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पीयू में नहीं थम रहा दुकानदारों का आक्रोश, तीसरे दिन भी हड़ताल कर जताया रोष
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के दुकान संचालक नीरज आहूजा की मौत के बाद से दुकानदारों में पीयू के प्रति आक्रोश पनपा हुआ है। तीन दिन से वह पीयू प्रशासन की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर रविवार को भी दुकानदार हड़ताल पर रहे। उन्होंने कैंडल मार्च निकाला और कहा कि पीयू जल्द से जल्द निर्णय निकालें ताकि कोई अन्य दुकानदार नीरज आहूजा जैसा कदम न उठाए।
पीयू के दुकानदारों ने मार्केट से गेट नंबर दो तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान दुकानदारों ने कहा कि पीयू को ऑनलाइन बैठक न कर मार्केट के 60 दुकानदारों के साथ खुली बैठक करनी चाहिए, तभी समस्याओं का समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को लीज डीड ट्रांसफर करते समय लीगल हीयर के नाम पर बेतहाशा किराया बढ़ाया जाता है जबकि किराया लीज डीड के अनुसार ही होना चाहिए। इसमें कोई वृद्धि न की जाए। कोरोना के कारण छात्र कैंपस में नहीं है। दुकानदारी नहीं हो पा रही है। इसलिए किराए में भी 50 फीसदी छूट दी जाए। उन्होंने बताया कि जीएनडीयू व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपने दुकानदारों को कोविड के दौरान 50 से 75 फीसदी तक किराये में राहत प्रदान की है जबकि पीयू इस तरफ ध्यान नहीं दे रही।
बिजली सिक्योरिटी के लिए 50 हजार लिए जा रहे
दुकानदारों का आरोप है कि पीयू बिजली सिक्योरिटी के नाम पर एक साथ 50 हजार रुपये जमा कराने की मांग कर रही है, यह मांग नाजायज है। दुकानदारों के पास पैसे नहीं है। पीयू प्रशासन ऐसे मांग न रखे कि दुकानदार और परेशान हों। वह पहले ही तनाव से गुजर रहे हैं। उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। घर चलाने तक के पैसे दुकानदारी से नहीं निकल पा रहे हैं। उन्हें मजबूरन हड़ताल करनी पड़ रही है। पीयू उनकी मांगों पर विचार करे।
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हड़ताल के कारण शिक्षक व कर्मचारी परेशान
पीयू में दुकानदारों की हड़ताल के कारण शिक्षकों व कर्मचारियों को सामान नहीं मिल सका। उन्हें दूसरे सेक्टरों के लिए दौड़ लगानी पड़ी। कुछ छात्र भी सामान लेने पहुंचे, लेकिन हड़ताल के कारण वह भी मायूस लौट गए। शिक्षकों व कर्मचारियों ने पीयू से कहा है कि दुकानदारों की समस्याओं का समाधान किया जाए ताकि उन्हें सामान आदि यहां से मिल सके। वहीं दूसरी ओर पीयू का तर्क है कि जायज मांगों को वह पूरा कर रही है, लेकिन अन्यथा की मांगें करना ठीक नहीं है, दुकानदारों को समझना चाहिए। वह ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लें और बात करें।
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पीयू के दुकानदारों ने मार्केट से गेट नंबर दो तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान दुकानदारों ने कहा कि पीयू को ऑनलाइन बैठक न कर मार्केट के 60 दुकानदारों के साथ खुली बैठक करनी चाहिए, तभी समस्याओं का समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को लीज डीड ट्रांसफर करते समय लीगल हीयर के नाम पर बेतहाशा किराया बढ़ाया जाता है जबकि किराया लीज डीड के अनुसार ही होना चाहिए। इसमें कोई वृद्धि न की जाए। कोरोना के कारण छात्र कैंपस में नहीं है। दुकानदारी नहीं हो पा रही है। इसलिए किराए में भी 50 फीसदी छूट दी जाए। उन्होंने बताया कि जीएनडीयू व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपने दुकानदारों को कोविड के दौरान 50 से 75 फीसदी तक किराये में राहत प्रदान की है जबकि पीयू इस तरफ ध्यान नहीं दे रही।
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बिजली सिक्योरिटी के लिए 50 हजार लिए जा रहे
दुकानदारों का आरोप है कि पीयू बिजली सिक्योरिटी के नाम पर एक साथ 50 हजार रुपये जमा कराने की मांग कर रही है, यह मांग नाजायज है। दुकानदारों के पास पैसे नहीं है। पीयू प्रशासन ऐसे मांग न रखे कि दुकानदार और परेशान हों। वह पहले ही तनाव से गुजर रहे हैं। उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। घर चलाने तक के पैसे दुकानदारी से नहीं निकल पा रहे हैं। उन्हें मजबूरन हड़ताल करनी पड़ रही है। पीयू उनकी मांगों पर विचार करे।
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हड़ताल के कारण शिक्षक व कर्मचारी परेशान
पीयू में दुकानदारों की हड़ताल के कारण शिक्षकों व कर्मचारियों को सामान नहीं मिल सका। उन्हें दूसरे सेक्टरों के लिए दौड़ लगानी पड़ी। कुछ छात्र भी सामान लेने पहुंचे, लेकिन हड़ताल के कारण वह भी मायूस लौट गए। शिक्षकों व कर्मचारियों ने पीयू से कहा है कि दुकानदारों की समस्याओं का समाधान किया जाए ताकि उन्हें सामान आदि यहां से मिल सके। वहीं दूसरी ओर पीयू का तर्क है कि जायज मांगों को वह पूरा कर रही है, लेकिन अन्यथा की मांगें करना ठीक नहीं है, दुकानदारों को समझना चाहिए। वह ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लें और बात करें।