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Chandigarh News: दिलजीत के शो के आयोजकों को प्रशासन ने जारी किया शोकॉज नोटिस

Sat, 21 Dec 2024 01:19 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2024 01:19 AM IST
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The administration issued a show cause notice to the organizers of Diljit's show
चंडीगढ़। 14 दिसंबर को सेक्टर-34 में आयोजित दिलजीत दोसांझ के लाइव कंसर्ट पर विवाद बढ़ता जा रहा है। शो के दौरान ध्वनि प्रदूषण के तय मानकों के उल्लंघन के आरोप में अब प्रशासन ने शुक्रवार को आयोजकों को शोकॉज नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट द्वारा पहले से ही सवालों के घेरे में आए इस शो पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आयोजकों को 10 दिन के भीतर जवाब देने का आदेश दिया है।
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प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक शो के दौरान ध्वनि का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी शो के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर नजर रखने के आदेश दिए थे। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन ने शोर के स्तर की जांच के लिए तीन टीमें गठित की थीं। इन टीमों ने पाया कि ध्वनि का स्तर निर्धारित 75 डेसिबल से अधिक था। तीनों ही लोकेशन पर 76 से 93 डेसिबल के बीच नॉइस पॉल्यूशन दर्ज किया गया था। इसके बाद एसडीएम (साउथ) खुशप्रीत कौर ने मामले की रिपोर्ट प्रशासन के पर्यावरण सचिव को सौंपी थी और नॉइस पॉल्यूशन के तय मानकों का उल्लंघन होने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की सिफारिश की थी। इस पर प्रशासन ने शुक्रवार को शो के आयोजकों को शोकॉज नोटिस जारी कर दिया है। प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि आयोजकों को अपनी बात रखने का 10 दिन का मौका दिया गया है। इसके बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, शोर प्रदूषण नियम के तहत कार्रवाई
आदेश के अनुसार कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्थानों पर शोर के स्तर की निगरानी की गई। शोर प्रदूषण (नियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के तहत निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि स्तर दर्ज किया गया। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। शो के आयोजकों पर शोर प्रदूषण नियम 2000 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
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पांच वर्ष कारावास या एक लाख रुपये का लग सकता है जुर्माना
शो के आयोजकों के जवाब से अगर यूटी प्रशासन संतुष्ट नहीं होता है तो पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा 15 के उल्लंघन पर अधिकतम पांच वर्ष तक का कारावास या अधिकतम एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है या दोनों एक साथ भी लगाए जा सकते हैं।
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