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सीनेट व सिंडिकेट चुनाव कराने की मांग पर निकाला कैंडल मार्च
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट और सिंडिकेट चुनाव आयोजित करवाने को लेकर शुक्रवार को 20 से 25 वर्ष पुराने एलुमनी और पंजाब के नेताओं ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पहले स्टूडेंट सेंटर पर सेवानिवृत्त प्रो. मनदीप सिंह ने सभी प्रतिभागियों को मुद्दे के बारे में संबोधित किया। इसके बाद सभी ने स्टूडेंट सेंटर से कैंडल मार्च निकालते हुए वीसी दफ्तर के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया।
प्रतिभागियों ने पीयू बचाओ के बैनर के साथ मार्च निकाला और वीसी मुर्दाबाद के नारे लगाए। प्रदर्शन में एबीवीपी को छोड़कर पीयू की सभी स्टूडेंट यूनियन, एलुमनी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, पुटा के वर्तमान और पूर्व सदस्य, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, सीनेट सदस्य, सिंडिकेट सदस्य, पीयू के पूर्व स्टूडेंट काउंसिल के अध्य्क्ष और उपाध्यक्ष, पंजाब के कांग्रेस नेताओं के साथ विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने वीसी दफ्तर के बाहर पहुंचकर जबरदस्त नारेबाजी की और जल्द चुनाव करवाने और पीयू के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने को लेकर आवाज बुलंद की।
कोट्स :-
राजनीति छोड़ पीयू को बचाने के लिए आए एक मंच पर
आज सभी राजनीतिक पार्टियों के सदस्य राजनीतिक हित छोड़कर पीयू को बचाने के लिए एक मंच पर आए हैं। उन्होंने कहा कि हमें पीयू ने बनाया है और आज पीयू खतरे में है। वर्तमान में पीयू को गलत हाथों में सौंपा गया है जो यहां राजनीतिक एजेंडे चलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पीयू के लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी पूर्व और वर्तमान विद्यार्थी मिलकर संघर्ष करेंगे। - कुलजीत सिंह नागरा, पीयू पूर्व अध्य्क्ष और कांग्रेस नेता
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चुनाव की मांग नहीं मानी तो किसानों की तरह करेंगे आंदोलन
पीयू के कुलपति शिक्षकों, विद्यार्थियों, सीनेट-सिंडिकेट सदस्यों, पुटा सदस्यों किसी की भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक ढांचे को बिल्कुल खत्म कर दिया है लेकिन आज सभी विद्यार्थी और शिक्षक पीयू को बचाने के लिए एक मंच पर आए हैं। अगर वीसी ने चुनाव आयोजित नहीं किए तो यह प्रदर्शन पंजाब के किसानों के आंदोलन का रूप ले लेगा। -सेवानिवृत्त प्रो. मनजीत सिंह, पूर्व पुटा अध्यक्ष
पुटा बैठक में कई बार वीसी के सामने उठा चुकी है चुनाव का मुद्दा
पुटा सदस्य कई बार बैठक में सीनेट चुनाव और सिंडिकेट बैठक को करवाने का मुद्दा वीसी के सामने उठा चुकी है, लेकिन वीसी की तरफ से शिक्षकों की बातों की सुनवाई नहीं की जा रही है। वीसी की तरफ से विद्यार्थियों और शिक्षकों के किसी भी मुद्दे को हल नहीं किया जा रहा है। हर मुद्दे में कोरोना को बहाना बनाया जा रहा है। -प्रो. अमरजीत सिंह नौरा, पुटा सचिव, पीयू
कैंडल मार्च प्रदर्शन की शुरुआत
कैंडल मार्च के जरिए हमने वीसी को भविष्य के प्रदर्शनों के लिए आगाह किया है। वीसी की तरफ से किया जा रहा पीयू का केंद्रीकरण हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर वीसी ने सीनेट चुनाव करवाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया तो आने वाले समय में हम लगातार प्रदर्शन जारी रखेंगे। -चेतन चौधरी, पूर्व पीयू अध्यक्ष
राजनीति क्षेत्र से इन्होंने लिया हिस्सा
पीयू के पूर्व अध्यक्ष राजिंदर के दीपा, पीयू के पूर्व अध्यक्ष कुलजीत सिंह नागरा, कांग्रेस नेता जय कृष्ण सिंह रौरी, पीयू के पूर्व अध्यक्ष संतोखविंदर, पीयू के पूर्व अध्यक्ष दलवीर सिंह गोल्डी, पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिंदर ढिल्लों, पीयू के पूर्व अध्यक्ष हरप्रीत मुल्तानी, पीयू के पूर्व अध्यक्ष रशपाल हकुपाल, सोई नेता सिमरन ढिल्लों, एनएसयूआई सोशल मीडिया सचिव मनोज लुबाना, पीयू के पूर्व संयुक्त सचिव सनी मेहता, पीयू के पूर्व अध्यक्ष चेतन चौधरी, पीयू के पूर्व उपाध्यक्ष राहुल कुमार आदि ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
वीसी ने प्रदर्शनकारियों को जल्द निर्णय लेने का दिया आश्वासन
