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Chandigarh News: सेवानिवृत्त निजी सचिव और हाईकोर्ट के वकील से 50 लाख की ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार
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चंडीगढ़। हरियाणा सिविल सचिवालय के सेवानिवृत्त निजी सचिव और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील के रिश्ते में भाई को 25-25 लाख रुपये का चूना लगाने वाले शातिर अपराधी को सेक्टर-3 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी अक्सर सेक्टर-3 स्थित हरियाणा के एमएलए हॉस्टल में बैठता था और दावा करता था कि उसे कई मंत्री जानते हैं और उसके हरियाणा सरकार में लिंक हैं। अपनी बातों में फंसाकर उसने इन दोनों से ठगी की थी।
आरोपी की पहचान मूलरूप से अंबाला के गांव सुभरी के रहने वाले 36 वर्षीय सतिंदर कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसका तीन दिन का रिमांड लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीते वर्ष 3 फरवरी को धोखाधड़ी की धारा में दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की थी और इसकी शिकायत एसएसपी को दी गई थी। आरोपी ने कहा था कि उसका सेक्टर-18 में भी घर है। उसका दूसरा पता मोहाली फेज-7 का है।
दो युवकों को क्लर्क की नौकरी लगवाने के नाम पर लिए थे पैसे
पहला मामला : उसने पूर्व निजी सचिव पंचकूला के सेक्टर-4 निवासी महेंद्र सिंह नरवाल को अपना शिकार बनाया। उनकी दोनों बहनों के दो बेटों ने हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की वर्ष 2019 में विभिन्न पदों के लिए निकली भर्ती में क्लर्क के लिए आवेदन किया था। दोनों को नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी द्वारा 25 लाख रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता की सितंबर 2019 में एमएलए हॉस्टल में आरोपी सतिंदर कुमार से बातचीत हुई। आरोपी ने कहा था कि उसकी हरियाणा सरकार में पहुंच है और वह कुछ मंत्रियों को भी जानता है। वह उनके भांजों की नौकरी लगवा सकता है। दोनों भांजों का क्लर्क के रूप में चयन करवाने के लिए आरोपी ने एडवांस में 25 लाख रुपये मांगे। वहीं कुछ बैंक चेक देते हुए कहा कि अगर उनका चयन नहीं हुआ तो वह रकम वापस कर देगा। शिकायतकर्ता ने परिवार आदि लोगों से रकम जुटा कर आरोपी को अलग अलग समय पर खातों में कुल 32,50,000 रुपये जमा करवा दिए। काम न बनने पर आरोपी ने सात लाख रुपये वापस कर दिए जबकि बाकी रकम उसी के पास है।
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14 करोड़ रुपये की रॉयल्टी माफ करवाने के नाम पर 25 लाख ठगे थे
दूसरा मामला : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकील पंचकूला के सेक्टर- 20 निवासी रविंदर सिंह ढुल्ल की शिकायत पर सतिंदर कुमार पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि उनका कजन मुकेश एक एसकेआर कंस्ट्रक्शन कंपनी में पार्टनर था। यह कंपनी पीडब्ल्यूडी बीएडंआर विभाग हरियाणा के टेंडर उठाती थी। एक बार पीडब्ल्यूडी ने उनकी कंपनी पर करोड़ों की रॉयल्टी लगा दी थी। इसे न हटाने पर उन्हें काफी नुकसान हो सकता था। मुकेश ने शिकायतकर्ता को कहा कि किसी से बात करें। ऐसे में शिकायतकर्ता एमएलए हॉस्टल सेक्टर- 3 में सतिंदर के संपर्क में आया था। आरोपी यहां अक्सर अपने दोस्तों संग आता था, जिनमें एक विधायक का बेटा भी था। आरोपी ने खुद को मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस करनाल के ओएसडी अमरिंदर सिंह का पीए बताया था। कुल 14 करोड़ रुपये की रॉयल्टी हटवाने के लिए आरोपी ने एक करोड़ रुपये मांगे और एडवांस में 25 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने सेक्टर- 18 में आरोपी को कुल 25 लाख रुपये जमा करवाए। रकम देने के बावजूद रॉयल्टी नहीं हटी और जनवरी 2020 में शिकायतकर्ता के भाई और उनके पार्टनरों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। आरोपी ने सिर्फ 10 लाख रुपये वापस किए, बाकी के 15 लाख नहीं दिए। ऐसे में उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
