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वेंडर जोन बनाने पहुंची निगम टीम हंगामे के बाद छाबड़ा धरने पर बैठे
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चंडीगढ़। सेक्टर-22 स्थित शास्त्री मार्केट के सामने वेंडर जोन बनाने को लेकर मंगलवार को दुकानदारों ने हंगामा कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा मौके पर पहुंच गए।
काफी देर तक छाबड़ा और निगम के अधिकारियों के बीच बहस होती रही। उसके बाद छाबड़ा दुकानदारों के साथ धरने पर बैठ गए। हालांकि, अधिकारियों ने पुलिस बल की मदद से वेंडर जोन बनाने के लिए टाइल्स लगा दीं। वेंडरों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने के बाद कुछ ऐसे वेंडर बच गए थे, जिनकी जगह पर समस्या थी। कहीं पेड़ खड़ा था तो कहीं कचरे का बॉक्स लगा था। ऐसे वेंडरों को दो विकल्प दिए गए थे कि वह दूसरी जगह जा सकते हैं या अपनी जगह से थोड़ा हिस्सा कम लेकर वहीं बैठ सकते हैं। सेक्टर 22 में ऐसे 15 वेंडर को जगह दी जानी है।
अधिकारियों को पहले से ही अनुमान था कि दुकानदार हंगामा करेंगे, इसलिए मंगलवार को पुलिस बल के साथ एक्सईएन रविंदर शर्मा वेंडरों के लिए साइट देने पहुंच गए। दुकानदारों को इसकी भनक लगी तो वह इकट्ठा होकर इसका विरोध करने लगे। सूचना मिलते ही प्रदीप छाबड़ा भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन दुकानदार व छाबड़ा सड़क न खोदने की मांग पर अड़े रहे। जब अधिकारी नहीं माने तो छाबड़ा दुकानदारों के साथ धरने पर बैठ गए। अधिकारियों ने तत्काल पेवर ब्लॉक लगाकर वेंडिंग साइट तैयार करा दी।
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पहले भी हुआ था विवाद
इससे पहले बीते 17 मार्च को भी निगम के अधिकारी वेंडिंग साइट बनाने सेक्टर 22 पहुंचे थे। उस दौरान भी सभी दुकानदारों ने अपनी दुकान बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी थी। हंगामे की सूचना पर मनोनीत पार्षद चरणजीव सिंह और चंडीगढ़ व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्डा मौके पर पहुंचे थे। मामला तूल पकड़ता देख अधिकारी बिना वेंडिंग साइट बनाए ही वापस लौट गए थे।
16 जुलाई को जिला अदालत में है सुनवाई
मार्केट के प्रधान जसविंदर सिंह नागपाल ने बताया कि पार्किंग में वेंडिंग साइट बनाने के खिलाफ जिला अदालत में याचिका दायर की थी। 19 मार्च को जब केस में सुनवाई हुई तो अगली तारीख 16 जुलाई कर दी गई। फिलहाल, कोरोना महामारी के कारण कोई वेंडर अभी फड़ी नहीं लगा रहा है। आखिर कुछ दिन निगम के अधिकारी क्यों नहीं रुक रहे हैं। पार्किंग में वेंडिंग साइट बनाने से सड़क पर निकलने तक को जगह नहीं बचेगी। आखिर गाड़ियां कहां से निकालेंगे।
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काफी देर तक छाबड़ा और निगम के अधिकारियों के बीच बहस होती रही। उसके बाद छाबड़ा दुकानदारों के साथ धरने पर बैठ गए। हालांकि, अधिकारियों ने पुलिस बल की मदद से वेंडर जोन बनाने के लिए टाइल्स लगा दीं। वेंडरों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने के बाद कुछ ऐसे वेंडर बच गए थे, जिनकी जगह पर समस्या थी। कहीं पेड़ खड़ा था तो कहीं कचरे का बॉक्स लगा था। ऐसे वेंडरों को दो विकल्प दिए गए थे कि वह दूसरी जगह जा सकते हैं या अपनी जगह से थोड़ा हिस्सा कम लेकर वहीं बैठ सकते हैं। सेक्टर 22 में ऐसे 15 वेंडर को जगह दी जानी है।
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अधिकारियों को पहले से ही अनुमान था कि दुकानदार हंगामा करेंगे, इसलिए मंगलवार को पुलिस बल के साथ एक्सईएन रविंदर शर्मा वेंडरों के लिए साइट देने पहुंच गए। दुकानदारों को इसकी भनक लगी तो वह इकट्ठा होकर इसका विरोध करने लगे। सूचना मिलते ही प्रदीप छाबड़ा भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन दुकानदार व छाबड़ा सड़क न खोदने की मांग पर अड़े रहे। जब अधिकारी नहीं माने तो छाबड़ा दुकानदारों के साथ धरने पर बैठ गए। अधिकारियों ने तत्काल पेवर ब्लॉक लगाकर वेंडिंग साइट तैयार करा दी।
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पहले भी हुआ था विवाद
इससे पहले बीते 17 मार्च को भी निगम के अधिकारी वेंडिंग साइट बनाने सेक्टर 22 पहुंचे थे। उस दौरान भी सभी दुकानदारों ने अपनी दुकान बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी थी। हंगामे की सूचना पर मनोनीत पार्षद चरणजीव सिंह और चंडीगढ़ व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्डा मौके पर पहुंचे थे। मामला तूल पकड़ता देख अधिकारी बिना वेंडिंग साइट बनाए ही वापस लौट गए थे।
16 जुलाई को जिला अदालत में है सुनवाई
मार्केट के प्रधान जसविंदर सिंह नागपाल ने बताया कि पार्किंग में वेंडिंग साइट बनाने के खिलाफ जिला अदालत में याचिका दायर की थी। 19 मार्च को जब केस में सुनवाई हुई तो अगली तारीख 16 जुलाई कर दी गई। फिलहाल, कोरोना महामारी के कारण कोई वेंडर अभी फड़ी नहीं लगा रहा है। आखिर कुछ दिन निगम के अधिकारी क्यों नहीं रुक रहे हैं। पार्किंग में वेंडिंग साइट बनाने से सड़क पर निकलने तक को जगह नहीं बचेगी। आखिर गाड़ियां कहां से निकालेंगे।