फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The burden of deputation was heavy, 317 posts of health department were abolished.

Chandigarh News: डेपुटेशन का चस्का पड़ा भारी, स्वास्थ्य विभाग के 317 पद खत्म

Tue, 31 Oct 2023 02:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Oct 2023 02:17 AM IST
विज्ञापन
The burden of deputation was heavy, 317 posts of health department were abolished.
चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग को डेपुटेशन पर दूसरे प्रदेशों से डाॅक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ बुलाना महंगा पड़ा है। अपनों को खुश करने के लिए डेपुटेशन के चस्के के चलते देखते ही देखते विभाग के 317 पद समाप्त हो चुके हैं। इसे लेकर अब आला अधिकारी परेशान हैं। इन 317 पदों में डॉक्टरों के साथ नर्सिंग ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये पद एक-दो साल में नहीं 15 से 20 वर्षों में एक-एक कर समाप्त हो गए हैं लेकिन आला अधिकारियों ने इसे लेकर कभी गंभीरता नहीं दिखाई। अब जब मामला गंभीर स्थिति में पहुंच गया है तब अधिकारियों के हाथ-पैर फूलने लगे हैं। समाप्त पदों को फिर से सक्रिय करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुरोध किया जा रहा है।
विज्ञापन


जीएमएसएच 17 में सबसे ज्यादा पद खत्म
नियमित पदों पर नियुक्ति न होने के चलते जीएमएसएच-16 के 190 पद समाप्त हो चुके हैं। एक रिकॉर्ड के अनुसार इसमें नर्सिंग ऑफिसर के 59 और डॉक्टरों व पैरामेडिकल के 131 पद शामिल हैं। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि नियमित नियुक्ति पर रोक का मुख्य कारण अपनों को डेपुटेशन पर यहां तैनाती देना है। इससे वर्षों से खाली पदों पर नियुक्ति के लिए किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। मानकों की अनदेखी का ही परिणाम है जो डेपुटेशन पर आने वाले डॉक्टर और अन्य कर्मचारी तीन के बजाय 10 से लेकर 20 साल से एक ही जगह पर तैनात हैं।
विज्ञापन


जीएमसीएच 32 में भी गिनती लंबी
जीएमसीएच में समाप्त हुए 127 पदों में से 34 पद फैकल्टी/प्रोफेसर से संबंधित हैं। अन्य 93 पद नर्सिंग और अन्य पैरामेडिकल श्रेणी से संबंधित हैं। यहां भी डेपुटेशन का लंबा खेल चल रहा है। स्थिति यह है कि मेडिकल कॉलेज में डेपुटेशन पर दूसरे प्रदेशों से आए मेडिकल ऑफिसरों को विभाग प्रमुख बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि यहां तैनाती के लिए मारामारी मची रहती है। डेपुटेशन पर आने वाले लोग विभिन्न स्टोर प्रमुख जैसे पदों पर प्रभारी बनने के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्त विभाग से मिली सहमति
अधिकारियों के अनुसार, जीएमएसएच-16 में 190 पदों के पुनरोद्धार के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने सहमति दे दी है। इसमें नर्सिंग ऑफिसर के 59 पद शामिल हैं। 131 पद पैरामेडिकल/मंत्रिस्तरीय/गैर-मंत्रालयी पदों से संबंधित हैं। इस सहमति से एक उम्मीद जगी है क्योंकि अब से पहले तक इससे जुड़े प्रस्ताव को दरकिनार किया जाता रहा है। पहली बार इस पर अधिकारी सचेत हुए हैं।

इन कारणों को बताया जा रहा जिम्मेदार
- यूटी प्रशासन को प्रतिनियुक्ति पर पदों को भरने के लिए पंजाब/हरियाणा की ओर से चिकित्सा अधिकारियों की सिफारिश न करना।
- चंडीगढ़ प्रशासन की ओबीसी श्रेणी की नीति से संबंधित मुद्दे, जिसके कारण यूपीएससी इस श्रेणी के लिए भर्तियां नहीं कर रहा है।
- मार्च 2023 से केंद्रीय वेतनमान को अपनाने और इसके परिणामस्वरूप अर्हक सेवा में परिवर्तन के कारण आरआर में संशोधन लंबित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed