{"_id":"68b75325c9f861377a0af286","slug":"the-administration-evacuated-the-kutcha-houses-built-on-the-banks-of-sukhna-cho-and-patiala-rao-chandigarh-news-c-16-pkl1079-808079-2025-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: प्रशासन ने सुखना चो और पटियाला की राव के किनारे बने कच्चे मकानों को खाली कराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: प्रशासन ने सुखना चो और पटियाला की राव के किनारे बने कच्चे मकानों को खाली कराया
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश और उत्तर भारत के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। सुखना चो और पटियाला की राव के किनारे बसे कच्चे मकानों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बुधवार को भी चंडीगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। तीन सितंबर को भी शहर के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के प्रमुख डीसी निशांत कुमार यादव ने सुखना चो, पटियाला की राव के अलावा शहर के अन्य बरसाती नालों, तलाब, झील, जल स्रोत के किनारे पर आम पब्लिक के जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उन्होंने चेतावनी जारी की है कि अगर इन नियमों का पालन नहीं किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि बीते 15 दिनों में सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने पर 8 बार फ्लड गेट खोलना पड़ा है। बीते दिनों सुखना चो में मक्खनमाजरा के पास बापूधाम के एक युवक की पानी में बह जाने से मौत हो गई थी।
डीसी निशांत यादव ने भारी बारिश के बीच बार-बार फ्लड गेट खोले जाने के चलते सुखना चो, किशनगढ़, बापूधाम, मनीमाजरा, सुखना झील के इर्दगिर्द, रायपुर कलां व अन्य हिस्सों में आपदा प्रबंधन टीमों को पेट्रोलिंग करने के लिए कहा है। इसके अलावा किशनगढ़ से लेक के बैक साइड के पुल, बापूधाम से आईटी पार्क व मनीमाजरा के बीच रास्ते में बने पुल और रेलवे स्टेशन जाने के लिए सीटीयू वर्कशॉप-गोशाला के पास बने पुल पर ट्रैफिक पुलिस को तैनात होने के लिए निर्देश दिए हैं। इसे लेकर पुलिस के साथ भी कोऑर्डिनेशन किया जा है।
विज्ञापन
डीसी ने भारी बारिश के बीच जलभराव, ट्रैफिक जाम और सुरक्षा के दृष्टि से जारी की गाइडलाइंस
-नगर निगम और इंजीनियरिंग विभाग सड़कों और सार्वजनिक स्थलों से गिरे हुए पेड़ों को सूचना मिलने पर तुरंत हटाएं।
-धंसी हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही ट्रैफिक पुलिस को कहा गया है कि ऐसे स्थानों को बैरिकेड कर आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
-नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि सभी मैनहोल कवर और रोड गली ढक्कन सही स्थिति में हों ताकि हादसों से बचा जा सके।
-इंजीनियरिंग विभाग और नगर निगम बिजली के खंभों व स्ट्रीट लाइट्स की जांच करें, जिससे राहगीरों को करंट लगने का खतरा न रहे।
-स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया है ताकि करंट लगने, डूबने या अन्य मानसून से जुड़ी आपात स्थितियों में समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
-ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव वाले अंडरपास, पुल और सबवे को बंद कर यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाए। जनता को भी सलाह दी गई है कि बिना पानी का स्तर जांचे इन इलाकों से न गुजरें।
-किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
वाटर बॉडीज पर प्रतिबंध
डीसी निशांत कुमार यादव ने सुखना चो, पटियाला की राव, और शहर के अन्य बरसाती नालों, तालाबों और झीलों के किनारे आम लोगों के जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 31 अक्टूबर 2025 तक लागू रहेगा। हालांकि, यह आदेश आपदा प्रबंधन टीम, पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल और अन्य सरकारी कर्मियों पर लागू नहीं होगा जो राहत व बचाव कार्यों या अन्य गतिविधियों में लगे हैं। यह कदम सुखना चो में पानी के तेज बहाव में बहने से एक युवक की मौत के बाद उठाया है।
विज्ञापन
डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के प्रमुख डीसी निशांत कुमार यादव ने सुखना चो, पटियाला की राव के अलावा शहर के अन्य बरसाती नालों, तलाब, झील, जल स्रोत के किनारे पर आम पब्लिक के जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उन्होंने चेतावनी जारी की है कि अगर इन नियमों का पालन नहीं किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि बीते 15 दिनों में सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने पर 8 बार फ्लड गेट खोलना पड़ा है। बीते दिनों सुखना चो में मक्खनमाजरा के पास बापूधाम के एक युवक की पानी में बह जाने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन
डीसी निशांत यादव ने भारी बारिश के बीच बार-बार फ्लड गेट खोले जाने के चलते सुखना चो, किशनगढ़, बापूधाम, मनीमाजरा, सुखना झील के इर्दगिर्द, रायपुर कलां व अन्य हिस्सों में आपदा प्रबंधन टीमों को पेट्रोलिंग करने के लिए कहा है। इसके अलावा किशनगढ़ से लेक के बैक साइड के पुल, बापूधाम से आईटी पार्क व मनीमाजरा के बीच रास्ते में बने पुल और रेलवे स्टेशन जाने के लिए सीटीयू वर्कशॉप-गोशाला के पास बने पुल पर ट्रैफिक पुलिस को तैनात होने के लिए निर्देश दिए हैं। इसे लेकर पुलिस के साथ भी कोऑर्डिनेशन किया जा है।
विज्ञापन
डीसी ने भारी बारिश के बीच जलभराव, ट्रैफिक जाम और सुरक्षा के दृष्टि से जारी की गाइडलाइंस
-नगर निगम और इंजीनियरिंग विभाग सड़कों और सार्वजनिक स्थलों से गिरे हुए पेड़ों को सूचना मिलने पर तुरंत हटाएं।
-धंसी हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही ट्रैफिक पुलिस को कहा गया है कि ऐसे स्थानों को बैरिकेड कर आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
-नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि सभी मैनहोल कवर और रोड गली ढक्कन सही स्थिति में हों ताकि हादसों से बचा जा सके।
-इंजीनियरिंग विभाग और नगर निगम बिजली के खंभों व स्ट्रीट लाइट्स की जांच करें, जिससे राहगीरों को करंट लगने का खतरा न रहे।
-स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया है ताकि करंट लगने, डूबने या अन्य मानसून से जुड़ी आपात स्थितियों में समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
-ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव वाले अंडरपास, पुल और सबवे को बंद कर यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाए। जनता को भी सलाह दी गई है कि बिना पानी का स्तर जांचे इन इलाकों से न गुजरें।
-किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
वाटर बॉडीज पर प्रतिबंध
डीसी निशांत कुमार यादव ने सुखना चो, पटियाला की राव, और शहर के अन्य बरसाती नालों, तालाबों और झीलों के किनारे आम लोगों के जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 31 अक्टूबर 2025 तक लागू रहेगा। हालांकि, यह आदेश आपदा प्रबंधन टीम, पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल और अन्य सरकारी कर्मियों पर लागू नहीं होगा जो राहत व बचाव कार्यों या अन्य गतिविधियों में लगे हैं। यह कदम सुखना चो में पानी के तेज बहाव में बहने से एक युवक की मौत के बाद उठाया है।