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Chandigarh News: पीजीआई में डॉक्टरों के साथ मरीजों की सुरक्षा भी दांव पर, 86 सीसीटीवी कैमरे खराब
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चंडीगढ़। पीजीआई में डॉक्टर के साथ ही इलाज के लिए आ रहे हजारों मरीजों की सुरक्षा दांव पर है। संस्थान में जगह-जगह लगाए गए सीसीटीवी कैमरा में से 86 कैमरे खराब पड़े हैं। खराब पड़े कैमरे संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वारों, न्यू ओपीडी बिल्डिंग, रिसर्च ब्लॉक, डॉक्टर हॉस्टल जैसे महत्वपूर्ण जगहों के हैं। पीजीआई में मौजूदा समय में लगभग 904 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
चौंकाने वाली बात है कि सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाला पीजीआई प्रशासन डेढ़ महीने से खराब पड़े कैमरे को ठीक नहीं कर रहा है। ऐसे में रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ मरीज के परिजन द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। वही, इस स्थिति पर पीजीआई प्रशासन का कहना है की सुरक्षा व्यवस्था मेंटेन करने के लिए खराब सीसीटीवी कैमरे वाले जगह पर सुरक्षा कर्मियों की ग्रस्त बढ़ा दी गई है।
डॉक्टरों ने उठाई थी सुरक्षा की मांग, हुआ था जमकर बवाल
कोलकाता मेडिकल कॉलेज में 2024 में हुई घटना को लेकर पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों ने लगातार कई दिनों तक ओपीडी का बहिष्कार किया था। उस दौरान परिसर में सुरक्षा की मांग को लेकर जमकर बवाल भी हुआ था। जिस पर केंद्र के निर्देश के अनुसार डॉक्टरो की सुरक्षा को लेकर कई बिंदुओं पर कार्य योजना तैयार की गई थी, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, सिक्योरिटी बटन इंस्टॉल करने के साथ ही कई बिंदुओं पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाने थे। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं। इतना ही नहीं इस घटना के कुछ दिन बाद ही पीजीआई की इमरजेंसी में डॉक्टर के साथ मारपीट का मामला सामने आया था, जिसके बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर इमरजेंसी सेवा तक ठप कर दी थी।
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भर्ती मरीज की जा चुकी है जान
15 नवंबर 2023 को देर रात 11:05 बजे एक महिला पीजीआई के गायनी वार्ड में पहुंची और वहां भर्ती महिला मरीज की ननद से कहा कि उसे डॉक्टर ने मरीज को इंजेक्शन लगाने भेजा है। इंजेक्शन लगने के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। इसके चलते उसे वार्ड से आईसीयू में शिफ्ट किया गया। उसकी किडनी पहले से खराब थी और अब हालत और खराब हो गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इंजेक्शन लगाने वाली महिला को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से गिरफ्तार कर लिया था।
इनसेट -
यहां के सीसीटीवी कैमरे हैं खराब
- न्यू ओपीडी में प्रवेश और निकास सहित सभी सीसीटीवी कैमरे।
- रिसर्च ब्लॉक बी
- सेक्टर 11 गेट प्रवेश और निकास।
- डीडीटीसी
- ओल्ड डॉक्टर हॉस्टल इंट्री गेट
- मैरिड डॉक्टर हॉस्टल इंट्री गेट
- लाउड्री प्लांट एरिया
.- न्यू ओपीडी गेट नंबर 4
कोट -
जिन जगहों पर कैमरे खराब हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था मेंटेन करने के लिए सुरक्षा पर्यवेक्षकों और सुरक्षा गार्डों की शारीरिक गश्त बढ़ा दी गई है।
प्रभारी आधिकारिक प्रवक्ता, पीजीआई
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चौंकाने वाली बात है कि सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाला पीजीआई प्रशासन डेढ़ महीने से खराब पड़े कैमरे को ठीक नहीं कर रहा है। ऐसे में रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ मरीज के परिजन द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। वही, इस स्थिति पर पीजीआई प्रशासन का कहना है की सुरक्षा व्यवस्था मेंटेन करने के लिए खराब सीसीटीवी कैमरे वाले जगह पर सुरक्षा कर्मियों की ग्रस्त बढ़ा दी गई है।
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डॉक्टरों ने उठाई थी सुरक्षा की मांग, हुआ था जमकर बवाल
कोलकाता मेडिकल कॉलेज में 2024 में हुई घटना को लेकर पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों ने लगातार कई दिनों तक ओपीडी का बहिष्कार किया था। उस दौरान परिसर में सुरक्षा की मांग को लेकर जमकर बवाल भी हुआ था। जिस पर केंद्र के निर्देश के अनुसार डॉक्टरो की सुरक्षा को लेकर कई बिंदुओं पर कार्य योजना तैयार की गई थी, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, सिक्योरिटी बटन इंस्टॉल करने के साथ ही कई बिंदुओं पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाने थे। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं। इतना ही नहीं इस घटना के कुछ दिन बाद ही पीजीआई की इमरजेंसी में डॉक्टर के साथ मारपीट का मामला सामने आया था, जिसके बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर इमरजेंसी सेवा तक ठप कर दी थी।
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भर्ती मरीज की जा चुकी है जान
15 नवंबर 2023 को देर रात 11:05 बजे एक महिला पीजीआई के गायनी वार्ड में पहुंची और वहां भर्ती महिला मरीज की ननद से कहा कि उसे डॉक्टर ने मरीज को इंजेक्शन लगाने भेजा है। इंजेक्शन लगने के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। इसके चलते उसे वार्ड से आईसीयू में शिफ्ट किया गया। उसकी किडनी पहले से खराब थी और अब हालत और खराब हो गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इंजेक्शन लगाने वाली महिला को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से गिरफ्तार कर लिया था।
इनसेट -
यहां के सीसीटीवी कैमरे हैं खराब
- न्यू ओपीडी में प्रवेश और निकास सहित सभी सीसीटीवी कैमरे।
- रिसर्च ब्लॉक बी
- सेक्टर 11 गेट प्रवेश और निकास।
- डीडीटीसी
- ओल्ड डॉक्टर हॉस्टल इंट्री गेट
- मैरिड डॉक्टर हॉस्टल इंट्री गेट
- लाउड्री प्लांट एरिया
.- न्यू ओपीडी गेट नंबर 4
कोट -
जिन जगहों पर कैमरे खराब हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था मेंटेन करने के लिए सुरक्षा पर्यवेक्षकों और सुरक्षा गार्डों की शारीरिक गश्त बढ़ा दी गई है।
प्रभारी आधिकारिक प्रवक्ता, पीजीआई