{"_id":"6ae652394b6756e85201871f","slug":"thar-zig-zags-through-barricades-crashes-into-a-tree-youth-killed-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1164411-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: बैरिकेड्स के बीच जिग-जैग करते पेड़ से टकराई थार, युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: बैरिकेड्स के बीच जिग-जैग करते पेड़ से टकराई थार, युवक की मौत
विज्ञापन
कंडक्टर सीट पर बैठा 21 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हुआ, हादसे के बाद खुद इमरजेंसी नंबर पर किया फोन
गूगल से गांव की दुकान का नंबर तलाशकर दोस्त ने परिवार को दी सूचना, माता-पिता का इकलौता बेटा था साहिल
हिसार जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव ब्याणा का रहने वाला था साहिल, पिता पूरणमल किसान और मां गृहिणी हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। सेक्टर-16/17 डिवाइडिंग रोड पर शुक्रवार देर रात तेज रफ्तार थार पेड़ से टकरा गई। हादसे में 21 वर्षीय साहिल की जान चली गई जबकि उसका दोस्त प्रियम घायल हो गया। दोनों खरड़ से दोस्त की थार लेकर चंडीगढ़ घूमने आए थे। रात करीब 12:18 बजे बैरिकेड्स के बीच जिग-जैग तरीके से निकलने की कोशिश में चालक गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा। थार डिवाइडर पर चढ़कर करीब 20 मीटर आगे जाने के बाद पेड़ से टकरा गई। टक्कर कंडक्टर साइड की ओर हुई, जहां साहिल बैठा था। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। बैरिकेड्स के नीचे आने से गाड़ी के टायर भी फट गए। प्रियम के खिलाफ सेक्टर-17 थाने में मामला दर्ज किया गया है।
खुद किया इमरजेंसी नंबर पर फोन
साहिल के मामा कृष्ण सिंह के मुताबिक हादसे के बाद साहिल ने अपने मोबाइल से इमरजेंसी नंबर पर कॉल की। कॉल 24 सेकेंड तक चली। इस दौरान उसने दोस्त प्रियम से कहा कि उसे बहुत चोट लगी है। जवाब में प्रियम ने कहा कि उसे नहीं बल्कि साहिल को ज्यादा चोट आई है।
गूगल से तलाशा गांव की दुकान का नंबर
प्रियम ने गूगल पर साहिल के गांव की खाद-बीज दुकान का नंबर तलाशा और रात करीब ढाई बजे बजरंग बीज भंडार के मालिक को फोन कर हादसे की जानकारी दी। दुकानदार ने साहिल के ताऊ राकेश कुमार को सूचना दी। परिजन रात तीन बजे गांव से रवाना हुए और सुबह आठ बजे जीएमसीएच-16 पहुंचे।
विज्ञापन
तीन महीने से मोहाली में रह रहा था साहिल
हिसार जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव ब्याणा निवासी साहिल के पिता पूरणमल खेती करते हैं और मां गृहिणी हैं। उसकी एक छोटी बहन है। साहिल ने गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से बीएससी की थी और खरड़ में अप्रेंटिस कर रहा था। वह तीन महीने से मोहाली के टीडीआई चौक के पास किराये पर रह रहा था। बिहार के नालंदा निवासी प्रियम भी उसके साथ अप्रेंटिस करता था। हादसे में शामिल थार हिसार के गांव पटेवाड़ निवासी सुमित की थी। सुमित और हिमांशु खरड़ में एक कमरे में रहते हैं। शनिवार रात करीब नौ बजे साहिल, प्रियांशु और हिमांशु इसी गाड़ी से चंडीगढ़ आए थे। पुलिस के अनुसार, प्रियम बिहार के नालंदा का रहने वाला है और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा है। वह खरड़ के सेक्टर-125 स्थित सनी एनक्लेव में रहता है। दो दिन से साहिल भी उसके साथ रह रहा था। घायल प्रियम का पीजीआई में इलाज चल रहा है। उसे हल्की चोटें आई हैं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने साहिल का शव परिजनों को सौंप दिया। रविवार को गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
गूगल से गांव की दुकान का नंबर तलाशकर दोस्त ने परिवार को दी सूचना, माता-पिता का इकलौता बेटा था साहिल
हिसार जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव ब्याणा का रहने वाला था साहिल, पिता पूरणमल किसान और मां गृहिणी हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। सेक्टर-16/17 डिवाइडिंग रोड पर शुक्रवार देर रात तेज रफ्तार थार पेड़ से टकरा गई। हादसे में 21 वर्षीय साहिल की जान चली गई जबकि उसका दोस्त प्रियम घायल हो गया। दोनों खरड़ से दोस्त की थार लेकर चंडीगढ़ घूमने आए थे। रात करीब 12:18 बजे बैरिकेड्स के बीच जिग-जैग तरीके से निकलने की कोशिश में चालक गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा। थार डिवाइडर पर चढ़कर करीब 20 मीटर आगे जाने के बाद पेड़ से टकरा गई। टक्कर कंडक्टर साइड की ओर हुई, जहां साहिल बैठा था। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। बैरिकेड्स के नीचे आने से गाड़ी के टायर भी फट गए। प्रियम के खिलाफ सेक्टर-17 थाने में मामला दर्ज किया गया है।
खुद किया इमरजेंसी नंबर पर फोन
साहिल के मामा कृष्ण सिंह के मुताबिक हादसे के बाद साहिल ने अपने मोबाइल से इमरजेंसी नंबर पर कॉल की। कॉल 24 सेकेंड तक चली। इस दौरान उसने दोस्त प्रियम से कहा कि उसे बहुत चोट लगी है। जवाब में प्रियम ने कहा कि उसे नहीं बल्कि साहिल को ज्यादा चोट आई है।
विज्ञापन
गूगल से तलाशा गांव की दुकान का नंबर
प्रियम ने गूगल पर साहिल के गांव की खाद-बीज दुकान का नंबर तलाशा और रात करीब ढाई बजे बजरंग बीज भंडार के मालिक को फोन कर हादसे की जानकारी दी। दुकानदार ने साहिल के ताऊ राकेश कुमार को सूचना दी। परिजन रात तीन बजे गांव से रवाना हुए और सुबह आठ बजे जीएमसीएच-16 पहुंचे।
विज्ञापन
तीन महीने से मोहाली में रह रहा था साहिल
हिसार जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव ब्याणा निवासी साहिल के पिता पूरणमल खेती करते हैं और मां गृहिणी हैं। उसकी एक छोटी बहन है। साहिल ने गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से बीएससी की थी और खरड़ में अप्रेंटिस कर रहा था। वह तीन महीने से मोहाली के टीडीआई चौक के पास किराये पर रह रहा था। बिहार के नालंदा निवासी प्रियम भी उसके साथ अप्रेंटिस करता था। हादसे में शामिल थार हिसार के गांव पटेवाड़ निवासी सुमित की थी। सुमित और हिमांशु खरड़ में एक कमरे में रहते हैं। शनिवार रात करीब नौ बजे साहिल, प्रियांशु और हिमांशु इसी गाड़ी से चंडीगढ़ आए थे। पुलिस के अनुसार, प्रियम बिहार के नालंदा का रहने वाला है और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा है। वह खरड़ के सेक्टर-125 स्थित सनी एनक्लेव में रहता है। दो दिन से साहिल भी उसके साथ रह रहा था। घायल प्रियम का पीजीआई में इलाज चल रहा है। उसे हल्की चोटें आई हैं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने साहिल का शव परिजनों को सौंप दिया। रविवार को गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।