फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The corporation formed a committee to investigate the Manimajra land dispute, and will present its report in the next meeting.

Chandigarh News: मनीमाजरा जमीन विवाद में निगम ने बनाई समिति, अगली बैठक में पेश होगी रिपोर्ट

Sat, 04 Oct 2025 02:48 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Oct 2025 02:48 AM IST
विज्ञापन
The corporation formed a committee to investigate the Manimajra land dispute, and will present its report in the next meeting.
चंडीगढ़। मनीमाजरा की जमीन के विवादित मामले में नगर निगम की तरफ से समिति बना दी गई है। जल्द इसका नोटिफिकेशन जारी कर बैठक बुलाई जाएगी। 8 अक्तूबर को समिति की पहली बैठक होगी। समिति में तीनों पार्टियों के दो-दो पार्षद होंगे और वे मामले से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करेंगे। उसके बाद सदन से पहले पूरी रिपोर्ट तैयार करेंगे। रिपोर्ट को नगर निगम सदन में सभी पार्षदों के बीच रखा जाएगा।
विज्ञापन




मेयर हरप्रीत कौर बबला ने बताया कि समिति बना दी गई है। अभी इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। समिति की अध्यक्षता पूर्व मेयर सरबजीत कौर करेंगी। समिति में पार्षद महेश इंदर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत सिंह, तरुणा मेहता, जसबीर सिंह लड्डी, प्रेमलता, डॉ. नरेश पंचाल और डॉ. रमनीक सिंह बेदी सदस्य होंगे। इसके अलावा नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि प्रमुख अधिकारियों को भी समिति में शामिल किया जाए। इसमें विशेष आयुक्त, जॉइंट कमिश्नर (एस्टेट ब्रांच) को संयोजक बनाया जाएगा। इसके अलावा नगर निगम का चीफ इंजीनियर , विधि अधिकारी और मुख्य वास्तुकार शामिल होंगे। साथ ही अन्य विभागों से विशेष आमंत्रित सदस्य भी जोड़े जाएंगे जिनमें पूर्वी उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) खुशप्रीत कौर, हाउसिंग बोर्ड का प्रतिनिधि और उपायुक्त/एस्टेट ऑफिस का प्रतिनिधि शामिल होंगे।
विज्ञापन



796 करोड़ की जमीन बेचने को लेकर विवाद



नगर निगम मनीमाजरा पॉकेट नंबर-6 में पांच प्लॉट बेचने की तैयारी में था। जिसकी बाजार में कीमत कम से कम 796 करोड़ रुपये है। इसके लिए पूरा ले-आउट भी तैयार कर लिया गया और टेंडर करने की तैयारी थी। इसी बीच विपक्ष ने आरोप लगाया कि जमीन बेचने में गड़बड़ी की जा रही है। पहला तो यह कि एक साथ सभी जमीन की नीलामी करना गलत है। दूसरा, ले-आउट पर सवाल उठाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन




यह भी आरोप है कि इसमें 7.7 एकड़ जमीन बेची जा रही है, ग्रीन लैंड समेत कई हिस्से बिल्डर को मुफ्त में मिलेंगे। इसके अलावा यहां विकास कार्य भी नगर निगम करेगा, जिसमें करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे लेकर सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता और आम आदमी पार्टी की पार्षद प्रेमलता ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इस मामले में प्रशासक, मुख्य सचिव, डीसी और यहां तक कि सीबीआई तक में शिकायत की गई थी।



तमाम शिकायतों और ले-आउट तैयार करने में मानकों का ध्यान न रखने की वजह से प्रोजेक्ट को रोक दिया गया। यहां तक कि उच्च न्यायालय ने भी जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। निगम का कहना है कि समिति से मिली रिपोर्ट को हाउस के सामने रखकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।




विपक्ष ने कहा के लिखित सूचना नहीं मिली



चंडीगढ़ कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की का कहना है कि अभी हमारे पास समिति बनाने की कोई सूचना नहीं है। हालांकि हमारा मानना है कि इस मुद्दे को सदन के अंदर ही रखा जाए। इसमें अफसरों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, जो इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। सूचना आने के बाद पार्टी के अंदर इस पर चर्चा होगी और फिर निर्णय लिया जाएगा। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विजय पाल सिंह का कहना है कि हमारे पार्टी के पार्षदों के पास कोई लिखित सूचना नहीं आई है। लिखित सूचना मिलने के बाद ही इसको लेकर कोई बयान दिया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed