ग्रुप हाउसिंग के नाम पर करोड़ों ठगने वाला काबू

ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Tue, 28 Jan 2014 10:25 AM IST
The control of millions in the name of group housing cheating
सेक्टर-113 स्थित ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक व्यक्ति को मटौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार व्यक्ति चंडीगढ़ सेक्टर-21 निवासी विकास है, जबकि इसी मामले में दूसरा आरोपी उसका पिता अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक फेज-3ए निवासी जसविंदर सिंह की शिकायत पर पुलिस यह कार्रवाई की है। 26 अक्तूबर  2013 को जसविंदर ने पुलिस को अपने साथ हुई ठगी के बारे में शिकायत दी थी।

शिकायत की ईओ विंग ने जांच की। जांच में 4.27 करोड़ की धोखाधड़ी की होने की पुष्टि हुई थी। फिर पुलिस ने विकास और उसके पिता एवं कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

वह काफी समय से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था। इसके बाद थाना प्रभारी एनपीएस लहल को सूचना मिली थी कि विकास चंडीगढ़ में है।

पुलिस ने सूचना के आधार पर चंडीगढ़ में ट्रैप लगाया। साथ ही किसी शॉपिंग मॉल की पार्किंग से उसे गिरफ्तार किया। जबकि उसके पिता राजकुमार अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुुलिस द्वारा उसे जिला अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

ऐसे बनाया ठगी का शिकार
जसविंदर सिंह ने बताया कि जनवरी 2011 में गमाडा के एक सीनियर अधिकारी ने उनकी मुलाकात विकास से कराई थी। उन्होंने बताया कि वह जीसीपीएल कंपनी का डॉयरेक्टर है। यह काफी बढ़िया आदमी है। उनकी बातों में आकर इससे दोस्ती हो गई। इसी बीच उसने ऑफर दिया कि उसकी जीसीपीएल कंपनी सेक्टर-113 में एक ग्रुप हाउंसिंग सोसाइटी बनाने जा रही है।

यह चार एकड़ जगह में बनाई जाएगी। उसमें उन्हें सिर्फ पांच करोड़ लगाना है, जबकि प्रोजेक्ट से तीस करोड़ आने की उम्मीद है। इसमें धन लगाने से मोटा फायदा होगा। विकास ने उस समय सोसाइटी के नक्शे एवं अन्य दस्तावेज दिखाए। इसके बाद उन्होंने उसकी कंपनी से एमओयू साइन हो गया। साथ ही उसे पांच करोड़ की पेमेंट कर दी, लेकिन जब पैसे रिफंड की बारी शुरू हुई थी। तो वह आनकानी करने लगा। इसी बीच उसने 73 लाख की पेमेंट की। जबकि कुछ चेक दिए, जो बाउंस हो गए। फिर उन्होंने चेक बाउंस होने का मामला दर्ज कोर्ट में लगाया।

जो जमीन दिखाई, वह कंपनी की नहीं थी
जसविंदर ने बताया कि जिस जमीन को विकास ने ग्रुप हाउंसिग सोसाइटी बनाने के लिए उन्हें दिखाया था। वह असल में उसकी नहीं थी। जब उन्होंने सारे मामले की जांच की, तो सारी सच्चाई सामने आई। सूत्रों की मानें तो विकास की कंपनी का एक अन्य कंस्ट्रक्शन कंपनी से समझौता था। जिसमें भी कई लोगों ने पैसा लगाया हुआ है। लेकिन लोग अभी तक भी मकानाें की रजिस्ट्री के लिए परेशान हो रहे हैं।

Spotlight

Most Read

National

पाकिस्तान की तबाही के दो वीडियो जारी, तेल डिपो समेत हथियार भंडार नेस्तनाबूद

सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत के जवाबी हमले में पाकिस्तान की कई फायरिंग पोजिशन, आयुध भंडार और फ्यूल डिपो को बीएसएफ ने उड़ा दिया है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: चंडीगढ़ का ये चेहरा देख चौंक उठेंगे आप!

‘द ग्रीन सिटी ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर चंडीगढ़ में आकर्षक और खूबसूरत जगहों की कोई कमी नहीं है। ये शहर आधुनिक भारत का पहला योजनाबद्ध शहर है। लेकिन इस शहर को खूबसूरत बनाये रखने वाले मजदूर कैसे रहते हैं यह देख आप हैरान हो जायेंगे।

22 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper