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Chandigarh News: हरियाणा विधानसभा के नए भवन बनने का रास्ता साफ
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पंचकूला स्थित जमीन से अड़चन दूर, केंद्र सरकार जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा का नया भवन बनाने का रास्ता साफ हो गया है। पंचकूला सेक्टर दो स्थित 12 एकड़ जमीन पर फंसा पेच निकल गया है। यह जमीन ईको सेंसटिव जोन की सीमा में थी। सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने ईको सेंसटिव जोन के नियमों में संशोधन कर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के जरिये सुझाव व आपत्ति मांगी थी, मगर कोई विशेष आपत्ति नहीं आई। इस स्थिति में अब केंद्र जल्द इसकी अंतिम अधिसूचना जारी कर सकती है। हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्र बहुत जल्द नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। इस सिलसिले में उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव से बातचीत भी की थी। विधानसभा के नए भवन को लेकर 2023-24 के बजट में 50 करोड़ की राशि का प्रावधान किया जा चुका है।
हरियाणा विधानसभा का नया भवन बनाने के लिए सरकार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से चंडीगढ़ में जमीन देने का अनुरोध किया था। दो साल पहले शाह जब चंडीगढ़ आए तो उन्होंने सरकार को जमीन देने की घोषणा भी कर दी थी। उसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने हरियाणा सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर रेलवे स्टेशन चौक से आईटी पार्क के रास्ते में पड़ने वाली दस एकड़ जमीन मुहैया करवाने का प्रस्ताव दिया। इस जमीन के बदले सरकार ने पंचकूला सेक्टर दो में 12 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया। मगर चंडीगढ़ प्रशासन ने यह जमीन लेने से मना कर दिया, क्योंकि यह जमीन ईको सेंसटिव जोन में आ रही थी। चंडीगढ़ प्रशासन ने भी कहा कि वह यह जमीन तभी लेगा, जब इसकी पर्यावरण क्लीयरेंस मिलेगी। ईको सेंसटिव के दायरे में जमीन आने की वजह से यहां पर निर्माण संबंधी गतिविधियों पर प्रतिबंध है। इस पर सरकार ने केंद्र सरकार से बात की। केंद्र ने हरियाणा सरकार से प्रपोजल मंगवाया और उसका ड्राफ्ट नोटिफिकेशन कर आपत्ति व सुझाव मांगे। इसके लिए दो महीने का समय दिया गया, मगर इसे लेकर किसी ने कोई विशेष आपत्ति नहीं जताई।
पुरानी विधानसभा में जगह नहीं, परिसीमन के बाद आएंगी मुश्किलें
मौजूदा विधानसभा में विधायकों के पास बैठने की जगह नहीं है। इसमें 90 विधायक ही बैठ सकते हैं। यहां तक हरियाणा के हिस्से के कई कमरे भी पंजाब विधानसभा के पास हैं। 2028 में परिसीमन भी संभावित है। यदि ऐसा होता है तो विधानसभा की सीटें 130 से ज्यादा हो सकती हैं। ऐसे में विधायकों के लिए बैठना मुश्किल होगा। इसीलिए सरकार खासकर विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता नई बिल्डिंग को लेकर काफी कोशिश में लगे हैं। पंचकूला की जमीन पर जब अड़चन आई तो उन्होंने भूपेंद्र यादव से भी बात की और उनसे जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करने का अनुरोध किया।
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कोट
फाइनल नोटिफिकेशन जारी होते ही यह जमीन चंडीगढ़ को ट्रांसफर हो जाएगी और हमें भवन निर्माण के लिए चंडीगढ़ में प्रस्तावित जमीन मिल जाएगी। नया विधानसभा भवन काफी आधुनिक होगा और भविष्य को देखते हुए इसका निर्माण कराया जाएगा।
-ज्ञानचंद गुप्ता, अध्यक्ष विधानसभा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा का नया भवन बनाने का रास्ता साफ हो गया है। पंचकूला सेक्टर दो स्थित 12 एकड़ जमीन पर फंसा पेच निकल गया है। यह जमीन ईको सेंसटिव जोन की सीमा में थी। सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने ईको सेंसटिव जोन के नियमों में संशोधन कर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के जरिये सुझाव व आपत्ति मांगी थी, मगर कोई विशेष आपत्ति नहीं आई। इस स्थिति में अब केंद्र जल्द इसकी अंतिम अधिसूचना जारी कर सकती है। हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्र बहुत जल्द नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। इस सिलसिले में उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव से बातचीत भी की थी। विधानसभा के नए भवन को लेकर 2023-24 के बजट में 50 करोड़ की राशि का प्रावधान किया जा चुका है।
हरियाणा विधानसभा का नया भवन बनाने के लिए सरकार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से चंडीगढ़ में जमीन देने का अनुरोध किया था। दो साल पहले शाह जब चंडीगढ़ आए तो उन्होंने सरकार को जमीन देने की घोषणा भी कर दी थी। उसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने हरियाणा सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर रेलवे स्टेशन चौक से आईटी पार्क के रास्ते में पड़ने वाली दस एकड़ जमीन मुहैया करवाने का प्रस्ताव दिया। इस जमीन के बदले सरकार ने पंचकूला सेक्टर दो में 12 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया। मगर चंडीगढ़ प्रशासन ने यह जमीन लेने से मना कर दिया, क्योंकि यह जमीन ईको सेंसटिव जोन में आ रही थी। चंडीगढ़ प्रशासन ने भी कहा कि वह यह जमीन तभी लेगा, जब इसकी पर्यावरण क्लीयरेंस मिलेगी। ईको सेंसटिव के दायरे में जमीन आने की वजह से यहां पर निर्माण संबंधी गतिविधियों पर प्रतिबंध है। इस पर सरकार ने केंद्र सरकार से बात की। केंद्र ने हरियाणा सरकार से प्रपोजल मंगवाया और उसका ड्राफ्ट नोटिफिकेशन कर आपत्ति व सुझाव मांगे। इसके लिए दो महीने का समय दिया गया, मगर इसे लेकर किसी ने कोई विशेष आपत्ति नहीं जताई।
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पुरानी विधानसभा में जगह नहीं, परिसीमन के बाद आएंगी मुश्किलें
मौजूदा विधानसभा में विधायकों के पास बैठने की जगह नहीं है। इसमें 90 विधायक ही बैठ सकते हैं। यहां तक हरियाणा के हिस्से के कई कमरे भी पंजाब विधानसभा के पास हैं। 2028 में परिसीमन भी संभावित है। यदि ऐसा होता है तो विधानसभा की सीटें 130 से ज्यादा हो सकती हैं। ऐसे में विधायकों के लिए बैठना मुश्किल होगा। इसीलिए सरकार खासकर विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता नई बिल्डिंग को लेकर काफी कोशिश में लगे हैं। पंचकूला की जमीन पर जब अड़चन आई तो उन्होंने भूपेंद्र यादव से भी बात की और उनसे जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करने का अनुरोध किया।
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फाइनल नोटिफिकेशन जारी होते ही यह जमीन चंडीगढ़ को ट्रांसफर हो जाएगी और हमें भवन निर्माण के लिए चंडीगढ़ में प्रस्तावित जमीन मिल जाएगी। नया विधानसभा भवन काफी आधुनिक होगा और भविष्य को देखते हुए इसका निर्माण कराया जाएगा।
-ज्ञानचंद गुप्ता, अध्यक्ष विधानसभा।