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पीयू के फैकल्टी डीन का कार्यकाल 31 को हो जाएगा खत्म, रिसर्च सबसे अधिक प्रभावित होगा

Mon, 18 Jan 2021 02:32 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2021 02:32 AM IST
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The term of faculty dean of PU will end on 31st, research will be most affected
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के फैकल्टी डीन का कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा हो जाएगा। डीन की जगह कौन काम करेगा या इन्हीं डीन का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा, यह अभी तय नहीं हो पाया है। विभाग भी इसको लेकर चिंतित हैं और रिसर्च से जुड़े शोधार्थी भी। सिनोप्सिस जमा करने का कार्य पीयू में कुछ विभागों में चल रहा है, लेकिन 31 जनवरी के बाद सिनोप्सिस को पास करने की जिम्मेदारी किसकी होगी? यह सवाल भी खड़ा हो गया है।
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पीयू में नौ डीन हैं। इनमें डीन कला, विज्ञान, इंजीनियरिंग, शिक्षा, फाइन आर्टस, मेडिकल, कानून, एनिमल हसबेंडरी आदि शामिल हैं। डीन का प्रमुख कार्य विभागों के पाठ्यक्रम से लेकर विभागों में होने वाले बदलावों को लागू करवाना है। इसके अलावा महत्वपूर्ण कार्य ये होता है कि रिसर्च डिग्री कमेटी की बैठक करके शोधार्थियों के सिनोप्सिस की जांच कर उसे पास करना होता है। विद्यार्थियों को कुछ गलतियों पर सुधार आदि करवाया जाता है। साथ ही रिसर्च कितने साल में पूरा होना है, यह भी डीन के जरिए ही बताया जाता है। डीन को विभाग एक मार्गदर्शक की तरह मानते हैं। उनके विचारों से विभाग भी आगे बढ़ते हैं, लेकिन पीयू के इन सभी डीन का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में संकट खड़ा होगा। यह सभी कार्य कौन करेगा।
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शिक्षकों के साक्षात्कार में भी डीन की भूमिका
पीयू में शिक्षकों के पदोन्नति साक्षात्कार में भी डीन की भूमिका होती है। वह कई कार्यों में शिक्षकों की मदद करते हैं। यदि डीन नहीं होंगे तो यह कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। डीन शिक्षकों के हितों का भी ध्यान रखते हैं और पीयू के नियमों का भी पालन करवाते हैं। कुछ शिक्षकों का कहना है कि इस माह के बाद होने वाले शिक्षकों के पदोन्नति साक्षात्कार पर भी असर पड़ सकता है। पुटा सचिव अमरजीत सिंह नौरा का कहना है कि जब तक सीनेट का गठन नहीं हो जाता, तब तक फैकल्टी डीन का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए, ताकि कोई चीज प्रभावित न हो सके।
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संकाय के वरिष्ठ शिक्षक को मिल सकता डीन का कार्य
सूत्रों का कहना है डीन का कार्यकाल पूरा हो जाएगा तो उसका कुछ समय के लिए कार्य उस संकाय के सबसे वरिष्ठ शिक्षक को दिया जा सकता है। कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि सभी फैकल्टी डीन का कार्य अकेले डीन रिसर्च भी कर सकते हैं। विभागों के अध्यक्षों की ओर से हर चीज प्रस्तावित की जाए और डीन रिसर्च उन्हें पास कर देगा। इसके अलावा पीयू हर संकाय में एक कमेटी बना सकती है जो डीन के कार्य देखेगी। हालांकि फाइनल कुछ नहीं है। यह कयास शिक्षक ही लगा रहे हैं। पीयू की ओर से अब तक कोई भी योजना इसको लेकर सार्वजनिक नहीं की गई है।

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सीनेट का चुनाव होगा, तभी चुने जाएंगे डीन
पीयू में सीनेट के जरिये ही संकाय के डीन का चुनाव होता है। वर्तमान में न सीनेट है और न ही सिंडिकेट। सूत्रों का कहना है कि सीनेट चुनाव को लेकर 27 जनवरी को कोई फैसला आता है तो उसके बाद पीयू अपना रुख साफ करेगी। अभी फिलहाल डीन आदि के प्रस्ताव ठंडे बस्ते में हैं। पहली फरवरी को डीयूआई भी बनाया जाना है। अब तक के क्रम के मुताबिक फरवरी में डीयूआई प्रो. वीआर सिन्हा को बनाया जाना चाहिए। डीयूआई कौन होगा? इसके लिए पीयू ने अभी अपना मत सामने नहीं रखा है। पुटा भी इस विषय को लेकर गंभीर है।
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