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Chandigarh News: पोल खुलने के बाद जागी परिषद, निशानदेही के लिए राजस्व विभाग को लिखा पत्र

Sun, 23 Jul 2023 01:40 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jul 2023 01:40 AM IST
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The Council woke up after the pole was exposed, wrote a letter to the Revenue Department for investigation
नयागांव। इलाके में पड़ती गांव नाडा की जमीन पर नगर परिषद काफी समय से कब्जा नहीं ले रही थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद परिषद ने आननफानन राजस्व विभाग को निशानदेही के लिए पत्र लिखा है। लोगों का कहना है कि देरी के पीछे अधिकारियों की भू-माफिया से मिलीभगत एक कारण हो सकता है। बता दें कि इलाके में जब भी नेताओं और नगर परिषद के अधिकारियों के पास कोई पार्क, अस्पताल आदि बनाने को कहा जाता था तो सबके पास केवल एक ही जवाब होता था कि परिषद के पास जमीन नहीं है। वहीं, जो जमीन परिषद के नाम पर राजस्व विभाग ने की है उन पर भी अधिकारी कब्जा नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं जानबूझ कर उस जमीन को बिना नोटिस बोर्ड के छोड़ा जा रहा है। इसके पीछे क्या कारण है। इस पर अब जनता ने भी आवाज उठाना शुरू कर दी है। जनता ने इसकी विजिलेंस विभाग से जांच की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार, इंतकाल नंबर 7359 के द्वारा गांव नाडा की पंचायती 1200 कनाल जमीन नगर परिषद के नाम पर कर दिया गया था। इसका केस उपमंडल की अदालत से लेकर कमिश्नर की अदालत तक चला। इसके बाद एडीसी ने फैसला नगर परिषद के हक में कुछ शर्तों के साथ कर दिया था। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से जगह पर कब्जा लेने की कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जिसका फायदा भू-माफिया ने उठाया है।
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15 साल पहले बनी परिषद, अब तक नहीं बनी एक भी इमारत
नयागांव के इलाके की आम आदमी पार्टी की इंचार्ज कांता शर्मा का कहना है कि उनका शहर चंडीगढ़ की जड़ों में बसा हुआ है। 15 साल पहले इसे नगर परिषद का दर्जा भी मिल चुका है। इसके बावजूद आज तक यहां न तो कोई पार्क और न कोई अस्पताल बन पाया है। इतना ही नहीं 15 साल में इलाके में एक छोटी सरकारी इमारत भी नहीं बन पाई। ऐसा भी नहीं है कि नयागांव परिषद में सरकारी जमीन नहीं थी। जब 2006-07 में गांव कांसल, करोरां और नाडा गांवों की ग्राम पंचायत को मिलाकर परिषद बनाई गई थी तब इन तीनों गांवों के पास भी पंजाब के अन्य गांवों की तरह पंचायती जमीनें होनी चाहिए थीं जिन्हें परिषद बनने के फौरन बाद ही ग्राम पंचायतों की जमीनों को कानून के हिसाब से परिषद के नाम होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने सभी पार्षदों से अपील की है कि आपसी खींचतान छोड़कर नयागांव की जनता के हित में कार्य करने के लिए आगे आएं और इस शहर को बढ़िया और साफ-सुथरा बनाने में सरकार का सहयोग करें।
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कोट्स...
मामला ध्यान में आ गया है। इसे अभी चेक करवाता हूंं। सरकारी जमीन पर किसी को भी कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। -दमनजीत मान, एडीसी शहरी विकास
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