18 लोग आंखें बचाने चले थे, 13 रोशनी गंवा बैठे
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हरियाणा के पानीपत शहर स्थित एक निजी अस्पताल में आंखों की रोशनी पाने आए 13 लोगों की रोशनी चली गई है। यहां जिस आंख का ऑपरेशन किया गया, पट्टी के खुलने के बाद उस आंख के आगे अंधेरा छा गया और आंख में घाव बन गया है।
मरीजों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया तब डॉक्टरों ने आनन फानन में उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया है। पीड़ितों में एक सोनीपत के दातौली व एक झज्जर के टलाव गांव का रहने वाला है। बाकी सब मरीज समालखा के आसपास के गांवों के हैं। बताया जा रहा है कि यहां 18 मरीजों की आंखों का ऑपरेशन किया गया था। पांच मरीज अन्य स्थानों पर इलाज करवा रहे हैं।
मरीजों ने बताया कि उन्होंने समाज सेवा समिति धर्मार्थ अस्पताल समालखा में 11 मार्च को आंखों का चेकअप कराया था। यहां पर अस्पताल के डाक्टर डा. अंकुर गुप्ता ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। उनका 11 मार्च को अस्पताल में ऑपरेशन किया गया और उसके बाद घर भेज दिया गया। 12 मार्च को आंखों से पट्टी खोलने के बाद उनको सामने कुछ भी नहीं दिखाई दिया और आंखों में जख्म बन गया। इस पर डाक्टर व स्टाफ के भी हाथ पांव फूल गए।
इस दौरान चार मरीजों ने ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू किया तो अस्पताल प्रबंधन ने चारों मरीजों को दिल्ली रेफर करने की सलाह दी। इस बात पर बाकी मरीज भी भड़क गए। जिसके बाद आईएमए के प्रधान डा. नरेश पाहुजा, पूर्व प्रधान डा. आदित्य गुप्ता, नेत्र विशेषज्ञ डा. नरेश बजाज अस्पताल में पहुंचे और उन्होंने मरीजों को इलाज का आश्वासन देकर चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया।
इनकी गई रोशनी
सूरजा निवासी बिलासपुर, रकम सिंह निवासी ढोडपुर, महाबीर निवासी जलमाणा, साधु निवासी नारायणा, चंद्रराम निवासी टलाव, झज्जर, रणजीत निवासी रिसालू, श्याम गिर निवासी दतौली-सोनीपत, रामकुमार निवासी समालखा, पासी निवासी भोड़वाल माजरी, शांति निवासी किवाना, रसीना निवासी अधमी, पोरी देवी निवासी खोजकीपुर व शांति निवासी पट्टी कल्याणा की आंखों रोशनी चली गई।
आई फ्लूड माना जा रहा कारण
तेरह मरीजों की ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी जाने के मामले में प्राथमिक जांच में इंफेक्शन का कारण आई फ्लूड माना जा रहा है। आईएमए के प्रधान डा. नरेश पाहुजा ने बताया कि ऑपरेशन से पहले व बाद में आई फ्लूड लगाया जाता है। डाक्टर इलाज में पूरी सतर्कता बरतने की बात कह रहा है। ऐसे में आई फ्लूड पर शक है।
आंखों में इंफेक्शन से रोशनी चली गई
समाज सेवा समिति धर्मार्थ अस्पताल समालखा में मरीजों की आंखों का चेकअप किया गया था। कई लोगों की नजर कमजोर थी और उनके पानीपत स्थित अस्पताल में ऑपरेशन किए गए थे। कई लोगों की आंखों में इंफेक्शन से रोशनी चली गई है। उनको उचित इलाज दिया जाएगा।
डा. अंकुर गुप्ता, अस्पताल संचालक
समालखा समिति में आंखों का चेकअप कराने के साथ ऑपरेशन भी किया जाता था। गत दो सप्ताह से ऑपरेशन थियेटर की छत टूटी पड़ी है। इस बार डा. अंकुर ने अपने अस्पताल में मरीजों को ऑपरेशन के लिए बुलाया था। 13 मरीजों की रोशनी जाने की सूचना मिली है। समिति मरीजों व डाक्टर के साथ है।
सोहन लाल चोपड़ा, प्रधान सेवा समिति समालखा पानीपत