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Chandigarh News: सूरज की तपिश ने भी कम किया मतदाताओं का उत्साह

Sun, 26 May 2024 04:23 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2024 04:23 AM IST
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The heat of the sun also reduced the enthusiasm of the voters
पिछली बार 12 मई को हुआ था मतदान, उस दौरान सिरसा में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान था, इस बार 46.8 डिग्री तापमान रहा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में लोकसभा चुनाव के मतदान के दौरान भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। जैसे-जैसे सूरज की गर्मी बढ़ी, मतदाताओं की परेशानी भी बढ़ती दिखी। दोपहर में भीषण गर्मी से बूथों पर सन्नाटा पसर गया। सूरज की आग उगलती किरणों के बीच हरियाणा में करीब 65 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछले चुनाव की तुलना में करीब पांच फीसदी कम है। 2019 में 12 मई को चुनाव हुआ था। उस दौरान इतनी गर्मी नहीं थी। 2019 में भिवानी में 39 डिग्री और सिरसा में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान था। जबकि शनिवार को सिरसा में अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री और भिवानी में 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गर्मी ने मतदान में कितना असर डाला है। हालांकि कुछ जगहों पर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। खासकर यमुनानगर जिले में 71.4 फीसदी मतदान हुआ।
हरियाणा के मतदान केंद्रों में सुबह से ही लोग मतदान के लिए पहुंच गए थे। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, बूथों पर लाइन भी बढ़ती गईं। पहले घंटे में करीब 8.31 फीसदी मतदान हुआ। 12 बजे तक हरियाणा में 23.1 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। दो बजे तक तो मतदान ठीक चला, मगर उसके बाद तेज धूप व लू के थपेड़ों के चलते दोपहर बाद से ही मतदान केंद्रों से वोटरों ने किनारा कर लिया था, जो देर शाम तक नहीं टूटा। दोपहर दो बजे तक जहां मतदान प्रतिशत 40.7 फीसदी था, वहीं एक घंटे बाद तीन बजे तक सिर्फ 44 फीसदी ही मतदान बढ़ा। एक घंटे में मात्र चार फीसदी ही मतदान बढ़ा।
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बूथ खुलने के साथ ही वोटरों की लाइनें लग गईं थीं, मगर यह सिलसिला अधिक देर तक नहीं दिखा। चार बजे तक हरियाणा में कुल मतदान 50.1 फीसदी हुआ था। वहीं, पांच बजे सिर्फ 53.6 फीसदी मतदान हुआ। एक घंटे में सिर्फ तीन फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इससे जाहिर होता है कि दिन चढ़ने के साथ मतदान केंद्रों से वोटरों की भीड़ धीरे-धीरे कम होती चली गई। परिणाम स्वरूप मतदान प्रतिशत की सुई 65 फीसदी पर ही अटक गई। सूरज की तपिश से बचने के लिए मतदाता सुबह छह बजे से ही केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। हालांकि कई जगह मतदान के दौरान ईवीएम दगा दे गईं। खराबी के चलते कई बूथों पर मतदान समय से नहीं शुरू हो सका। एक-दो गांव में बहिष्कार का भी असर दिखा। जानकारों की मानें तो वोटिंग प्रतिशत न बढ़ने का मुख्य कारण मौसम रहा। तेज धूप से मतदाता घरों में ही दुबकने को मजबूर हुए।
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शाम को लोग पहुंचे, मगर लक्ष्य हासिल नहीं हुआ
सूरज की तपिश कम होने पर एक बार फिर से लोग मतदान केंद्रों पर लौटने लगे। शाम पांच बजे 53.6 फीसदी मतदान हुआ था, जो छह बजे 59.4 फीसदी में पहुंचा। मगर इस बीच मतदाताओें के पास समय नहीं था। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया शाम 6 बजे तक मतदान का समय था और जो मतदाता सायं 6:00 बजे तक लाइन में लग गया, उसका वोट डलवाया गया। इस वजह से शाम सात बजे तक सिर्फ 63.2 फीसदी मतदान रिकॉर्ड हुआ। रात आठ बजे चुनाव आयोग ने डाटा रिलीज किया तो मतदान 65 फीसदी ही दर्ज किया गया।
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