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Chandigarh News: हिमाचल में 181 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला करने वाले शिक्षण संस्थान संचालकों की मुश्किलें बढ़ीं

Fri, 31 Jan 2025 02:10 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2025 02:10 AM IST
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The problems of the operators of educational institutions who committed a scholarship scam of Rs 181 crore in Himachal have increased
चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेेश में वर्ष 2013 से 2017 के बीच एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी छात्रवृत्ति में 181 करोड़ रुपये का घोटाला करने वाले शिक्षण संस्थानों के संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में सीबीआई ने भी फिर से जांच शुरू कर दी है। शिक्षण संस्थान संचालकों से ढाई करोड़ की रिश्वत के मामले में दिल्ली सीबीआई के डीएसपी बलबीर शर्मा को गिरफ्तार करने के बाद मामले में कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि डीएसपी बलबीर शर्मा ने शिक्षण संस्थान संचालकों के खिलाफ कोर्ट में दायर चार्जशीट भी कई गड़बड़ियां की हुई हैं। इसी कारण सीबीआई ने फिर से अपने स्तर पर इस मामले में दोबारा जांच शुरू कर दी है जिसके बाद शिक्षण संस्थान संचालकों की मुश्किलें बढ़नी तय है।
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दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के माध्यम से एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की थी। लेकिन हिमाचल में 36 योजनाओं के तहत प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रों के लिए पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान ही नहीं किया गया। हिमाचल के लाहौल और स्पीति जिले में आदिवासी स्पीति घाटी के सरकारी स्कूलों के छात्रों को 2012 से 2017 तक पांच वर्षों से छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किए जाने की एक इंटरनल रिपोर्ट के बाद इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। इसके बाद वर्ष 2017 में सीबीआई ने जांच शुरू की और लंबी जांच के बाद वर्ष 2019 में हिमाचल के 22 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ वर्ष 2013-17 के बीच करीब 181 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति घोटाला करने पर धोखाधड़ी करने के दो मामले दर्ज किए गए। क्योंकि छात्रवृत्ति की 80 प्रतिशत राशि निजी संस्थानों को ट्रांसफर की गई थी। इस घोटाले में सीबीआई द्वारा शिक्षण संस्थानों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निदेशक, कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
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डीएसपी बलबीर ने संचालकों को फायदा पहुंचाने के लिए चार्जशीट में की गड़बड़ी

छात्रवृत्ति घोटाले की जांच सीबीआई डीएसपी बलबीर शर्मा कर रहे थे। इस दौरान जांच में सामने आया कि सीबीआई ने अभी तक 60 हजार पेज की अलग-अलग चार्जशीट कोर्ट में दायर की है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने 22 शिक्षण संस्थानों सहित 105 लोगों के नाम चार्जशीट में शामिल है। हालांकि इनमें अभी कुछ शिक्षण संस्थान संचालकों के खिलाफ चार्जशीट करने की तैयारी थी लेकिन उससे पहले ही ढाई करोड़ की रिश्वत का खेल हो गया। वहीं, कोर्ट में दायर चार्जशीट में डीएसपी ने कई शिक्षण संस्थान संचालकों को कई तरह के लाभ दिए, जिसमें उन्हें गिरफ्तार न करना और उनके खिलाफ आरोपों को कमजोर करना शामिल था। हालांकि जांच के दौरान डीएसपी बलबीर शर्मा को शिमला सीबीआई से दिल्ली में ट्रांसफर हो गया था लेकिन इसके बावजूद इस घोटाले की जांच उन्होंने अपने पास रखी। इसी कारण अब सीबीआई चार्जशीट में वह सभी प्वाइंट्स खंगाल रही है जिनमें शिक्षण संस्थान संचालकों के अलावा अन्य बैंक व शिक्षा अधिकारियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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