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उप चुनाव में सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर, दाखा में बुरी तरह फंसी कांग्रेस
Mon, 21 Oct 2019 04:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अखिल तलवार, चंडीगढ़
अखिल तलवार, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 21 Oct 2019 04:00 AM IST
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Punjab Assembly election
पंजाब के चार विधानसभा हलकों में उप चुनाव के लिए सोमवार को मतदान होगा। इन उप चुनावों में सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। अगर कांग्रेस एक भी सीट हारती है तो इसका असर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के मिशन 2022 पर भी पड़ेगा।
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कांग्रेस को सबसे बड़ी चुनौती दाखा हलके में मिल रही है। यहां सीएम के सलाहकार कैप्टन संदीप संधू का मुकाबला शिअद के पूर्व विधायक मनप्रीत अयाली से है।
अयाली स्थानीय हैं, लगातार हलके में रहे हैं, पिछले कार्यकाल में काम कराए हैं। संधू पर बाहरी का टैग है। लेकिन पूरे प्रचार के दौरान उन्होंने एक ही बात कही कि अगर वे जीतते हैं तो लोगों के काम होंगे। क्योंकि कांग्रेस ढाई साल तक सत्ता में है और वह सीएम के करीबी। लेकिन कांग्रेसियों की हड़बड़ी बता रही है कि वे समझ रहे हैं कि डगर मुश्किल है।
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रविवार को एक एनआरआई पर दूसरा परचा दर्ज हुआ। एक विधायक के लोगों को धमकाने की खबर आई। इससे पहले कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू द्वारा अपनी ही पार्टी के एक व्यक्ति से मारपीट और उसकी पगड़ी उतारने से पार्टी बैकफुट पर थी। क्योंकि यह पंथक हलका माना जाता है।
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दाखा हलके के बारे में इनपुट मिलने के बाद कैप्टन ने खुद यहां दो दिन रोड शो किए। फगवाड़ा की चुनावी जंग भी दिलचस्प मोड़ में है। यहां मुकाबला तो कांग्रेस के बलविंदर धालीवाल और भाजपा के राजेश बाघा केबीच है। कांग्रेस लंबे समय बाद यहां एकजुट हुई है। पर भाजपा में ऐसा नहीं है, बाघा की चुनावी कैंपेन भी देर से ट्रैक पर आई। लेकिन यहां बसपा को मिल रहा समर्थन सबका गणित बिगाड़ सकता है।
बसपा जब भी ज्यादा वोट लेकर जाती है, नुकसान कांग्रेस का ही होता है। इसी फैक्टर को देखते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह को डेरा बल्लां जाना पड़ा। क्योंकि यह रविदास बिरादरी का गढ़ है। मुकेरियां में कांग्रेस की इंदु बाला और भाजपा के जंगी लाल महाजन के बीच लड़ाई है। इंदु बाला को सिम्पैथी मिल रही है, पर कांग्रेस में गुटबाजी है। यह सेना की बेल्ट है, जिसका फायदा भाजपा को है।
जलालाबाद सीट पर राय सिख बिरादरी ही निर्णायक होगी। कांग्रेस उम्मीदवार रमिंदर आंवला इस बिरादरी से नहीं है। पर शिअद के डॉ. राज सिंह डिब्बीपुर और आप के मोहिंदर सिंह राय सिख हैं। शिअद के इस गढ़ में कांग्रेस ने अपनी स्थिति में काफी सुधार किया है।
उप चुनाव
हलके - चार
पोलिंग बूथ - 920
उम्मीदवार - 33
वोटर - 7.68 लाख