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जाने कौन है पीयू रजिस्ट्रार पद के दावेदार
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pu
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के रजिस्ट्रार पद के लिए अब स्थायी रजिस्ट्रार का चयन होने जा रहा है। इसके लिए कई नाम सामने आए हैं। उन्हीं में से किसी एक नाम पर मुहर लग सकती है। अगले सप्ताह वीसी प्रो. राजकुमार आंतरिक कमेटी की सिफारिश पर किसी एक को रजिस्ट्रार बना सकते हैं। कमेटी की ओर से की गई सिफारिश पर ही विचार होगा क्योंकि कमेटी ही अनुभव आदि के आधार पर उनका नाम सामने लेकर आएगी।
रजिस्ट्रार रहे प्रो. करमजीत सिंह पंजाब ओपन विश्वविद्यालय के वीसी बन गए हैं। उसके बाद यह चार्ज एफडीओ विक्रम नैयर को दे दिया गया। लगभग दो माह से चार्ज उनके पास है। एफडीओ और रजिस्ट्रार का अपना-अपना काम है और उनकी जिम्मेदारियां भी बड़ी हैं। ऐसे में एक व्यक्ति लंबे समय तक इन पदों पर बेहतर कार्य नहीं कर पाएगा। इसी को देखते हुए एफडीओ विक्रम नैयर ने भी इस पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया कि उनके पास काम अधिक हो गया है और यह प्रभावित हो सकता है। इसी को देखते हुए अब पीयू में रजिस्ट्रार पद के लिए नामों की तलाश शुरू हो गई है। पहली पंक्ति में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें डीन कॉलेजेज प्रो. संजय कौशिक, पूर्व एसवीसी प्रो. देवेंद्र सिंह, डीआर एस्टिब्लिसमेंट एससी तिवारी के नाम हैं। डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर का नाम भी चर्चा में है। साथ ही उनके नाम पर आंतरिक कमेटी सिफारिश भी कर सकती है।
एफडीओ कहीं सिंडिकेट-सीनेट के चक्कर में तो नहीं छोड़ रहे चार्ज
एफडीओ विक्रम नैयर का वर्कलोड अधिक है। ऐसे में उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। सूत्रों का कहना है कि इस समय सिंडिकेट व सीनेट चुनाव को लेकर पीयू में घमासान चल रहा है। ऐसे में सिंडिकेट के एजेंडे बनाने से लेकर बैठक कराने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में बुराई कोई मोल नहीं लेना चाहता। यह कारण भी एफडीओ के पद छोड़ने का हो सकता है। इसके अलावा यह भी बताया जा रहा है कि जब चार्ज एफडीओ को दिया जा रहा था, तभी तय कर लिया गया था कि दिसंबर में एफडीओ से रजिस्ट्रार का पद लेकर अन्य को बना दिया जाएगा। इस बारे में एफडीओ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन नहीं हो सका।
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इन पदों के बारे में भी सोचें
रजिस्ट्रार पद पर स्थायी व्यक्ति की तैनाती करने की योजना चल रही है। उसी तरह पीयू में कई अन्य पद भी हैं जो कार्यभार के तौर पर चलाए जा रहे हैं। एक व्यक्ति को दो से तीन चार्ज दिए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि जो व्यक्ति काबिल है, उन्हें जिम्मेदारी दी जानी चाहिए ताकि काम बेहतर हो और पीयू को आगे ले जाया जा सके। आईएएस सेंटर के निदेशक पद के अलावा डीसीडीसी का पद भी कार्यभार से चल रहा है। एडीएसडब्ल्यू, स्पोर्ट्स निदेशक, कई विभागों के चेयरमैन आदि पद कार्यभार पर चल रहे हैं। ऐसे में इन पदों पर स्थायी नियुक्तियां होनी चाहिएं।
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रजिस्ट्रार रहे प्रो. करमजीत सिंह पंजाब ओपन विश्वविद्यालय के वीसी बन गए हैं। उसके बाद यह चार्ज एफडीओ विक्रम नैयर को दे दिया गया। लगभग दो माह से चार्ज उनके पास है। एफडीओ और रजिस्ट्रार का अपना-अपना काम है और उनकी जिम्मेदारियां भी बड़ी हैं। ऐसे में एक व्यक्ति लंबे समय तक इन पदों पर बेहतर कार्य नहीं कर पाएगा। इसी को देखते हुए एफडीओ विक्रम नैयर ने भी इस पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया कि उनके पास काम अधिक हो गया है और यह प्रभावित हो सकता है। इसी को देखते हुए अब पीयू में रजिस्ट्रार पद के लिए नामों की तलाश शुरू हो गई है। पहली पंक्ति में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें डीन कॉलेजेज प्रो. संजय कौशिक, पूर्व एसवीसी प्रो. देवेंद्र सिंह, डीआर एस्टिब्लिसमेंट एससी तिवारी के नाम हैं। डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर का नाम भी चर्चा में है। साथ ही उनके नाम पर आंतरिक कमेटी सिफारिश भी कर सकती है।
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एफडीओ कहीं सिंडिकेट-सीनेट के चक्कर में तो नहीं छोड़ रहे चार्ज
एफडीओ विक्रम नैयर का वर्कलोड अधिक है। ऐसे में उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। सूत्रों का कहना है कि इस समय सिंडिकेट व सीनेट चुनाव को लेकर पीयू में घमासान चल रहा है। ऐसे में सिंडिकेट के एजेंडे बनाने से लेकर बैठक कराने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में बुराई कोई मोल नहीं लेना चाहता। यह कारण भी एफडीओ के पद छोड़ने का हो सकता है। इसके अलावा यह भी बताया जा रहा है कि जब चार्ज एफडीओ को दिया जा रहा था, तभी तय कर लिया गया था कि दिसंबर में एफडीओ से रजिस्ट्रार का पद लेकर अन्य को बना दिया जाएगा। इस बारे में एफडीओ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन नहीं हो सका।
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इन पदों के बारे में भी सोचें
रजिस्ट्रार पद पर स्थायी व्यक्ति की तैनाती करने की योजना चल रही है। उसी तरह पीयू में कई अन्य पद भी हैं जो कार्यभार के तौर पर चलाए जा रहे हैं। एक व्यक्ति को दो से तीन चार्ज दिए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि जो व्यक्ति काबिल है, उन्हें जिम्मेदारी दी जानी चाहिए ताकि काम बेहतर हो और पीयू को आगे ले जाया जा सके। आईएएस सेंटर के निदेशक पद के अलावा डीसीडीसी का पद भी कार्यभार से चल रहा है। एडीएसडब्ल्यू, स्पोर्ट्स निदेशक, कई विभागों के चेयरमैन आदि पद कार्यभार पर चल रहे हैं। ऐसे में इन पदों पर स्थायी नियुक्तियां होनी चाहिएं।