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Chandigarh News: 50 साल से भी अधिक पुरानी सीवर सिस्टम होगा दुरुस्त, कैमरों और रोबोट की मदद से होगी पाइपों की सफाई
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चंडीगढ़। हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सीवर सिस्टम के दुरुस्त नहीं होने पर अब इसे पूरे तौर पर बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सिटी ब्यूटीफुल में पुराने सीवर को पूर्ण तौर पर सुधारा जाएगा। इसे नई तकनीक से तैयार किया जाएगा। पुराने पाइप के अंदर नया पाइप डाला जाएगा। ताकि कम खुदाई करना पड़े। रोबोट और कैमरों की सहायता से पाइप की सफाई की जाएगी।
1,263 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट को केंद्र के पास भेजा गया है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इस योजना के तहत कुल लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देगी, 25 प्रतिशत नगर निगम उठाएगा, जबकि बाकी 50 प्रतिशत की राशि प्राइवेट कंपनियों के जरिए जुटाई जाएगी। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) या हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) अपनाया जा सकता है। इसमें कंपनी प्रोजेक्ट तैयार करने के साथ-साथ कई सालों तक उसका संचालन और रखरखाव भी करेगी।
घटेगी सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या
मेयर सौरभ जोशी ने बताया कि शहर के वर्तमान सीवर सिस्टम बहुत पुराना हो चुका है। इसमें केमिकल स्केलिंग के कारण पाइप की क्षमता कमजोर हो गई है। पाइप अंदर से मोटी हो गई। इसमें गाद जम गया है। कई जगह पाइप फटे हुए हैं। दारारें पड़ गई है। पेड़ों की जड़ों ने भी सीवर की पाइप को काफी नुकसान पहुंचाया है। बारिश में ओवरफ्लो की समस्याएं आम बात हो गई हैं। इसके कारण जमीन के अंदर पानी को दूषित होने का खतरा है। सौरभ जोशी ने बताया कि नई योजना के पूरा होने पर सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या बहुत कम होगी।
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1,263 किलोमीटर लंबे सीवर नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट को केंद्र के पास भेजा गया है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इस योजना के तहत कुल लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देगी, 25 प्रतिशत नगर निगम उठाएगा, जबकि बाकी 50 प्रतिशत की राशि प्राइवेट कंपनियों के जरिए जुटाई जाएगी। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) या हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) अपनाया जा सकता है। इसमें कंपनी प्रोजेक्ट तैयार करने के साथ-साथ कई सालों तक उसका संचालन और रखरखाव भी करेगी।
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घटेगी सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या
मेयर सौरभ जोशी ने बताया कि शहर के वर्तमान सीवर सिस्टम बहुत पुराना हो चुका है। इसमें केमिकल स्केलिंग के कारण पाइप की क्षमता कमजोर हो गई है। पाइप अंदर से मोटी हो गई। इसमें गाद जम गया है। कई जगह पाइप फटे हुए हैं। दारारें पड़ गई है। पेड़ों की जड़ों ने भी सीवर की पाइप को काफी नुकसान पहुंचाया है। बारिश में ओवरफ्लो की समस्याएं आम बात हो गई हैं। इसके कारण जमीन के अंदर पानी को दूषित होने का खतरा है। सौरभ जोशी ने बताया कि नई योजना के पूरा होने पर सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या बहुत कम होगी।
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