बादल के काफिले पर हमले को कैप्टन ने बताया दुखी लोगों का गुस्सा
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प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के काफिले पर जलालाबाद में हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। साथ ही कहा कि इसकी आशंका थी, क्योंकि लोगों में काफी गुस्सा भरा है।
जो सिर्फ चुनाव आचार संहिता लगने का इंतजार कर रहे थे। कैप्टन ने लोगों से अपील की कि वे अपना गुस्सा दिखाने के लिए हिंसा के बजाय वोट का सहारा लें।उन्होंने कहा कि अकालियों के दस साल के कुशासन से दुखी लोगों का गुस्सा जायज है।
लेकिन उनका कानून को हाथ में लेना सही नहीं है। उन्हें मतदान तक इंतजार करना चाहिए। कैप्टन ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि एक बार आचार संहिता लागू होने की देर है, बादल लोगों के गुस्से का सामना किए बगैर अपने ही गांवों में नहीं घुस सकेंगे।
'हिंसा के बजाय वोट का सहारा लें'
अकालियों के राज में लोग दहशत की जिंदगी जी रहे थे, वे सिर्फ आचार संहिता लागू होने के इंतजार में थे। राज्य में हालात काफी खराब हैं, इन्हें और खराब होने से रोकने के लिए चुनाव आयोग को कड़े कदम उठाने चाहिए।
पिछले दस सालों से बादल और उनके भ्रष्ट सहयोगी लोगों को आतंकित कर रहे हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था ठप हो चुकी है, माफिया और गुंडों का राज है।
अकालियों की लोक विरोधी नीतियों से तंग आ चुके लोग इस चुनाव में अकालियों को उखाड़ फेंकेंगे। रविवार को जलालाबाद में एक रैली को संबोधित करने के बाद सुखबीर जैसे ही निकले, लोगों ने उनके काफिले पर पथराव कर दिया। यह तुरंत हमला दिखाता है कि लोग दस सालों के कुशासन से कितने दुखी हैं।