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दो दिनों की हड़ताल से रुकेगी ‘रफ्तार’
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 11 Nov 2013 11:38 PM IST
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गोहाना में भले ही मुख्यमंत्री की तरफ से कई घोषणाएं की गई हों, लेकिन कर्मचारी वर्ग अब भी नाखुश है। सर्व संघ हरियाणा ने 13 और 14 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ के प्रांतीय प्रधान धर्मबीर सिंह फोगाट व महासचिव सुभाष लांबा ने सेक्टर-5 स्थित बस स्टैंड पर संघ के सदस्यों के साथ बैठक की और हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
फोगाट ने कहा कि 13 व 14 नवंबर को होने वाली राज्यव्यापी हड़ताल में कर्मचारियों के साथ आम जनता का भी पूरा समर्थन मिलेगा। मुख्यमंत्री की गोहाना रैली में जो घोषणाएं की गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
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कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से जो आस लगा रखी थी, उसके विपरीत कर्मचारियों का मजाक उड़ाया गया है।
वहीं, सुभाष लांबा ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पुलिस व लिपिक वर्ग को पंजाब के समान वेतनमान देने, केंद्र के समान वेतनमान भत्ते पर मुख्यमंत्री बिल्कुल संवदेनशील नजर नहीं आए।
सरकार हड़ताल के दबाव में झूठी घोषणाओं का सहारा लेकर हड़ताल को कमजोर करना चाहती थी, लेकिन इस घोषणा के बाद कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया है।
हड़ताल से ये होगा असर
इस हड़ताल में रोडवेज, स्वास्थ्य विभाग, निगम, परिषद, लिपिक, अध्यापक व अन्य सभी तरह के विभागों के शामिल होने का दावा किया गया है। लिहाजा, इसका गहरा असर पड़ेगा।
बसें नहीं चलेंगी। दो दिनों तक सफाई व्यवस्था चरमराएगी और स्कूलों में भी शायद अध्यापक न मिलें।
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सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ के प्रांतीय प्रधान धर्मबीर सिंह फोगाट व महासचिव सुभाष लांबा ने सेक्टर-5 स्थित बस स्टैंड पर संघ के सदस्यों के साथ बैठक की और हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
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फोगाट ने कहा कि 13 व 14 नवंबर को होने वाली राज्यव्यापी हड़ताल में कर्मचारियों के साथ आम जनता का भी पूरा समर्थन मिलेगा। मुख्यमंत्री की गोहाना रैली में जो घोषणाएं की गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
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कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से जो आस लगा रखी थी, उसके विपरीत कर्मचारियों का मजाक उड़ाया गया है।
वहीं, सुभाष लांबा ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पुलिस व लिपिक वर्ग को पंजाब के समान वेतनमान देने, केंद्र के समान वेतनमान भत्ते पर मुख्यमंत्री बिल्कुल संवदेनशील नजर नहीं आए।
सरकार हड़ताल के दबाव में झूठी घोषणाओं का सहारा लेकर हड़ताल को कमजोर करना चाहती थी, लेकिन इस घोषणा के बाद कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया है।
हड़ताल से ये होगा असर
इस हड़ताल में रोडवेज, स्वास्थ्य विभाग, निगम, परिषद, लिपिक, अध्यापक व अन्य सभी तरह के विभागों के शामिल होने का दावा किया गया है। लिहाजा, इसका गहरा असर पड़ेगा।
बसें नहीं चलेंगी। दो दिनों तक सफाई व्यवस्था चरमराएगी और स्कूलों में भी शायद अध्यापक न मिलें।