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थियेटर का शौक है तो 25 को पहुंचे टैगोर थियेटर
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Mon, 23 Dec 2013 07:36 PM IST
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अलंकार थियेटर ऐसे नाटकों की सीरीज लेकर आया है। क्रिसमस के मौके पर इनका मंचन किया जाएगा। नाट्य उत्सव का आयोजन 25 से 27 दिसंबर तक चंडीगढ़ के टैगोर थियेटर में होगा।
इस फेस्टिवल में अंधा युग, राम सजीवन की प्रेम कथा, जी आया साहब और सुखिया नाटक पेश किए जाएंगे।
25 दिसंबर
नाटक-अंधा युग
लेखक-धर्मवीर भारती
नाटक संदेश देता है कि युद्ध कभी भी समाधान नहीं देता। यह समाज में विकृतियां ही फैलाता है। नाटक उन हालात को भी दिखाता है जो ऐसे हैं जिसमें लोगों में ईश्वर का बदला हुआ स्वरूप दिखाई देता है।
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26 दिसंबर
नाटक-राम सजीवन की प्रेम कथा
लेखक-उदय प्रकाश
नाटक के माध्यम से गांव और शहर के बीच की दूरियों को दिखाया है। गांव का जवान शहर में बड़ी गाड़ियों को देखकर खुद को निचले वर्ग से भी नीचे महसूस करता है।
27 दिसंबर
नाटक-जी आया साहब
लेखक-शहादत हसन मंटो
यह नाटक में चाइल्ड लेबर पर केंद्रित है। इसमें पुलिसवाले के घर में एक बच्चा काम करता है और वह उसी की जाति का है। नाटक के माध्यम से दिखाया है कि जब कोई शोषण करता है तो उसे न जात पात का ध्यान रहता है और न ही समाज का। पुलिसवाले की प्रताड़ना से बचने के लिए बच्चा अपना हाथ काटता है।
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27 दिसंबर
नाटक-सुखिया
लेखक-मुंशी प्रेम चंद की कहानी मंदिर
नाटक अंधविश्वास पर आधारित है। नाटक की कहानी निचले तबके की एक औरत पर केंद्रित है। यह गांव में रहती है। औरत के पति का निधन हो चुका है। वह उसके सपने में आता है। वह कहता है कि मंदिर जाओ। मंदिर में जाने के लिए औरत को बहुत जतन करने पड़ते हैं।
अलंकार थियेटर के प्रेसीडेंट चक्रेश कुमार ने बताया कि इस नाट्य फेस्ट में पब्लिक को नया रंग दिखाई देगा। कलाकारों की टीम रोजाना शाम चार बजे से रात दस बजे तक अभ्यास कर रही है। इसमें हमने चार नाटक रखे हैं जो कि समाज की कुप्रथा पर पंच करते हैं।