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Chandigarh: नहीं मिलेगा मुफ्त पानी-पार्किंग, निगम की वित्तीय स्थिति देख प्रशासक ने प्रस्ताव किया खारिज
Fri, 14 Jun 2024 05:48 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2024 05:48 AM IST
सार
मेयर बनने के बाद 11 मार्च को कुलदीप कुमार ने पहली जनरल हाउस की बैठक बुलाई थी। इसमें भाजपा के सभी पार्षदों को निलंबित करने के बाद 20 हजार लीटर मुफ्त पानी और पार्किंग मुफ्त करने का टेबल एजेंडा पास किया गया था।
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बनवारी लाल पुरोहित
- फोटो : ANI/File
विस्तार
चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने वादा किया था कि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह शहर की जनता को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी और मुफ्त पार्किंग देंगे। वीरवार को चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने इस वादे की हवा निकाल दी। प्रशासक ने नगर निगम की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के बाद मुफ्त पानी के पास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। पार्किंग भी मुफ्त नहीं होगी। इसके लिए दाम तय कर दिए गए हैं।
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प्रशासक ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ 24 घंटे पानी की परियोजना, वाटर सप्लाई के रखरखाव पर आ रहे खर्च, नगर निगम की कमाई और घाटे की विस्तृत समीक्षा की। नगर निगम ने प्रशासक को बताया कि घर-घर तक पानी पहुंचाने में निगम पहले ही करोड़ों के घाटे में है। वर्ष 2022-23 में 118 करोड़ का घाटा था, जो 2023-24 में घटकर 97 करोड़ हुआ लेकिन वर्ष 2024-25 में इस घाटे के 157 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।
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इसके अलावा शहर में 24 घंटे पानी की परियोजना के लिए नगर निगम ने एएफडी से कर्ज ले रखा है। मार्च 2024 में कर्ज की पहली किस्त करीब एक मिलियन यूरो भी नगर निगम को मिल चुकी है। इस लोन को 15 जनवरी 2018 से 30 सामान सेमी-एनुअल इंस्टॉलमेंट में चुकाना है। अगर कर्ज की किस्त समय पर नहीं चुकाई जाती है तो देरी से भुगतान करने पर जुर्माना और डिफॉल्ट ब्याज भी देना होगा। अधिकारियों ने देखा कि नगर निगम का खर्च साल दर साल बढ़ रहा है लेकिन उस अनुपात में कमाई नहीं बढ़ पा रही है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए प्रशासक ने एमसी एक्ट-1994 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए सदन से पारित मुफ्त पानी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
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20 हजार लीटर मुफ्त पानी दिया तो सालाना 19.70 करोड़ का खर्च
नगर निगम ने प्रशासक को यह भी बताया कि अगर शहर वासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी दिया जाता है तो इस पर कितना खर्च आएगा। बताया कि चंडीगढ़ में कुल करीब 1,64,926 पानी के कनेक्शन है। अगर इसे वर्तमान पानी के रेट के हिसाब से जोड़ेंगे तो करीब 16.42 करोड़ का सालाना खर्च आएगा। इस पर 20 फीसदी सीवरेज सेस को जोड़ दें तो हर साल कुल करीब 19.70 करोड़ का घाटा होगा। प्रशासक को बताया कि निगम की अधिकतम कमाई पानी के बिल और प्रॉपर्टी टैक्स से ही आती है।
11 मार्च को पास हुआ था मुफ्त पानी का एजेंडा
मेयर बनने के बाद 11 मार्च को कुलदीप कुमार ने पहली जनरल हाउस की बैठक बुलाई थी। बैठक काफी हंगामेदार रही थी। इस वजह से एक-एक कर भाजपा के लगभग सभी पार्षदों को निलंबित कर दिया गया था और फिर 20 हजार लीटर मुफ्त पानी और पार्किंग मुफ्त करने का टेबल एजेंडा पास किया गया था। 20 हजार लीटर मुफ्त पानी और पार्किंग का टेबल एजेंडा सिर्फ एक लाइन का था। यह कैसे लागू किया जाएगा और मुफ्त करने से जो राजस्व का घाटा होगा, उसकी प्रतिपूर्ति कैसे होगी, इसे को लेकर एजेंडे में कोई जानकारी नहीं थी।