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Chandigarh News: राष्ट्रपति ने कहा- पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए स्थायी हल ढूंढने की जरूरत

Thu, 15 Jan 2026 07:32 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 07:32 PM IST
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The President said that there is a need to find a permanent solution to save the youth of Punjab from drug addiction.
-जीएनडीयू की 50वीं गोल्डन जुबली कॉन्वोकेशन में पहुंचीं द्रौपदी मुर्मू, स्टूडेंट्स को दी डिग्रियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पंजाब में नशाखोरी के मुद्दे पर चिंता जताते हुए वीरवार को अमृतसर में श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) में कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए स्थायी हल ढूंढने की जरूरत है। अपने करीब 12 मिनट के संबोधन में उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है और यह समस्या स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने यह बात जीएनडीयू की 50वीं गोल्डन जुबली कॉन्वोकेशन में कही।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए नशाखोरी का स्थायी समाधान जरूरी है। राष्ट्रपति ने कहा कि श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी जैसे शैक्षणिक संस्थान भटके युवाओं को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। साथ ही उन्होंने शिक्षा के साथ खेलों में भी यूनिवर्सिटी के छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की और महिला सशक्तीकरण को देश की प्रगति का मजबूत आधार बताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वीरवार को दोपहर 12:10 बजे यूनिवर्सिटी पहुंचीं और करीब 45 मिनट तक कार्यक्रम में शामिल रहीं।
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नाम जपो, किरत करो, वंड छको ही सच्चे जीवन का सार
राष्ट्रपति ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 500वें प्रकाश पर्व की स्मृति में स्थापित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) में आना अपने आप में सौभाग्य की बात है। गुरु नानक देव जी के उपदेश- नाम जपो, किरत करो और वंड छको ही सच्चे और संतुलित जीवन का सार हैं। यदि इन सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाया जाए तो समाज अनेक बुराइयों से मुक्त हो सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं केवल सिख समुदाय तक सीमित नहीं हैं बल्कि पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। शिक्षा को उन्होंने रोजगार प्राप्त करने का साधन भर नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति का शक्तिशाली माध्यम बताया।
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