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आरोपी की पहचान मूलरूप से अंबाला के गांव सुभरी के रहने वाले 36 वर्षीय सतिंदर कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसका तीन दिन का रिमांड लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीते वर्ष 3 फरवरी को धोखाधड़ी की धारा में दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की थी और इसकी शिकायत एसएसपी को दी गई थी। आरोपी ने कहा था कि उसका सेक्टर-18 में भी घर है। उसका दूसरा पता मोहाली फेज-7 का है।
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दो युवकों को क्लर्क की नौकरी लगवाने के नाम पर लिए थे पैसे
पहला मामला : उसने पूर्व निजी सचिव पंचकूला के सेक्टर-4 निवासी महेंद्र सिंह नरवाल को अपना शिकार बनाया। उनकी दोनों बहनों के दो बेटों ने हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की वर्ष 2019 में विभिन्न पदों के लिए निकली भर्ती में क्लर्क के लिए आवेदन किया था। दोनों को नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी द्वारा 25 लाख रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता की सितंबर 2019 में एमएलए हॉस्टल में आरोपी सतिंदर कुमार से बातचीत हुई। आरोपी ने कहा था कि उसकी हरियाणा सरकार में पहुंच है और वह कुछ मंत्रियों को भी जानता है। वह उनके भांजों की नौकरी लगवा सकता है। दोनों भांजों का क्लर्क के रूप में चयन करवाने के लिए आरोपी ने एडवांस में 25 लाख रुपये मांगे। वहीं कुछ बैंक चेक देते हुए कहा कि अगर उनका चयन नहीं हुआ तो वह रकम वापस कर देगा। शिकायतकर्ता ने परिवार आदि लोगों से रकम जुटा कर आरोपी को अलग अलग समय पर खातों में कुल 32,50,000 रुपये जमा करवा दिए। काम न बनने पर आरोपी ने सात लाख रुपये वापस कर दिए जबकि बाकी रकम उसी के पास है।
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14 करोड़ रुपये की रॉयल्टी माफ करवाने के नाम पर 25 लाख ठगे थे
दूसरा मामला : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकील पंचकूला के सेक्टर- 20 निवासी रविंदर सिंह ढुल्ल की शिकायत पर सतिंदर कुमार पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि उनका कजन मुकेश एक एसकेआर कंस्ट्रक्शन कंपनी में पार्टनर था। यह कंपनी पीडब्ल्यूडी बीएडंआर विभाग हरियाणा के टेंडर उठाती थी। एक बार पीडब्ल्यूडी ने उनकी कंपनी पर करोड़ों की रॉयल्टी लगा दी थी। इसे न हटाने पर उन्हें काफी नुकसान हो सकता था। मुकेश ने शिकायतकर्ता को कहा कि किसी से बात करें। ऐसे में शिकायतकर्ता एमएलए हॉस्टल सेक्टर- 3 में सतिंदर के संपर्क में आया था। आरोपी यहां अक्सर अपने दोस्तों संग आता था, जिनमें एक विधायक का बेटा भी था। आरोपी ने खुद को मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस करनाल के ओएसडी अमरिंदर सिंह का पीए बताया था। कुल 14 करोड़ रुपये की रॉयल्टी हटवाने के लिए आरोपी ने एक करोड़ रुपये मांगे और एडवांस में 25 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने सेक्टर- 18 में आरोपी को कुल 25 लाख रुपये जमा करवाए। रकम देने के बावजूद रॉयल्टी नहीं हटी और जनवरी 2020 में शिकायतकर्ता के भाई और उनके पार्टनरों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। आरोपी ने सिर्फ 10 लाख रुपये वापस किए, बाकी के 15 लाख नहीं दिए। ऐसे में उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।