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लटका रखा है ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य, मदर चाइल्ड विंग का नक्शा ही नहीं हो पा रहा तैयार
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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में बन रहा 300 बेड का ट्रामा सेंटर जहां लेटलतीफी का शिकार हो रहा है, वहीं जीएमएसएच-16 में 300 बेड के मदर चाइल्ड विंग के निर्माण पर ही खतरा मंडरा रहा है। मदर चाइल्ड विंग का नक्शा ही ठीक नहीं बन पा रहा है। जिस ट्रामा सेंटर के निर्माण के नाम पर जीएमसीएच-32 की व्यवस्था में बदलाव किया गया है उसमें दो साल बाद केवल बेसमेंट और पीलर बन पाया है। इस कारण अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं मदर चाइल्ड के नक्शे में प्रवेश और निकास मार्ग पर कोई कमी चिह्नित होने के कारण फिर से उसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। दो महत्वपूर्ण योजनाओं के इस तरह से क्रियान्वित होने को लेकर शहर की जनता बेहद निराश है। वहीं जीएमसीएच-32 में निर्माण कार्य से परेशानी झेल रहे मरीजों व उनके परिजनों का कहना है कि सुविधा के नाम पर सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं।
बॉक्स
ट्रामा सेंटर मरीजों के लिए होगी संजीवनी
जीएमसीएच-32 में नया इमरजेंसी ब्लॉक 1.4 लाख स्क्वॉयर फुट एरिया में 300 बेड का ट्रामा सेंटर बनाया जाना है। प्लान के मुताबिक इसमें पांच साधारण और एक छोटा ऑपरेशन थिएटर होगा। इसमें 24 बेड इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) के लिए होंगे। 64 बेड वार्ड स्टेबल पेशेंट के लिए होगा। इसके अलावा दो आइसोलेशन वार्ड होंग, जिनकी कुल क्षमता 33 बेड की होगी। योजना के तहत मरीजों के साथ आए लोगों के लिए भी दो फ्लोर पर जगह होगी, जिसकी क्षमता 400 अटेडेंट्स की होगी। इसके अलावा व्हीलचेयर्स, स्ट्रेचर, एंबुलेंस, प्रवेश, निकासी, प्रतीक्षा कक्ष, स्वास्थ्य अधिकारी, ड्यूटी डॉक्टर, नर्स रूम, मेडिसिन स्टोर, मोर्चरी, लैब, एक्स-रे रूम, प्लास्टर रूम, रैंप, लिफ्ट आदि की सुविधा होगी। इसका निर्माण कार्य फरवरी, 2022 में पूरा होना था लेकिन कोविड के चलते ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य बाधित होने के चलते इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में देरी हो रही है।
इनसेट
मरीजों को हो रही परेशानी
इसका निर्माण कार्य अक्तूबर 2020 में शुरू हुआ था। निमार्ण कार्य के कारण अस्पताल की इमरजेंसी को जाने वाले ब्लॉक ए के गेट को बंद कर दिया गया है। इमरजेंसी के मरीजों को इससे काफी परेशानी हो रही है। पहले जो मरीज सीधे अस्पताल की पहली मंजिल की इमरजेंसी में पहुंच जाते थे उन्हें अब ग्राउंड फ्लोर से होकर आना पड़ रहा है। इमरजेंसी में पहले पार्किंग के ठीक सामने से दाखिल हो सकते थे लेकिन निर्माण कार्य के चलते इस रास्ते को बंद कर दिया गया है। प्लान के अनुसार पार्किंग के हिस्से को भी ट्रॉमा सेंटर में शामिल कर लिया जाएगा।
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इनसेट-
कोविड तो बहाना है, योजनाओं को लटकाना है
जनता को सरकारी योजना का लाभ तय समय पर नहीं मिलता। इस बार तो कोविड के नाम पर तगड़ा बहाना भी मिल गया है। अब तो इसका हवाला देकर जब तक चाहे योजनाओं को लंबित घोषित कर सकते हैं। परेशान तो हमें होना पड़ रहा है।
-नवल किशोर, हल्लोमाजरा
प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा हो काम
ट्रामा सेंटर और मदर एंड चाइल्ड विंग जैसे महत्वपूर्ण योजना को ज्यादा समय तक लंबित नहीं होने देना चाहिए क्योंकि इसका सीधे तौर पर मरीजों की जान से जुड़ाव है। इसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाना चाहिए। मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी हो रही है।
-राजेश कुमार, रायपुर खुर्द
कोट- कोविड के कारण लगभग डेढ़ साल तक काम बंद रहा। अब तेजी आई है। पीलर और बेसमेंट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32
कोट
जीएमएसएच-16 में स्वीकृत मदर चाइल्ड विंग के लिए बनाए गए नक्शे में कुछ कमी होने के कारण कार्य लंबित है। उसे जल्द संशोधित कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
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ट्रामा सेंटर मरीजों के लिए होगी संजीवनी
जीएमसीएच-32 में नया इमरजेंसी ब्लॉक 1.4 लाख स्क्वॉयर फुट एरिया में 300 बेड का ट्रामा सेंटर बनाया जाना है। प्लान के मुताबिक इसमें पांच साधारण और एक छोटा ऑपरेशन थिएटर होगा। इसमें 24 बेड इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) के लिए होंगे। 64 बेड वार्ड स्टेबल पेशेंट के लिए होगा। इसके अलावा दो आइसोलेशन वार्ड होंग, जिनकी कुल क्षमता 33 बेड की होगी। योजना के तहत मरीजों के साथ आए लोगों के लिए भी दो फ्लोर पर जगह होगी, जिसकी क्षमता 400 अटेडेंट्स की होगी। इसके अलावा व्हीलचेयर्स, स्ट्रेचर, एंबुलेंस, प्रवेश, निकासी, प्रतीक्षा कक्ष, स्वास्थ्य अधिकारी, ड्यूटी डॉक्टर, नर्स रूम, मेडिसिन स्टोर, मोर्चरी, लैब, एक्स-रे रूम, प्लास्टर रूम, रैंप, लिफ्ट आदि की सुविधा होगी। इसका निर्माण कार्य फरवरी, 2022 में पूरा होना था लेकिन कोविड के चलते ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य बाधित होने के चलते इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में देरी हो रही है।
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इनसेट
मरीजों को हो रही परेशानी
इसका निर्माण कार्य अक्तूबर 2020 में शुरू हुआ था। निमार्ण कार्य के कारण अस्पताल की इमरजेंसी को जाने वाले ब्लॉक ए के गेट को बंद कर दिया गया है। इमरजेंसी के मरीजों को इससे काफी परेशानी हो रही है। पहले जो मरीज सीधे अस्पताल की पहली मंजिल की इमरजेंसी में पहुंच जाते थे उन्हें अब ग्राउंड फ्लोर से होकर आना पड़ रहा है। इमरजेंसी में पहले पार्किंग के ठीक सामने से दाखिल हो सकते थे लेकिन निर्माण कार्य के चलते इस रास्ते को बंद कर दिया गया है। प्लान के अनुसार पार्किंग के हिस्से को भी ट्रॉमा सेंटर में शामिल कर लिया जाएगा।
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कोविड तो बहाना है, योजनाओं को लटकाना है
जनता को सरकारी योजना का लाभ तय समय पर नहीं मिलता। इस बार तो कोविड के नाम पर तगड़ा बहाना भी मिल गया है। अब तो इसका हवाला देकर जब तक चाहे योजनाओं को लंबित घोषित कर सकते हैं। परेशान तो हमें होना पड़ रहा है।
-नवल किशोर, हल्लोमाजरा
प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा हो काम
ट्रामा सेंटर और मदर एंड चाइल्ड विंग जैसे महत्वपूर्ण योजना को ज्यादा समय तक लंबित नहीं होने देना चाहिए क्योंकि इसका सीधे तौर पर मरीजों की जान से जुड़ाव है। इसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाना चाहिए। मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी हो रही है।
-राजेश कुमार, रायपुर खुर्द
कोट- कोविड के कारण लगभग डेढ़ साल तक काम बंद रहा। अब तेजी आई है। पीलर और बेसमेंट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32
कोट
जीएमएसएच-16 में स्वीकृत मदर चाइल्ड विंग के लिए बनाए गए नक्शे में कुछ कमी होने के कारण कार्य लंबित है। उसे जल्द संशोधित कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव