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कोरोना काल में भी नहीं थमी युवाओं की रफ्तार, पीजीआई को मिला एक लाख यूनिट रक्त

Fri, 01 Oct 2021 01:12 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 01:12 AM IST
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The pace of youth did not stop even during the Corona period, PGI got one lakh units of blood
चंडीगढ़। रक्तदान करने में चंडीगढ़ के लोगों का जवाब नहीं है। शहर के युवाओं का उत्साह और दूसरों की जिंदगी बचाने के जज्बे का ही नतीजा है कि 200 से ज्यादा संस्थाएं प्रतिदिन रक्तदान शिविर का आयोजन करने में जुटी हुई हैं। कोरोना काल में भी इसकी रफ्तार थमी नहीं। इस दौरान अकेले पीजीआई को दान में एक लाख यूनिट रक्त मिल गया।
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रक्तदान में मिलने वाले रक्त से हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से आने वाले मरीजों तक की जान बचाने में मदद मिल रही है। पीजीआई ब्लड ट्रांसफ्यूजन के प्रमुख प्रो. रतिराम शर्मा का कहना है कि अगर खानपान और रहन-सहन में तय मानकों का पालन किया जाए तो व्यक्ति 60 साल तक की आयु में नियमित तौर पर खून दे सकता है।
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इन संस्थाओं का योगदान सराहनीय
प्रो. रतिराम शर्मा ने बताया कि लगभग 200 से ज्यादा संस्थाएं रक्तदान शिविर के माध्यम से पीजीआई को खून उपलब्ध करा रही हैं। उनमें से कुछ संस्थाएं जैसे श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट व महामाई मनसा देवी चैरिटेबल भंडारा कमेटी अकेले 8 से 10 हजार यूनिट खून पीजीआई को दे रही है। इसके अलावा थैलिसेमिक चैरिटेबल ट्रस्ट, विश्वास फाउंडेशन की तरफ से भी लगातार सहयोग मिल रहा है।
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पीजीआई 10 प्रतिशत अन्य अस्पतालों को देता है रक्त
पीजीआई ब्लड बैंक से एक साल में एक से सवा लाख यूनिट खून का संग्रह कर उसे जांच के बाद मरीजों के इलाज के लिए दिया जा रहा है। कोविड के दौरान 2020-21 में भी यह क्रम जारी रहा है। उस दौरान ब्लड बैंक से 7135 यूनिट रेड ब्लड सेल, 398 यूनिट प्लेटलेट्स, 3741 यूनिट प्लाज्मा और 2382 यूनिट क्रियोप्रिसिपिटेट ट्राइसिटी के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए दिया गया है। वहीं, 80 हजार यूनिट खून अपने यहां भर्ती मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराया है।
तीन सालों में पीजीआई को इतने यूनिट खून के अवयव दिए
वर्ष रेड ब्लड सेल प्लेटलेट्स प्लाज्मा क्रियोप्रिसिपिटेट
2020 71356 23827 37414 3088
2019 80049 23761 50272 3587
2018 78268 25757 51070 2598
पीजीआई के अलावा जीएमसीएच- 32, जीएमएसएच- 16, सिविल हॉस्पिटल मनीमाजरा, सेक्टर- 45 व सेक्टर- 22 में भर्ती मरीजों के इलाज में भी रक्तदान अभियान के तहत मिलने वाले 15 से 20 हजार यूनिट खून का प्रयोग किया जा रहा है।

कोट-
शहर में रक्तदान शिविर आयोजित करने वाली संस्थाओं का जज्बा और रक्त दाताओं के जोश का ही नतीजा है कि पीजीआई में खून की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने पाती। अगर स्वस्थ व्यक्ति तय मानक के अनुसार रक्तदान करें तो खून के बदले खून देने की नौबत ही न आए।
-प्रो. रतिराम शर्मा, पीजीआई ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के प्रमुख

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