अमृत 2.0 योजना: चंडीगढ़ को केंद्र से मिले 33 करोड़ रुपये, 24 घंटे पेयजल आपूर्ति का रास्ता साफ
अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत शहर को 170 करोड़ रुपये जारी होने हैं। परियोजना की पहली किस्त केंद्र ने जारी कर दी है। शहर में टर्सरी वाटर आपूर्ति के लिए लगभग 89 करोड़ रुपये से पाइप लाइन बिछाई जानी है।
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आवास और शहरी विकास मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को अमृत 2.0 योजना के तहत चंडीगढ़ को 33 करोड़ रुपये जारी हो गए हैं। इससे गांवों में 24 घंटे 7 दिन पेयजलापूर्ति योजना का रास्ता साफ हो गया है। वहीं शहर में टर्सरी वाटर आपूर्ति के लिए बिछाई जाने वाली लाइन डालने की योजना भी शुरू हो जाएगी। आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि दिसंबर तक कार्यों का टेंडर लगाने की स्थिति में होंगे।
आनिंदिता मित्रा ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत शहर को 170 करोड़ रुपये जारी होने हैं। परियोजना की पहली किस्त केंद्र ने जारी कर दी है। शहर में टर्सरी वाटर आपूर्ति के लिए लगभग 89 करोड़ रुपये से पाइप लाइन बिछाई जानी है। निगम के 5 एसटीपी पूरी तरह अपग्रेड होते ही टर्सरी वाटर का मात्रा काफी हो जाएगी। इससे न केवल शहर बल्कि अन्य लोगों को भी आपूर्ति की जा सकती है। वहीं, मनीमाजरा में 24 घंटे 7 दिन पेयजलापूर्ति योजना के लिए पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत टेंडर हो चुका है। पूरे शहर के लिए इस योजना का एएफडी के साथ अनुबंध जल्द हो जाएगा। यह योजना बनाते समय 13 गांव निगम में शामिल नहीं थे, इसलिए पहले प्रोजेक्ट में इन गांवों को नहीं रखा गया था। अमृत योजना के अंतर्गत 13 गांवों को भी अब इस योजना से लाभान्वित किया जा सकेगा। इस पर लगभग 60 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।
सीवर पाइप लाइन होगी दुरुस्त
आयुक्त ने बताया कि गांवों में पेयजलापूर्ति और सीवर के लिए इस योजना के अंतर्गत काम होगा। वहीं शहर में सीवर लाइन को दुरुस्त करने पर भी लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जो इसी योजना से खर्च होगी। इस योजना से खुड्डालाहौरा, खुड्डाजस्सू, रायपुरखुर्द, रायपुरकलां, किशनगढ़, खुड्डाअलीशेर, सारंगपुर, दड़वा, बहलाना, मौली, मक्खनमाजरा सहित 13 गांव लाभान्वित होंगे। टर्सरी वाटर के लिए पाइप लाइन डलने के बाद लगभग 10 एमजीडी पीने के पानी की बचत होगी।
केंद्र से अमृत योजना के तहत पहली किस्त जारी हो गई है। टेंडर तैयार करने लगभग तीन लगेंगे। संभव है दिसंबर में हम टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देंगे। इससे शहर को काफी राहत मिलेगी। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम