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Chandigarh News: बरसाती नाले सुखना चो पर बने पुलों पर रेलिंग न होने से हादसों का बढ़ा खतरा

Tue, 18 Nov 2025 11:53 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Nov 2025 11:53 PM IST
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The absence of railings on the bridges over the Sukhna Cho, a rainwater drain, has increased the risk of accidents.
मनीमाजरा। बापूधाम से सटे शास्त्री नगर क्षेत्र में स्थित सुखना चौक के बरसाती नाले की दोनों ओर लगी सुरक्षा रेलिंग पिछले कई महीनों से टूटी पड़ी है। बरसात के मौसम के दौरान झील से पानी छोड़े जाने पर तेज बहाव के कारण यह रेलिंग टूटकर गिर गई थी। कई महीने बीत जाने के बाद भी चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम ने अब तक इसकी मरम्मत तक शुरू नहीं की है। इस कारण हादसों की आशंका बढ़ गई है।
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किशनगढ़ पुल की हालत भी खस्ता
सुखना झील के पीछे बसे किशनगढ़ गांव को चंडीगढ़ से जोड़ने वाले पुल पर भी दोनों ओर की रेलिंग महीनों से टूटी हुई है। किशनगढ़ निवासी कुलदीप सिंह, सुजीत कुमार और मनोज लुभाना ने बताया कि पुल के किनारों की दीवारें भी गिर चुकी थीं। दीवारें दोबारा बनाने के लिए वहां गड्ढे भी खोद दिए गए, लेकिन उनमें न तो मिट्टी भरी गई, न दीवार बनाई गई और न ही रेलिंग लगाई गई। इसके बजाय वहां पर सीमेंट की बोरियां रख दीं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। जो रात को निकलने वाले के लिए बहुत खतरा का कारण बने हुए है।
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मक्खनमाजरा–रायपुर खुर्द मार्ग की पुलिया भी असुरक्षित
इसी तरह मक्खन माजरा से रायपुर खुर्द को जोड़ने वाली सड़क पर बने पुल की रेलिंग भी बारिश के तेज बहाव में बह चुकी है। समाजसेवी पारस भार्गव का कहना है कि रात के समय इस सड़क पर रोशनी नहीं रहती। रेलिंग न होने के कारण कभी भी कोई व्यक्ति नीचे गिर सकता है।
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हर दिन गुजरते हैं हजारों वाहन, फिर भी प्रशासन की नजर नहीं
समाजसेवी रामेश्वर गिरि का कहना है कि शास्त्री नगर के पुल वाले मार्ग से दिनभर हजारों वाहन गुजरते हैं। नाले के किनारे सुरक्षा रेलिंग न होने के कारण हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है, खासकर रात के समय या बारिश में। चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन किसी की नजर इस खतरे पर नहीं पड़ती।

कई महीने से शिकायतें दे रहे, पर सुनवाई नहीं
बारिश के दौरान तेज पानी के दबाव से दीवारें और रेलिंग टूट गई थीं। लोगों ने बताया कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद अब तक मरम्मत का काम नहीं शुरू हुआ। रामेश्वर गिरी ने प्रशासन और नगर निगम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां रेलिंग की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां कोई काम नहीं हो रहा। उल्टा मध्यमार्ग पर बिल्कुल ठीक रेलिंग हटाकर करोड़ों रुपये खर्चकर नई रेलिंग लगाई जा रही है। यह विभागीय मिलीभगत और बजट दुरुपयोग का मामला है जिसकी जांच होनी चाहिए।
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