पार्टी प्रभारी ने मांगी रिपोर्ट, पूछा- बहुमत होने के बाद भी हीरा कैसे हारीं?
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वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में भाजपा पार्षद हीरा नेगी की हार से हाईकमान भी स्थानीय नेताओं से नाराज हैं। पार्टी प्रभारी प्रभात झा ने स्थानीय इकाई से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
पार्टी प्रभारी ने पूछा है कि बहुमत होने के बावजूद हीरा नेगी कैसे हार गईं और जिन-जिन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की है उन पर क्या कार्रवाई की जा रही है।
मालूम हो कि वर्ष 2015 में जब हीरा नेगी दो वोट से मेयर चुनाव हार गई थीं तब भी भाजपा पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगा था। लेकिन भाजपा ने मनोनीत पार्षदों को जिम्मेदार ठहरा कर पल्ला झाड़ लिया था।
विधानसभा चुनाव के बाद बवाल बढ़ेगा
इस बार स्थिति ऐसी नहीं है, क्योंकि हीरा नेगी को जिन छह मत डालना तय किया गया था वह सभी भाजपा के पार्षद थे। ऐसे में इस बार मनोनीत पर भी आरोप नहीं लगाया जा सकता है।
वहीं, पार्टी महासचिव चंद्रशेखर इस मामले की जांच कर रहे हैं। पार्टी के कई सीनियर पार्षदों की ओर से हीरा नेगी को निगम की आगे गठित होने वाली किसी अहम कमेटी का चेयरपर्सन बनने का आफर दिया जा रहा है, लेकिन इसके लिए नेगी ने इंकार कर दिया है। नेगी का कहना है कि उन्हें सिर्फ इंसाफ चाहिए।
विधानसभा चुनाव के बाद बवाल बढ़ेगा
4 फरवरी को पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी में क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर हंगामा होना तय है। क्योंकि इस समय भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन सहित कई बडे नेता पंजाब विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं। टंडन के वापस लौटने के बाद इसकी रिपोर्ट भी उन्हें सौंपी जाएगी।