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Chandigarh News: भूख हड़ताल पर बैठे कैब चालकों की फिर तबीयत बिगड़ी, पुलिस ने जबरन अस्पताल में कराया दाखिल

Thu, 17 Aug 2023 02:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Aug 2023 02:21 AM IST
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The health of the cab drivers sitting on hunger strike deteriorated again, the police forcibly admitted them to the hospital
चंडीगढ़। सेक्टर-25 के रैली मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे कैब चालक अमनदीप सिंह व इंदरजीत मान की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस धरनास्थल पर पहुंच गई और दोनों को जबरन अस्पताल ले जाने लगे। दोनों चालकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर उन्हें इलाज देना है तो यहीं पर दें लेकिन वह अस्पताल नहीं जाएंगे, लेकिन पुलिस ने बात नहीं मानी और उन्हें जबरन अस्पताल में दाखिल कराया गया।शहर के कैब व ऑटो चालकों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। कैब चालकों ने आरोप लगाया कि सात दिन बाद भी प्रशासन ने उनसे कोई बातचीत नहीं की। यही कारण है कि संयुक्त मोर्चा ने मांगों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखने का फैसला लिया है। मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठे नेताओं की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें पुलिस अस्पताल लेकर गई। यहां बारी-बारी उपचार के बाद ही नेताओं को वापस धरना स्थल पर छोड़ा गया। मोर्चे से अमनदीप सिंह व इंदरजीत मान सेक्टर-25 के रैली मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में जबरदस्ती उन्हें ड्रिप लगवाई गई, जबकि वह इससे इन्कार कर रहे थे। नेताओं कर्मचारियों से अपील की कि वह गुटबाजी के चक्कर में न पड़े, बल्कि संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लें, क्योंकि अगर उनकी मांगे मानी जाती है तो इससे सभी कर्मचारियों का ही फायदा हाेना है। उन्होंने सड़कों पर जाकर सभी गाड़ियों को रोकने का भी आह्वान किया।
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अब अधिकारियों तक बात पहुंचाने का प्रयास करेंगे चालक
कैब-ऑटो संयुक्त मोर्चा से सुमित छाबड़ा ने कहा कि प्रशासन उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। यही कारण है कि उन्होंने संघर्ष को जारी रखने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वीरवार को एसटीए ऑफिस जाकर अधिकारियों तक बात पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा किसान यूनियन से कुछ नेता उनकी धरना स्थल पर भी पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि एग्रीगेटर कंपनियों ने उनसे बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब हालत ये हैं वे अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं। गाड़ियों की किश्त देनी भी मुश्किल हो रही है। जिसके चलते मजबूरी में वह ये प्रदर्शन कर रहे हैं।
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