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Chandigarh News: प्रॉपर्टी टैक्स पर 15 प्रतिशत छूट की योजना वर्तमान बिलों पर भी होगी लागू

Sat, 18 Nov 2023 08:34 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Nov 2023 08:34 PM IST
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The scheme of 15 percent rebate on property tax will also be applicable on the existing bills of 2023-24.
शहरी क्षेत्रों के लाखों परिवारों को मिली राहत, अधिसूचना जारी
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्रों के लाखों परिवारों को राहत देते हुए प्रॉपर्टी टैक्स बिलों के भुगतान पर 15 प्रतिशत छूट की योजना को वर्तमान 2023-24 के बिलों पर भी लागू कर दिया है। इससे पहले यह योजना वर्ष 2010-11 से 2022-23 तक के प्रॉपर्टी टैक्स बिलों पर लागू थी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
प्रदेश सरकार की ओर से 17 अक्तूबर से शहरी क्षेत्रों के संपत्ति मालिकों को राहत देते हुए 2010-11 से लेकर 2022-23 तक के बकाया प्रॉपर्टी टैक्स बिलों के भुगतान पर 15 प्रतिशत की छूट और 100 प्रतिशत ब्याज माफी की योजना 31 दिसंबर तक की समय अवधि के लिए लागू कर रखी है। लेकिन इस छूट की योजना में वर्तमान वित्त वर्ष 2023-24 के बिलों को शामिल नहीं किया था। ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से छूट की योजना में वर्तमान बिलों को शामिल करने और ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा स्व-प्रमाणित की शर्त को हटाने की मांग की थी। यह योजना 31 दिसम्बर तक की निर्धारित समय अवधि तक जारी रहेगी। इसके समय में कोई बदलाव नहीं किया है। नए निर्णय लागू होने के बाद अब संपत्ति मालिकों को 2010-11 से 2023-24 के प्रॉपर्टी टैक्स के बकाया बिलों के भुगतान पर 15 प्रतिशत की छूट और पिछले एरियर/बकाया पर 100 प्रतिशत ब्याज की छूट मिलेगी, यानि लगभग 13 साल के बकाया पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।
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डाटा स्व प्रमाणित की शर्त हटवाने के लिए जताएंगे विरोध : वत्स
कुलदीप वत्स ने कहा कि सरकार की ओर से छूट की स्कीम के तहत बकाया राशि भुगतान के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर डाटा स्व-प्रमाणित शर्त को अनिवार्य कर रखा है। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पोर्टल पर डाटा स्व-प्रमाणित करने के लिए सीएससी सेंटर व कम्प्यूटर की प्राइवेट दुकान चलाने वाले लोगों से मोटी राशि वसूल रहे हैं। इसको हटवाने के लिए विरोध जताया जाएगा। वत्स ने मांग की कि प्राॅपर्टी सर्वे दोबारा कराया जाए, क्योंकि पहले वाले सर्वे में भारी गलतियां हैं।
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