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Chandigarh News: गोविंद सिंह सिंधू पर चौर साहिब झुलाने का मामला श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुंचा
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-सिमरनजीत सिंह मान के दोहते ने जत्थेदार को सौंपा माफी-पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान के दोहते गोविंद सिंह सिंधू के विवाह समारोह में चौर साहिब झुलाने का विवाद श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुँच गया। सोमवार दोपहर को गोविंद सिंह सिंधू ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मुलाकात कर लिखित रूप में माफी पत्र सौंपा।
गोविंद सिंह सिंधू ने कहा कि वे सिख मर्यादा का पूर्ण सम्मान करते हैं और अनजाने में हुई गलती के लिए सिख संगत से क्षमा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि यह परंपरा उनके परिवार में पीढ़ियों से चली आ रही है और कुछ विरोधी इसे बेवजह विवादित बना रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के दौरान आनंद कारज श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में पूरे सम्मान के साथ संपन्न हुआ।
गोविंद सिंह ने कहा कि रात के कार्यक्रम में अनजाने में एक पारिवारिक रिवायत निभाई गई, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची। मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूँ और जीवनभर गुरु साहिब से क्षमा मांगता रहूंगा।
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सख्त कार्रवाई की मांग
शिरोमणि अकाली दल (पुनर्गठित) के नेता करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को पत्र लिखकर घटना की कड़ी निंदा की। पत्र में कहा गया कि चौर साहिब केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान के लिए आरक्षित है और किसी व्यक्ति विशेष के सिर पर चौर झुलाना सिख मर्यादा का उल्लंघन है। पीर मोहम्मद ने कहा कि इस घटना से संगत में रोष है और मांग की गई है कि अपराधियों के खिलाफ पंथक परंपराओं के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में कोई भी गुरु साहिब के समान होने का अपराध करने का साहस न कर सके, इसके लिए सभी को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किया जाना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान के दोहते गोविंद सिंह सिंधू के विवाह समारोह में चौर साहिब झुलाने का विवाद श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुँच गया। सोमवार दोपहर को गोविंद सिंह सिंधू ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मुलाकात कर लिखित रूप में माफी पत्र सौंपा।
गोविंद सिंह सिंधू ने कहा कि वे सिख मर्यादा का पूर्ण सम्मान करते हैं और अनजाने में हुई गलती के लिए सिख संगत से क्षमा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि यह परंपरा उनके परिवार में पीढ़ियों से चली आ रही है और कुछ विरोधी इसे बेवजह विवादित बना रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के दौरान आनंद कारज श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में पूरे सम्मान के साथ संपन्न हुआ।
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गोविंद सिंह ने कहा कि रात के कार्यक्रम में अनजाने में एक पारिवारिक रिवायत निभाई गई, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची। मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूँ और जीवनभर गुरु साहिब से क्षमा मांगता रहूंगा।
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सख्त कार्रवाई की मांग
शिरोमणि अकाली दल (पुनर्गठित) के नेता करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को पत्र लिखकर घटना की कड़ी निंदा की। पत्र में कहा गया कि चौर साहिब केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान के लिए आरक्षित है और किसी व्यक्ति विशेष के सिर पर चौर झुलाना सिख मर्यादा का उल्लंघन है। पीर मोहम्मद ने कहा कि इस घटना से संगत में रोष है और मांग की गई है कि अपराधियों के खिलाफ पंथक परंपराओं के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में कोई भी गुरु साहिब के समान होने का अपराध करने का साहस न कर सके, इसके लिए सभी को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किया जाना चाहिए।