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Chandigarh News: रॉड से वार कर हत्या करने वाला फरार दोषी चढ़ा हत्थे
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चंडीगढ़। सिर पर रॉड मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर सबूत मिटाने के मामले में पैरोल जंप कर फरार हुए हत्या के दोषी को पुलिस ने पकड़ा है। उसकी पहचान हरियाणा के जींद निवासी बजिंदर के रूप में हुई है। उसने वर्ष 2021 में पैरोल जंप कर ली थी। 21 सितंबर 2001 को मनीमाजरा थाना पुलिस ने हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक रूप से कैद में रखने की धाराओं के तहत यह मामला दर्ज किया था। मामले में बिहार के ओम प्रकाश शिकायतकर्ता थे जो उस वक्त मनीमाजरा में रह रहे थे। पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक 20 सितंबर 2001 को बरजिंदर कुमार और उसका दोस्त राजबीर सिंह उनके मकान मालिक अजमेर सिंह के मकान में आए थे। शिकायतकर्ता ने उनके लिए खाना बनाया था। इसके बाद अजमेर सिंह रात लगभग 12 बजे सो गया और इसी दौरान बजिंदर, राजबीर और अजमेर की पत्नी बबली रॉड लेकर पहुंचे और शिकायतकर्ता को धमकाते हुए अजमेर के कमरे में चले गए। यहां बजिंदर ने अजमेर के सिर पर रॉड से हमला किया। वहीं, बबली ने अजमेर के पैर पकड़े और राजबीर ने भी कई बार अजमेर के सिर पर वार किए, जिसमें अजमेर की मौत हो गई। इसके बाद अजमेर के लाश को टॉयलेट तक घसीट कर ले गए और कमरे से खून के निशान साफ किए गए। खून से सने कपड़ों को टॉयलेट में फेंक दिया। मृतक की लाश को चद्दर में लिपेट कर मारूति कार में डाल ले गए। कार राजबीर ने चलाई थी।
वहीं जाते हुए शिकायतकर्ता को धमका गए कि अगर किसी को घटना की जानकारी दी तो उसे भी मार देंगे। सुबह करीब 4 बजे आरोपी घर को बाहर से कुंडी लगा गए थे और दोपहर तीन बजे वापस आए और कमरे को पेंट कर दिया। शिकायतकर्ता को बाजार से दूध लाने को कहा। शिकायतकर्ता ने सारी कहानी मार्किट प्रधान हरजीत सिंह को बताई। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज हुई, जिसके बाद राजबीर, बजिंदर अैर बबली 22 सितंबर 2001 को पकड़े गए। 11 अगस्त, 2005 को तीनों दोषी करार हुए। इन्हें उम्रकैद और जुर्माना सुनाया गया। इसके बाद कोरोना काल में पैरोल मिलने पर बजिंदर जेल से बाहर गया और वापस नहीं आया। उसके खिलाफ 8 दिसंबर 2020 को मामला दर्ज हुआ। खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी बजिंदर को गाजियाबाद के गांव साहिबाबाद से 30 मार्च को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे बुड़ैल जेल भेज दिया।
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वहीं जाते हुए शिकायतकर्ता को धमका गए कि अगर किसी को घटना की जानकारी दी तो उसे भी मार देंगे। सुबह करीब 4 बजे आरोपी घर को बाहर से कुंडी लगा गए थे और दोपहर तीन बजे वापस आए और कमरे को पेंट कर दिया। शिकायतकर्ता को बाजार से दूध लाने को कहा। शिकायतकर्ता ने सारी कहानी मार्किट प्रधान हरजीत सिंह को बताई। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज हुई, जिसके बाद राजबीर, बजिंदर अैर बबली 22 सितंबर 2001 को पकड़े गए। 11 अगस्त, 2005 को तीनों दोषी करार हुए। इन्हें उम्रकैद और जुर्माना सुनाया गया। इसके बाद कोरोना काल में पैरोल मिलने पर बजिंदर जेल से बाहर गया और वापस नहीं आया। उसके खिलाफ 8 दिसंबर 2020 को मामला दर्ज हुआ। खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी बजिंदर को गाजियाबाद के गांव साहिबाबाद से 30 मार्च को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे बुड़ैल जेल भेज दिया।
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