर सफर कर सकेंगे। यह उनका लक्ष्य है।
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1,400 करोड़ की लागत, आधा पैसा मुआवजे में बंटा
परियोजना की कुल लागत लगभग 1,400 करोड़ है। इसमें से आधा करीब 700 करोड़ भूमि अधिग्रहण (लैंड कम्पनसेशन) में और बाकी 700 करोड़ राजमार्ग निर्माण में खर्च हुए हैं। मोहाली क्षेत्र में जब इस सड़क का सर्वे हुआ तो किसानों और भूस्वामियों ने जमीन के रेट को लेकर कड़ा विरोध किया। पहले एनएचएआई की तरफ से प्रति एकड़ 24 लाख से 4.18 करोड़ तक मुआवजा तय किया गया था, लेकिन विरोध बढ़ने पर 2021 में लगभग आठ महीने तक काम रोकना पड़ा। बाद में प्राधिकरण ने भूस्वामियों के लिए मुआवज़ा चार गुना तक बढ़ा दिया। अब जिन किसानों को 24 लाख मिलना था, उन्हें 1 करोड़ से 1.09 करोड़ प्रति एकड़ तक भुगतान किया गया। इससे जमीन विवाद खत्म हुआ और काम तेजी से शुरू हो सका।
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बारिश, बाढ़ और तकनीकी अड़चनों ने रोकी रफ्तार
परियोजना पर काम करने वाली महाराष्ट्र की एक निर्माण कंपनी को अक्टूबर 2022 में ठेका मिला था। लेकिन इसके बाद मौसम की मार और तकनीकी चुनौतियों ने काम की रफ्तार धीमी कर दी। बारिश और बाढ़ से सड़क निर्माण में काफी दिक्कतें आई। कई बार निर्माण सामग्री की आपूर्ति भी बाधित रही।साथ ही, आसपास की ज़मीन पर किसानों के विरोध के चलते कई जगह काम रोकना पड़ा।
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यह मिलेगा यात्रियों को फायदा
ग्रीनफील्ड परियोजना पूरी होने के बाद इसका सबसे बड़ा लाभ दिल्ली से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। अभी तक एयरपोर्ट रोड और मोहाली शहर के भीतर जाम से जूझते हुए लोगों को घंटों देरी होती है। यह नई सड़क जाम से बचने का तेज वैकल्पिक मार्ग बनेगी। ट्रैफिक का दबाव एयरपोर्ट रोड और शहर की अन्य मुख्य सड़कों से हटेगा। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

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खरड़-बानूर-तेपला सड़क रद्द होने के बाद बनी योजना
जुलाई 2019 में एनएचएआई ने 40 किलोमीटर लंबी खरड़-बानूर-तेपला सड़क परियोजना को उसकी उच्च लागत के कारण रद्द कर दिया था। उसके बाद ही ग्रीनफील्ड परियोजना को मंजूरी मिली। कुल मिलाकर, ग्रीनफील्ड परियोजना का पूरा होना मोहाली और आसपास के लिए एक बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर माइलस्टोन साबित होगा। यह न केवल ट्रैफिक जाम कम करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार देगा।
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