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पिछले दस वर्षों में निगम में हुए खर्च की होनी चाहिए जांच : सतीश कैंथ
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चंडीगढ़। शहर के पूर्व डिप्टी मेयर सतीश कैंथ ने नगर निगम की मौजूदा स्थिति के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि साल 2016 से पहले निगम की स्थिति काफी बेहतर थी और करीब 500 करोड़ रुपये की एफडी थी लेकिन इसके बाद एफडी खत्म हो गई। हालात यह हो गए कि दो माह पहले निगम अपने कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पा रहा था।
केंद्र से 125 करोड़ रुपये मिलने पर कैंथ ने कहा कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ पर कोई एहसान नहीं कर रही यह पैसा यहां के गरीबों, उद्याेगपतियों, कर्मचारियों और कॉलोनीवासियों के टैक्स से आता है। उन्होंने याद दिलाया कि जब तक पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल सांसद रहे तब तक नगर निगम में कभी वित्तीय संकट नहीं आया। अब हालत हैं कि सड़क की री-कारपेटिंग तक नहीं हो रही और पार्कों में घास तक नहीं काटी जा रही। उन्होंने कहा कि डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में कचरे की प्रोसेसिंग के नाम पर निगम का खजाना खाली हो रहा है। उन्होंने प्रशासक से मांग की है कि दस वर्षों में हुए खर्चों की जांच होनी चाहिए और यह सामने आना चाहिए कि किस मेयर के कार्यकाल में कितना और कहां खर्च हुआ, ताकि वित्तीय संकट के असली जिम्मेदारों का पता चल सके।
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केंद्र से 125 करोड़ रुपये मिलने पर कैंथ ने कहा कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ पर कोई एहसान नहीं कर रही यह पैसा यहां के गरीबों, उद्याेगपतियों, कर्मचारियों और कॉलोनीवासियों के टैक्स से आता है। उन्होंने याद दिलाया कि जब तक पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल सांसद रहे तब तक नगर निगम में कभी वित्तीय संकट नहीं आया। अब हालत हैं कि सड़क की री-कारपेटिंग तक नहीं हो रही और पार्कों में घास तक नहीं काटी जा रही। उन्होंने कहा कि डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में कचरे की प्रोसेसिंग के नाम पर निगम का खजाना खाली हो रहा है। उन्होंने प्रशासक से मांग की है कि दस वर्षों में हुए खर्चों की जांच होनी चाहिए और यह सामने आना चाहिए कि किस मेयर के कार्यकाल में कितना और कहां खर्च हुआ, ताकि वित्तीय संकट के असली जिम्मेदारों का पता चल सके।
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