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Chandigarh News: अपने शहर के फैसले खुद लेगा निगम, अधिकार हस्तांतरण का प्रस्ताव पास
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चंडीगढ़। नगर निगम सदन ने सोमवार को शहर के प्रशासनिक अधिकारों से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। मेयर सौरभ जोशी की ओर से पेश टेबल एजेंडा में केंद्र सरकार और यूटी प्रशासन से संविधान के 74वें संशोधन की भावना के अनुरूप नगर निगम को शहरी नियोजन, भूमि उपयोग नियंत्रण, भवन निर्माण नियमों समेत 12वीं अनुसूची में शामिल सभी नगर निकाय संबंधी अधिकार हस्तांतरित करने की मांग की गई।
प्रस्ताव में कहा गया कि चंडीगढ़ नगर निगम संविधान के भाग-IXए के तहत गठित शहरी स्थानीय निकाय है। 74वें संविधान संशोधन का उद्देश्य नगरपालिकाओं को मजबूत स्वशासन संस्थाओं के रूप में विकसित करना और स्थानीय कार्यों की जिम्मेदारी उन्हें सौंपना है। इसके बावजूद पंजाब कैपिटल (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1952 के तहत भवन निर्माण और भूमि उपयोग से जुड़े कई अधिकार अब भी प्रशासन के पास हैं।
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि अधिकार मिलने के बाद भवन निर्माण, शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े फैसले स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से लिए जा सकेंगे, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। सदन से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव यूटी प्रशासन और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।
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प्रस्ताव में कहा गया कि चंडीगढ़ नगर निगम संविधान के भाग-IXए के तहत गठित शहरी स्थानीय निकाय है। 74वें संविधान संशोधन का उद्देश्य नगरपालिकाओं को मजबूत स्वशासन संस्थाओं के रूप में विकसित करना और स्थानीय कार्यों की जिम्मेदारी उन्हें सौंपना है। इसके बावजूद पंजाब कैपिटल (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1952 के तहत भवन निर्माण और भूमि उपयोग से जुड़े कई अधिकार अब भी प्रशासन के पास हैं।
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मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि अधिकार मिलने के बाद भवन निर्माण, शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े फैसले स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से लिए जा सकेंगे, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। सदन से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव यूटी प्रशासन और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।
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