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टीएफटी थियेटर फेस्टिवल
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ के बाल भवन में 29 जनवरी से 27 फरवरी तक नाटकों का महाकुंभ लगने वाला है। इस फेस्टिवल का आयोजन थियेटर फॉर थियेटर की ओर से किया जाएगा। अबकी बार इस फेस्टिवल में कई प्रकार के नाटकों का मंचन किया जाएगा। जिसमें जम्मू-कश्मीर से लेकर नार्थ ईस्ट तक के कलाकारों के नाटकों का मंचन होगा।
इस बार चंडीगढ़ में बिहार के नाटककार संजय उपाध्याय अपना खास नाटक लेकर आएंगे। उनके साथ ही मणिपुर से ज्वाय मेंशन और असम से नाटककार अंकित बरुआ और जम्मू-कश्मीर से बलवंत ठाकुर और मुश्ताक काक यहां अपने नाटकों को लेकर आ रहे हैं। इस थियेटर फेस्टिवल के दौरान आर्ट कॉलेज के स्टूडेंट्स की ओर से इसका पूरा क्रिएशन किया जाएगा। इसमें बाल भवन की एंट्री पर ही कला प्रदर्शनी का आयोजन होगा। थियेटर फेस्टिवल के दौरान ही अलग-अलग संस्थाओं के अलग स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। इन नुक्कड़ नाटकों की थीम सामाजिक सरोकार पर ही होगी।
तीस दिन होगी कार्यशाला
चंडीगढ़ में होने वाले इस थियेटर फेस्टिवल के दौरान तीस दिन लगातार कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में एनएसडी के प्रोफेसर अशोक सागर भगत, मास्क थियेटर की कार्यशाला के लिए असम से अरविंदो बरुआ आएंगे। इसमें क्लासिकल डांस, बॉडी मूवमेंट और मार्शल आर्ट के साथ कई अन्य कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। थियेटर फॉर थियेटर के सचिव सुदेश शर्मा ने बताया कि नाटकों के लिए चंडीगढ़ में एक जबरदस्त आडियंस है। इस आडियंस की खूबी है कि यह कलाकारों का हौसला बढ़ाती है।
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तीस नाटककार और लेखकों से होंगे रूबरू
चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले इस थियेटर फेस्टिवल के दौरान तीस दिन लगातार नाटककारों और लेखकों के साथ रूबरू होकर चर्चा की जाएगी। इसमें नाटककारों के जीवन और उनके अथक परिश्रम के बारे में जानकारी मिल सकेगी। नाटककारों और लेखकों से रूबरू होने के दौरान साहित्य अकादमी की ओर से सम्मानित प्रोफेसर कृपाल कजाक, प्रोफेसर सतीश वर्मा, प्रोफेसर अशोक सागर भगत और एडिशनल मुख्य सचिव विजय वर्धन पहुंचेंगे।
टैलेंट शो का आयोजन होगा
थियेटर फॉर थियेटर की ओर से चंडीगढ़ के बाल भवन में लाइव पेंटिंग, टैलेंट शो के साथ स्केच पेंटिंग जैसे आयोजन भी किए जाएंगे। इसके माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को सामने लाया जाएगा। इस मौके पर एक राष्ट्रीय स्तर का कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के नामी कवियों की ओर से कविताएं सुनाई जाएंगी।
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इस बार चंडीगढ़ में बिहार के नाटककार संजय उपाध्याय अपना खास नाटक लेकर आएंगे। उनके साथ ही मणिपुर से ज्वाय मेंशन और असम से नाटककार अंकित बरुआ और जम्मू-कश्मीर से बलवंत ठाकुर और मुश्ताक काक यहां अपने नाटकों को लेकर आ रहे हैं। इस थियेटर फेस्टिवल के दौरान आर्ट कॉलेज के स्टूडेंट्स की ओर से इसका पूरा क्रिएशन किया जाएगा। इसमें बाल भवन की एंट्री पर ही कला प्रदर्शनी का आयोजन होगा। थियेटर फेस्टिवल के दौरान ही अलग-अलग संस्थाओं के अलग स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। इन नुक्कड़ नाटकों की थीम सामाजिक सरोकार पर ही होगी।
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तीस दिन होगी कार्यशाला
चंडीगढ़ में होने वाले इस थियेटर फेस्टिवल के दौरान तीस दिन लगातार कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में एनएसडी के प्रोफेसर अशोक सागर भगत, मास्क थियेटर की कार्यशाला के लिए असम से अरविंदो बरुआ आएंगे। इसमें क्लासिकल डांस, बॉडी मूवमेंट और मार्शल आर्ट के साथ कई अन्य कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। थियेटर फॉर थियेटर के सचिव सुदेश शर्मा ने बताया कि नाटकों के लिए चंडीगढ़ में एक जबरदस्त आडियंस है। इस आडियंस की खूबी है कि यह कलाकारों का हौसला बढ़ाती है।
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तीस नाटककार और लेखकों से होंगे रूबरू
चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले इस थियेटर फेस्टिवल के दौरान तीस दिन लगातार नाटककारों और लेखकों के साथ रूबरू होकर चर्चा की जाएगी। इसमें नाटककारों के जीवन और उनके अथक परिश्रम के बारे में जानकारी मिल सकेगी। नाटककारों और लेखकों से रूबरू होने के दौरान साहित्य अकादमी की ओर से सम्मानित प्रोफेसर कृपाल कजाक, प्रोफेसर सतीश वर्मा, प्रोफेसर अशोक सागर भगत और एडिशनल मुख्य सचिव विजय वर्धन पहुंचेंगे।
टैलेंट शो का आयोजन होगा
थियेटर फॉर थियेटर की ओर से चंडीगढ़ के बाल भवन में लाइव पेंटिंग, टैलेंट शो के साथ स्केच पेंटिंग जैसे आयोजन भी किए जाएंगे। इसके माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को सामने लाया जाएगा। इस मौके पर एक राष्ट्रीय स्तर का कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के नामी कवियों की ओर से कविताएं सुनाई जाएंगी।