प्रदर्शन के बाद विद्यार्थियों ने वीसी दफ्तर के बाहर बेरिकेड पर चढ़ने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने वीसी से मिलने की मांग रखी। इस दौरान वीसी प्रो. राजकुमार बाहर आए और प्रदर्शनकारियों की मांगें सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि 4 से 5 दिन में चुनाव आयोजित करवाने को लेकर बैठक करके फैसला लिया जाएगा।
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प्रतिभागियों ने पीयू बचाओ के बैनर के साथ मार्च निकाला और वीसी मुर्दाबाद के नारे लगाए। प्रदर्शन में एबीवीपी को छोड़कर पीयू की सभी स्टूडेंट यूनियन, एलुमनी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, पुटा के वर्तमान और पूर्व सदस्य, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, सीनेट सदस्य, सिंडिकेट सदस्य, पीयू के पूर्व स्टूडेंट काउंसिल के अध्य्क्ष और उपाध्यक्ष, पंजाब के कांग्रेस नेताओं के साथ विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने वीसी दफ्तर के बाहर पहुंचकर जबरदस्त नारेबाजी की और जल्द चुनाव करवाने और पीयू के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने को लेकर आवाज बुलंद की।
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राजनीति छोड़ पीयू को बचाने के लिए आए एक मंच पर
आज सभी राजनीतिक पार्टियों के सदस्य राजनीतिक हित छोड़कर पीयू को बचाने के लिए एक मंच पर आए हैं। उन्होंने कहा कि हमें पीयू ने बनाया है और आज पीयू खतरे में है। वर्तमान में पीयू को गलत हाथों में सौंपा गया है जो यहां राजनीतिक एजेंडे चलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पीयू के लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी पूर्व और वर्तमान विद्यार्थी मिलकर संघर्ष करेंगे। - कुलजीत सिंह नागरा, पीयू पूर्व अध्य्क्ष और कांग्रेस नेता
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चुनाव की मांग नहीं मानी तो किसानों की तरह करेंगे आंदोलन
पीयू के कुलपति शिक्षकों, विद्यार्थियों, सीनेट-सिंडिकेट सदस्यों, पुटा सदस्यों किसी की भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक ढांचे को बिल्कुल खत्म कर दिया है लेकिन आज सभी विद्यार्थी और शिक्षक पीयू को बचाने के लिए एक मंच पर आए हैं। अगर वीसी ने चुनाव आयोजित नहीं किए तो यह प्रदर्शन पंजाब के किसानों के आंदोलन का रूप ले लेगा। -सेवानिवृत्त प्रो. मनजीत सिंह, पूर्व पुटा अध्यक्ष
पुटा बैठक में कई बार वीसी के सामने उठा चुकी है चुनाव का मुद्दा
पुटा सदस्य कई बार बैठक में सीनेट चुनाव और सिंडिकेट बैठक को करवाने का मुद्दा वीसी के सामने उठा चुकी है, लेकिन वीसी की तरफ से शिक्षकों की बातों की सुनवाई नहीं की जा रही है। वीसी की तरफ से विद्यार्थियों और शिक्षकों के किसी भी मुद्दे को हल नहीं किया जा रहा है। हर मुद्दे में कोरोना को बहाना बनाया जा रहा है। -प्रो. अमरजीत सिंह नौरा, पुटा सचिव, पीयू
कैंडल मार्च प्रदर्शन की शुरुआत
कैंडल मार्च के जरिए हमने वीसी को भविष्य के प्रदर्शनों के लिए आगाह किया है। वीसी की तरफ से किया जा रहा पीयू का केंद्रीकरण हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर वीसी ने सीनेट चुनाव करवाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया तो आने वाले समय में हम लगातार प्रदर्शन जारी रखेंगे। -चेतन चौधरी, पूर्व पीयू अध्यक्ष
राजनीति क्षेत्र से इन्होंने लिया हिस्सा
पीयू के पूर्व अध्यक्ष राजिंदर के दीपा, पीयू के पूर्व अध्यक्ष कुलजीत सिंह नागरा, कांग्रेस नेता जय कृष्ण सिंह रौरी, पीयू के पूर्व अध्यक्ष संतोखविंदर, पीयू के पूर्व अध्यक्ष दलवीर सिंह गोल्डी, पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिंदर ढिल्लों, पीयू के पूर्व अध्यक्ष हरप्रीत मुल्तानी, पीयू के पूर्व अध्यक्ष रशपाल हकुपाल, सोई नेता सिमरन ढिल्लों, एनएसयूआई सोशल मीडिया सचिव मनोज लुबाना, पीयू के पूर्व संयुक्त सचिव सनी मेहता, पीयू के पूर्व अध्यक्ष चेतन चौधरी, पीयू के पूर्व उपाध्यक्ष राहुल कुमार आदि ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
वीसी ने प्रदर्शनकारियों को जल्द निर्णय लेने का दिया आश्वासन
प्रदर्शन के बाद विद्यार्थियों ने वीसी दफ्तर के बाहर बेरिकेड पर चढ़ने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने वीसी से मिलने की मांग रखी। इस दौरान वीसी प्रो. राजकुमार बाहर आए और प्रदर्शनकारियों की मांगें सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि 4 से 5 दिन में चुनाव आयोजित करवाने को लेकर बैठक करके फैसला लिया जाएगा।