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रिसर्च लगाए दौड़ इसलिए पेक में शिक्षकों की संख्या बढ़ानी होगी

Sun, 01 Nov 2020 02:03 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 02:03 AM IST
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The race for research will therefore increase the number of teachers in Pek
चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) में रिसर्च गति नहीं पकड़ पा रहा है। इसका असर रैंकिंग पर भी पड़ेगा। इसका प्रमुख कारण यहां शिक्षकों की कमी होना है। शिक्षकों पर अतिरिक्त भार है। समय मिल ही नहीं पाता कि शिक्षक रिसर्च कर सकें। हालांकि कुछ प्रोजेक्ट चल रहे हैं, लेकिन वह दौड़ नहीं रहे हैं। शिक्षकों का यही कहना है कि नई तैनाती हो तो बात बने।
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पेक में 3300 से अधिक विद्यार्थी हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए लगभग 100 स्थायी शिक्षक ही हैं। गेस्ट फैकल्टी या अनुबंध पर भी लगभग 40 शिक्षकों से काम लिया जा रहा है। कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो पीएचडीधारी नहीं हैं जबकि पेक में नियम बन गया कि पीएचडी शिक्षक के लिए होना जरूरी है। ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे, इस पर भी सवाल उठेंगे। बिना पीएचडी वाले शिक्षकों से पेक काम लेगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। सूत्रों का कहना है कि पेक को 50 स्थायी शिक्षक मिल जाएं तो काम चल सकता है। रिसर्च के लिए शिक्षक समय निकाल सकेंगे। साथ ही शिक्षा गुणवत्ता भी प्रभावी होने लगेगी। रैंकिंग पर भी असर दिखेगा। शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय जल्द लेना चाहिए।
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