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Chandigarh News: स्विमिंग से गर्मी को मात देने का फाॅर्मूला बिगाड़ रहा सेहत
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चंडीगढ़। गर्मी में हर कोई खुद को ठंडा-ठंडा कूल-कूल रखने की फिराक में लगा हुआ है। ऐसे में लोगों में स्विमिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। मानकों पर ध्यान दिए बिना लोग किसी भी स्वीमिंग पूल में घंटों गुजार रहे हैं। बड़ों के साथ ही बच्चों पर भी ये शौक हावी नजर आ रहा है। लेकिन ये शौक उन्हें जाने-अनजाने में बीमारियों की चपेट में ला रहा है। गंदे पानी से त्वचा और आंखों संबंधी संक्रमण की शिकायत बढ़ रही है। त्वचा रोग विशेषज्ञ जहां क्लोरीन की मात्रा और पानी की स्वच्छता मेंटेन न होना इसका कारण बता रहे हैं, वहीं नेत्ररोग विशेषज्ञ पूल संचालकों को विशेष रूप से बचाव के मानकों का पालन सुनिश्चित करने की सलाह दे रहे हैं।
पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के प्रमुख प्रो. सुरेंदर पांडव का कहना है कि जिन्हें आंखों संबंधी मर्ज पहले से हो उन्हें इस समय स्विमिंग करने से परहेज करना चाहिए क्योंकि सफाई मेनटेन न होने से उनकी परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है। वहीं ओनर को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे लोगों को पूल में न उतरने दिया जाए। जबकि जीएमएसएच- 16 के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजित पॉल का कहना है कि आउटडोर स्वीमिंग की बजाय इनडोर का प्रयोग करें। साथ ही जिन्हें फंगल संक्रमण या दूसरे तरह की परेशानी हो वो स्वीमिंग से दूर रहें।
त्वचा रोग विशेषज्ञ विकास शर्मा का कहना है कि लोग कई घंटों तक पूल में नहाते हैं। इस दौरान शरीर का तापमान कम हो जाता है, लेकिन अगर पूल खुले आसमान में है तो ऊपर से धूप भी आती रहती है। नहाने के बाद अगर कोई व्यक्ति देर तक धूप में खड़ा रहता है तो इससे अचानक तापमान बढ़ सकता है, जो डिहाइड्रेशन या फिर हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है। ऐसे में कोशिश करें कि इनडोर वाले स्वीमिंग पूल जाएं। अगर खुले आसमान वाले पूल में जा रहे हैं तो ज्यादा देर तक न नहाएं और नहाने के बाद किसी छांव वाले स्थान पर चले जाएं।
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पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के प्रमुख प्रो. सुरेंदर पांडव का कहना है कि जिन्हें आंखों संबंधी मर्ज पहले से हो उन्हें इस समय स्विमिंग करने से परहेज करना चाहिए क्योंकि सफाई मेनटेन न होने से उनकी परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है। वहीं ओनर को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे लोगों को पूल में न उतरने दिया जाए। जबकि जीएमएसएच- 16 के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजित पॉल का कहना है कि आउटडोर स्वीमिंग की बजाय इनडोर का प्रयोग करें। साथ ही जिन्हें फंगल संक्रमण या दूसरे तरह की परेशानी हो वो स्वीमिंग से दूर रहें।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ विकास शर्मा का कहना है कि लोग कई घंटों तक पूल में नहाते हैं। इस दौरान शरीर का तापमान कम हो जाता है, लेकिन अगर पूल खुले आसमान में है तो ऊपर से धूप भी आती रहती है। नहाने के बाद अगर कोई व्यक्ति देर तक धूप में खड़ा रहता है तो इससे अचानक तापमान बढ़ सकता है, जो डिहाइड्रेशन या फिर हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है। ऐसे में कोशिश करें कि इनडोर वाले स्वीमिंग पूल जाएं। अगर खुले आसमान वाले पूल में जा रहे हैं तो ज्यादा देर तक न नहाएं और नहाने के बाद किसी छांव वाले स्थान पर चले जाएं।
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