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चंडीगढ़ में इस वीकेंड पर लीजिए नाटकों का आनंद

Sat, 24 Jan 2015 04:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 24 Jan 2015 04:55 PM IST
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Theatre Fest In Chandigarh

अबकी बार थिएटर फॉर थिएटर ग्रुप सिटी के कलाप्रेमियों के लिए लेकर आया है टीएफटी विंटर थिएटर फेस्टिवल। पंजाब कला भवन में आयोजित किए जाने वाले इस फेस्टिवल में कुल छह नाटक होंगे। इस फेस्टिवल के सभी नाटक शाम साढ़े छह बजे से शुरू होंगे।

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पंजाब कला भवन सेक्टर-16 में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में थिएटर फॉर थिएटर के अध्यक्ष मदन गुप्ता सपाटू ने कहा कि थिएटर फॉर थिएटर का उद्देश्य कला और कलाकारों को प्रमोट करना है।
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इसी वजह से यह आयोजन किया जाता है। थिएटर फॉर थिएटर के निर्देशक सुदेश शर्मा ने कहा कि इस फेस्टिवल में भोपाल और कानपुर के निर्देशकों की कला देखने को मिलेगी।
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24 जनवरी 2015
करण भरम
लेखक महाकवि भास
निर्देशक शरद शर्मा
यह नाटक कर्ण की जिंदगी में आने वाली मुसीबत के इर्द-गिर्द घूमता है। इससे महाभारत के महायुद्ध का वर्णन किया गया है। डॉ. प्रभात भट्टाचार्य ने इस नाटक का संस्कृत से अनुकरण किया गया है।

25 जनवरी 2015

मैथलि नारी-चार रंग
लेखक रामकमल चौधरी
निर्देशक डीआर अंकुर
यह नाटक चार कहानियों के ऊपर आधारित है। यह नाटक औरत की कहानी पर है। इस नाटक में औरत की वर्तमान दशा बताई गई है। इसमें बताया गया है कि समाज में औरतों की क्या दशा है।

26 जनवरी 2015
सांध्य छाया
लेखक जयवंत दलवी
निर्देशक सुदेश शर्मा
सांध्य छाया की कहानी एक वृद्ध माता पिता पर आधारित है। यह दोनों अकेले रहते हैं। इस नाटक में दिखाया गया है कि जब बच्चे माता-पिता को छोड़कर चले जाते हैं तो माता पिता उनके बगैर कैसे रहते हैं।


27 जनवरी
बकरी
लेखक एस डी सक्सेना
निर्देशक ओमेंद्र कुमार
बकरी नाटक एक बकरी पर आधारित है। जिसको तीन लोग चोरी कर लेते हैं। इसमें गरीब गांववालों को यह विश्वास करवाते हैं कि यह बकरी महात्मा गांधी की है। यह नाटक अंधविश्वास और भ्रष्टाचार पर प्रहार करता है।

28 जनवरी 2015
सोनाटा
लेखक महेश एल कुंचावर
निर्देशक सुमन वैद्य
सोनाटा नाटक तीन औरतों पर आधारित है। यह अपना रोजगार अलग कार्य से करती हैं। यह एक रह कर अपनी लाइफ, रिश्तों और मनोविज्ञान आदि पर बातचीत करती रहती हैं।

29 जनवरी 2015
आधे अधूरे
लेखक मोहन राकेश
निर्देशक साबिर खान
आधे अधूरे नाटक एक परिवार पर आधारित है। यह एक साथ रहते हुए भी साथ में नहीं रहते हैं। सभी अपने रवैया में रहते हैं। सबकी अपनी ख्वाहिश हैं।

इन कलाकारों को देंगे पुरस्कार
कृष्ण कुमार डोडा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
तेजभाग गांधी-लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार

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