फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   There is no case of mob lynching in the state Haryana government gave information in the Vidhan Sabha

विस में सरकार ने दी जानकारी: हरियाणा में मॉब लिंचिंग का कोई केस नहीं, कांग्रेस का प्राइवेट मेंबर बिल अस्वीकार

Sat, 21 Aug 2021 02:39 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 21 Aug 2021 02:39 AM IST
सार

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज की तरफ से सदन में प्रस्तुत जवाब में कहा गया है कि मॉब लिंचिंग रोकने के लिए क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील बनाया है। साथ ही कमजोर व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान की है।

विज्ञापन
There is no case of mob lynching in the state Haryana government gave information in the Vidhan Sabha
हरियाणा विधानसभा - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा में मॉब लिंचिंग का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। न ही प्रदेश में एक जनवरी 2015 से 31 जुलाई 2021 तक कोई केस दर्ज हुआ है। सरकार ने यह जानकारी अतारांकित सवाल के जवाब में शुक्रवार को सदन पटल पर प्रस्तुत की। इसके आधार पर ही कांग्रेस विधायक आफताब अहमद की ओर से विधानसभा के मानसून सत्र में मॉब लिंचिंग पर लाया गया प्राइवेट मेंबर बिल अस्वीकार कर दिया गया।

विज्ञापन


सरकार ने कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए गए हैं। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि आफताब अहमद के निजी विधेयक को स्वीकार नहीं किया है। सरकार को इसे भेजा गया था। सरकार ने एलआर से कानूनी मत लिया है। उसके बाद निर्णय लिया गया। एक्ट में इसका प्रावधान है कि कानूनी राय के आधार पर विधेयक को स्वीकृत और अस्वीकृत किया जा सकता है।
विज्ञापन


आफताब ने कहा कि यह उचित नहीं है। मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो प्राइवेट मेंबर बिल सदन में लाना पड़ा। गृह मंत्री अनिल विज की तरफ से सदन में प्रस्तुत जवाब में कहा गया है कि मॉब लिंचिंग रोकने के लिए क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील बनाया है। साथ ही कमजोर व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर कोई घटना होती है तो दोषियों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान सरकार ने किया है। सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जरूरी आपराधिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर ऐसी घटनाएं रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती का प्रावधान है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व डयूटी मजिस्ट्रेट लोगों के विभिनन समूहों में सदभावना सुनिश्चित कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियां प्रभावी समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed