फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The condition of docking stations near colleges is bad... Scooty-bikes are being parked instead of bicycles

Chandigarh News: कॉलेजों के पास लगे डॉकिंग स्टेशनों का बुरा हाल... साइकिलों की जगह स्कूटी-बाइक हो रहे पार्क

Mon, 29 Jul 2024 07:02 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2024 07:02 AM IST
विज्ञापन
The condition of docking stations near colleges is bad... Scooty-bikes are being parked instead of bicycles
चंडीगढ़। कॉलेजों के पास लगे डॉकिंग स्टेशनों का बुरा हाल है। कहीं डॉकिंग स्टेशनों पर स्कूटी-बाइक पार्क हो रहे हैं, तो कहीं साइकिलें हैं ही नहीं। अमर उजाला ने पड़ताल करते हुए कॉलेजों के पास लगे डॉकिंग स्टेशन को खराब स्थिति में पाया। सेक्टर-26 स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज गेट के पास दोपहर 12 बजकर 37 मिनट पर डॉकिंग स्टेशन पर साइकिल की जगह मोटर साइकिल और स्कूटी पार्क दिखीं। चारों तरफ से बाइक और स्कूटी से घिरे डॉकिंग स्टेशन के अंदर जगह न होने के कारण दो स्मार्ट साइकिल स्टेशन के बाहर पार्क रहीं। स्टेशन के अंदर पार्क एकमात्र साइकिल खस्ताहाल में दिखी। स्मार्ट बाइक प्रोजेक्ट के तहत लगे डॉकिंग स्टेशन के यह हाल सिर्फ श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज के बाहर के नहीं है बल्कि अन्य के भी यही हाल है।
विज्ञापन

सेक्टर-26 स्थित एसजीजीएस कॉलेज के पास डॉकिंग स्टेशन के बायीं तरफ के एडरटिजमेंट बोर्ड पर एड की जगह आधी कटी तारें और जमीन पर उसके टूटे कांच के टुकड़े दिखे। स्टेशन में 10 साइकिल की पार्किंग जगह में से सिर्फ एक साइकिल अंदर दिखी जो कि खस्ताहाल नजर आई। नाम न बताने की शर्त पर स्मार्ट बाइक प्रोजेक्ट के एक अधिकारी ने बताया कि मई माह में वहां युवाओं के बीच झड़प के चलते उन्होंने डॉकिंग स्टेशन के डैश बोर्ड का शीशा तोड़ दिया था। अभी भी डैश बोर्ड के टुकड़े वहां पड़े हैं। एसजीजीएससी से लेकर श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज फॉर वुमन के साथ बने साइकिल रूट के साइड में लोगों की गाड़ियां अवैध रूप से पार्क रहती हैं। विद्यार्थियों से पार्किंग की जगह का पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें यहां वाहन पार्क करने की अनुमति मिली है। सेक्टर- 46 में कॉलेज के साथ बने डॉकिंग स्टेशन पर करीब 10 साइकिल पार्क करने का स्पेस है जहां एक स्मार्ट साइकिल मोटर बाइक और स्कूटी से घिरी नजर आई। स्मार्ट साइकिल की जगह लोगों ने वहां दो बाइक और एक स्कूटी पार्क की थी। सेक्टर-11 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज के सामने सड़क पर बने डॉकिंग स्टेशन पर साइकिलें पार्क होने की जगह वहां गिरी पड़ी नजर आईं। सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज के पास लगे डॉकिंग स्टेशन पर सिर्फ एक स्मार्ट साइकिल दिखी।
विज्ञापन


स्मार्ट बाइक प्रोजेक्ट के तहत शहर में 617 डॉकिंग स्टेशन, इनमें से 142 कॉलेजों के पास

स्मार्ट बाइक प्रोजेक्ट के तहत शहर में कुल 617 डॉकिंग स्टेशन बनाए हैं, जिनमें से 142 कॉलेज गेट के पास या परिसर में स्थापित किए हैं, जहां से लोग एप के जरिए 100 रुपये में साइकिल चला सकते हैं। साल 2020 में स्मार्ट बाइक प्रोजेक्ट लांच करने पर हर एक डॉकिंग स्टेशन को शहर की जनसंख्या और जरूरत के अनुसार स्थापित किया था। इसमें शैक्षणिक संस्थानों को प्रमुखता दी गई जहां हजारों विद्यार्थी रोज विभिन्न जगहों से पढ़ने आते हैं। स्मार्ट बाइक प्रोजेक्ट के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के 99 प्रतिशत शैक्षणिक संस्थानों के पास स्मार्ट बाइक के डॉकिंग स्टेशन बनाए गए हैं। कॉलेजों के पास से उन्हें अतिक्रमण के मामले आए हैं जहां साइकिल की जगह लोग अपने निजी वाहन पार्क कर देते हैं। इसे लेकर स्मार्ट बाइक प्रोजेक्ट द्वारा पुलिस की मदद ली जा रही है लेकिन इसकी रोकथाम के लिए कोई कड़े कदम नहीं उठाए हैं। प्रोजेक्ट की डिस्ट्रीब्यूशन टीम विभिन्न जगहों पर जरूरतों के अनुसार स्मार्ट साइकिल को गाड़ी में भर कर जरूरत के अनुसार रखती है हालांकि कई कॉलेजों के बाहर एक या दो साइकिलें पार्क रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट -

साइकिल स्टैंड की जगह पर लोगों को वाहन नहीं खड़े करने चाहिए। इस संबंध में हम लगातार लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं और नियमों के अनुसार कार्रवाई भी की जाती है। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed